Tuesday, January 26, 2021
Home राजनीति नागरिकता संशोधन विधेयक बना कानून, राज्यसभा में 125-105 से पारित, मोदी-शाह ने दी बधाई

नागरिकता संशोधन विधेयक बना कानून, राज्यसभा में 125-105 से पारित, मोदी-शाह ने दी बधाई

अमित शाह ने कहा कि मुझे आइडिया ऑफ इंडिया की बात मत समझाइए। मैं भी यहीं पैदा हुआ हूँ और मेरी सात पुश्तें यहीं पैदा हुई हैं। मैं जन्मा हूँ यहीं और मरूँगा भी यहीं। मैं कोई बाहर से नहीं आया। मुझे आइडिया ऑफ इंडिया का अंदाजा है।

नागरिकता संशोधन विधेयक को गृहमंत्री अमित शाह ने आज राज्यसभा में पेश किया। जहाँ से यह लम्बी बहस के बाद पास हो गया है। इस बिल के पक्ष में 125 और विपक्ष में 105 वोट पड़े। इस प्रकार राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) बहुमत से पारित हो गया है। इस बिल के लिए कुल 230 वोट पड़े, जिसमें पक्ष में 125 वोट और विपक्ष में 105 वोट पड़े।

पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के गैर मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के प्रावधान वाले इस विधेयक को पेश करते हुए उच्च सदन में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इन तीनों देशों में अल्पसंख्यकों के पास समान अधिकार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी कम से कम 20 फीसदी कम हुई है।

बता दें कि इस बिल को पेश करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज मैं एक ऐतिहासिक बिल लेकर सदन में उपस्थित हुआ हूँ। इस बिल के प्रावधान में, लाखों करोड़ों लोग जो नर्क की यातना का जीवन जी रहे हैं, उन्हें नई आशा दिखाने का ये बिल है। उन्होंने कहा कि ये बिल उन लोगों को, जो धर्म के आधार पर प्रताड़ित होकर भारत आए हैं, उन्हें नागरिकता देने का बिल है। कुछ विशेष छूट भी इस निश्चित वर्ग के लिए हमने सोची हैं। साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों के अधिकारों, उनकी भाषा, संस्कृति और उनकी सामाजिक पहचान को संरक्षित करने के लिए भी हम प्रावधान लेकर आए हैं।

अमित शाह ने राज्यसभा में यह भी कहा कि कभी-कभी कॉन्ग्रेस के कुछ नेता के बयान और पाकिस्तानी नेताओं के बयान घुल-मिल जाते हैं। कॉन्ग्रेस और पाकिस्तान के बयान में कभी-कभी कोई अंतर नहीं होता। आर्टिकल 370 पर यूएन में कॉन्ग्रेस के नेताओं और पाकिस्तान के नेताओं ने जो बयान दिया, वह भी एक है। 

कपिल सिब्बल और चिदंबरम की ओर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि दोनों संसद को डरा रहे हैं कि संसद के दायरे में कोर्ट घुस जाएगा भला। अदालत ओपन है। कोई भी अदालत जा सकता है। हमें इससे डरना नहीं चाहिए। हमारा काम अपनी विवेक, बुद्धि से कानून बनाना है और जो हमने किया है और मुझे विश्वास है कि यह कानून अदालत में भी सही पाया जाएगा।

अमित शाह ने राज्यसभा में जवाब देने के दौरान ममता बनर्जी का नाम लिया, जिस पर टीएमसी सांसदों ने हंगामा कर दिया। दरअसल, अमित शाह घुसपैठ पर ममता बनर्जी के एक बयान को कोट कर रहे थे। अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठ का जिक्र ममता बनर्जी ने 2005 में किया था

अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि कपिल सिब्बल जी ने कहा कि आपको कैसे पता कि जो लोग आ रहे हैं वे धार्मिक आधार पर पीड़ित हैं। तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि हमें इसलिए पता हैं क्योंकि हमारे आँख कान खुले हैं, हमने वोटबैंक के लिए अपने आँख कान बंद नहीं कर रखे हैं। अमित शाह ने आगे कहा कि सिब्बल जी ने कहा कि देश का मुस्लिम आपसे नहीं डरता है। मैं कहता हूँ डरना भी नहीं चाहिए, बस आप उन्हें डराने की कोशिश मत कीजिए। वे कहते हैं कि इस बिल से मुस्लिमों का अधिकार छिन जाएगा, मगर मैं सबको भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि इस बिल से किसी का भी अधिकार नहीं छिनेगा।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार देश के संविधान पर भरोसा रखती है और मैं भरोसा दिलाता हूँ कि यह देश कभी मुस्लिम मुक्त नहीं होगा। 

अमित शाह ने कहा कि मुझे आइडिया ऑफ इंडिया की बात मत समझाइए। मैं भी यहीं पैदा हुआ हूँ और मेरी सात पुश्तें यहीं पैदा हुई हैं। मैं जन्मा हूँ यहीं और मरूँगा भी यहीं। मैं कोई बाहर से नहीं आया। मुझे आइडिया ऑफ इंडिया का अंदाजा है।

बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए या नहीं, इस पर वोटिंग हुई। वोटिंग में शिवसेना ने हिस्सा नहीं लिया। वोटिंग में सेलेक्ट कमेटी को भेजने के पक्ष में कम मतदान हुए, जबकि नहीं भेजने के पक्ष में ज्यादा वोट आए। इस तरह से  नागरिकता संशोधन बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने का विपक्ष का प्रस्ताव गिर गया और पक्ष में 99 और विपक्ष में 124 वोट पड़े।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।
- विज्ञापन -

 

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

‘RSS नक्सलियों से भी ज्यादा खतरनाक, संघ समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं’: कॉन्ग्रेसी सांसद और CM भूपेश बघेल का ज्ञान

कॉन्ग्रेस के सीएम भूपेश ने कहा कि आरएसएस के समर्थक पैर छूकर गोली मार देते हैं। महात्मा गाँधी की हत्या कैसे किया गया था? पहले पैर छुए फिर उनके सीने में गोली मारी।

कैपिटल हिल के लिए छाती पीटने वाले दिल्ली के ‘दंगाइयों’ के लिए पीट रहे ताली: ट्रम्प की आलोचना करने वाले करेंगे राहुल-प्रियंका की निंदा?

कैपिटल हिल वाले अगर दंगाई थे तो दिल्ली के उपद्रवी संत कैसे हुए? ट्रम्प की आलोचना हो रही थी तो राहुल-प्रियंका की निंदा क्यों नहीं? ये दोहरा रवैया अपनाने वाले आज भी फेक न्यूज़ फैलाने में लगे हैं।

‘लाल किले पर लहरा रहा खालिस्तान का झंडा- ऐतिहासिक पल’: ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने मनाया ‘ब्लैक डे’

गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर 'खालिस्तानी झंडा' फहराने को लेकर ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (APML) काफी खुश है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा स्थापित पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टी ने इसे 'ऐतिहासिक क्षण' बताया है।

वीडियो: जब दंगाई को किसी ने लाल किला पर तिरंगा लगाने दिया, और उसने फेंक दिया!

लाल किले पर एक आदमी सिखों का झंडा चढ़ाने खम्बे पर चढ़ा। जब एक आदमी ने उसकी ओर तिरंगा बढ़ाया तो उसने बेहद अपमानजनक तरीके से तिरंगे को दूर फेंक दिया।

देशी-विदेशी शराब से लदी मिली प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर: दिल्ली पुलिस ने किया सीज, देखें तस्वीरें

पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रैक्टर को सीज किया है। सामने आए फोटो में देखा जा सकता है कि पूरा ट्रैक्टर शराब से भरा हुआ है। यानी कि शराब के नशे में ट्रैक्टरों को चलाया जा रहा है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
386,000SubscribersSubscribe