Thursday, September 23, 2021
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फैक्ट चेक: क्या मंदिर में पूजा करने के कारण मारी अमरोहा में ‘सवर्णों’ ने ‘दलित’ को गोली? मीडिया गिरोह ने फैलाया झूठ

सोशल मीडिया पर इस घटना को दलित पर सवर्णों के अत्याचार के रूप में जमकर शेयर किया गया है, जबकि वास्तविकता क्विंट, वायर, लल्लनटॉप, टेलीग्राफ, ऑल्टन्यूज़ जैसे मीडिया गिरोह की हेडलाइन से अलग यह है कि यह मामला मृतक युवक की जाति या मंदिर में पूजा को लेकर नहीं बल्कि........

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिला स्थित हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गाँव डोमखेड़ा में गत 6 जून की रात 4 युवकों ने आपसी रंजिश के चलते घर में घुस कर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मीडिया के कई प्रमुख स्रोतों ने इस खबर को स्पष्ट तौर पर यह साबित करने का प्रयास किया है कि अमरोहा में एक दलित को मंदिर में जाने के कारण गोली से मार दिया गया।

मीडिया द्वारा प्रकाशित की गईं भ्रामक और झूठी हेडलाइन

वामपंथी ‘प्रोपेगेंडा प्रमुख’ – द टेलीग्राफ़ क्विंट, वायर, लल्लनटॉप, टेलीग्राफ जैसे मीडिया गिरोह की हैडलाइन एवं अरफ़ा खानम एवं ऑल्टन्यूज़ के मोहम्मद ज़ुबैर ने भी इस फेक न्यूज़ को फ़ैलाने में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था।

‘दलित-मंदिर’ के मामलों में हिटलर का लिंग नापने वाली वेबसाईट ‘द लल्लनटॉप’ पीछे नहीं रहती –

‘द वायर’ की एक और उपलब्धि –

सत्रह वर्षीय मृतक विकास जाटव नाम के इस युवक के परिजनों ने गाँव के ही दूसरी बिरादरी के 4 लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया। मृतक विकास के परिजनों ने आरोप लगाया था कि इस घटना के सात दिन पहले ही मंदिर में पूजा करने को लेकर एक विवाद हुआ जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। जबकि पुलिस ने जाँच के बाद जाति और मंदिर के कारण गोली मारने जैसे सभी आरोपों से अलग पाया है।

मीडिया द्वारा प्रकाशित इस खबर में दावा किया गया कि मृतक विकास के पिता ओम प्रकाश जाटव का कहना है कि 31 मार्च को कुछ लड़कों ने उनके बेटे को मंदिर में प्रवेश करने से रोका था। इन रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि इसके पहले इस तरह का भेदभाव कभी भी नहीं हुआ था और यह बात खुद विकास के पिता ने मीडिया से कथित तौर पर कही थी।

इन रिपोर्ट्स में कहा गया कि मृतक के पिता ओमप्रकाश जाटव ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को पीटा भी गया और जाति को लेकर अपशब्द भी कहे थे। उन्होंने कहा कि जब उनका बेटा सो रहा था, उसी वक्त उसे दो लोगों ने गोली मार दी और परिवार को धमकी देकर भाग गए।

क्या मृतक युवक की जाति के कारण हुई हत्या?

लेकिन इस घटना पर अमरोहा पुलिस ने खुद छानबीन के बाद एक वीडियो जारी कर स्पष्ट करते हुए कहा कि इस घटना में युवक की जाति और मंदिर में प्रवेश का कोई प्रसंग था ही नहीं। इस वीडियो में अमरोहा पुलिस, थाना हसनपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम डोमखेड़ा में नाबालिग युवक की हत्या करने के सम्बन्ध में सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) विपिन ताडा ने कहा –

“मामला दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। दो की गिरफ्तारी भी हो गई है। इनका ये कहना है कि जो मृतक है उनके भाई के साथ में इनके आम के बगीचे के ठेकों का और मधुमक्खी पालन की साझेदारी थी, जिसमें कि इनके 5 हज़ार रुपए मृतक के भाई पर शेष थे। इसी बात के तकादे को लेकर मृतक और अभियुक्त पक्ष का झगड़ा हुआ, जिसके बाद अभियुक्त गाँव छोड़कर भाग गया। फिर बदला लेने के उद्देश्य से अचानक गाँव में आया और इस युवक को गोली मारकर फरार हो गया। 2 की गिरफ्तारी हो गई है, इनसे पूछताछ करके बाकियों की गिरफ्तारी भी होगी।”

मंदिर में पूजा करने को लेकर विवाद पर पुलिस ने कहा कि वे खुद मौके पर पहुँचे थे और वहाँ लोगों से बात में उन्हें पता चला कि जाँच में ऐसी कोई बात निकलकर सामने नहीं आई।

सोशल मीडिया पर इस घटना को दलित पर सवर्णों के अत्याचार के रूप में जमकर शेयर किया गया है, जबकि वास्तविकता क्विंट, वायर, लल्लनटॉप, टेलीग्राफ, ऑल्टन्यूज़ जैसे मीडिया गिरोह की हेडलाइन से अलग यह है कि यह मामला मृतक युवक की जाति या मंदिर में पूजा को लेकर नहीं बल्कि आपस में मिलजुलकर शुरू किए गए बिजनेस को लेकर था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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