Homeराजनीतिनेपाल पार्टी के बाद तेलंगाना की जनसभा में पहुँचे राहुल गाँधी, थीम का कुछ...

नेपाल पार्टी के बाद तेलंगाना की जनसभा में पहुँचे राहुल गाँधी, थीम का कुछ अता-पता नहीं: वीडियो में पूछ रहे- बोलना क्या है

17 सेकंड की क्लिप में देखा जा सकता है कि राहुल गाँधी कुर्सी पर बैठे हुए बाकी के कॉन्ग्रेस नेताओं से पूछते हैं, “आज का मुख्य विषय क्या है … क्या बोलना है?"

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) नेपाल के दौरे से भारत वापस आ गए हैं। आते ही वो तेलंगाना के दो दिवसीय दौरे पर चले गए हैं। इस बीच उनका एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो कॉन्ग्रेस नेताओं से पूछते दिख रहे हैं कि ‘क्या बोलना है’। ये वीडियो तेलंगाना कॉन्ग्रेस नेताओं के साथ बैठक का है।

17 सेकंड की क्लिप में देखा जा सकता है कि राहुल गाँधी कुर्सी पर बैठे हुए बाकी के कॉन्ग्रेस नेताओं से पूछते हैं, “आज का मुख्य विषय क्या है … क्या बोलना है?” उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (6 मई 2022) को तेलंगाना के दौरे पर पहुँचे राहुल गाँधी किसानों के मुद्दे पर वारंगल में एक जनसभा को संबोधित करने वाले हैं।

राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को तेलंगाना पहुँचे जहाँ उनका वारंगल में किसानों के मुद्दों पर एक जनसभा को संबोधित करना था। बहरहाल इस पर तंज कसते हुए बीजेपी की आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने कहा, “ऐसा तब होता है जब आप निजी विदेश यात्राओं और नाइटक्लबिंग के बीच राजनीति करते हैं।”

इस बीच एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी राहुल गाँधी के इस वीडियो पर कमेंट किया है। ओवैसी ने कहा, “जब आपको ये नहीं पता कि आप तेलंगाना की जनता को क्या संदेश देना चाहते हैं, तो वे आपका समर्थन क्यों करेंगे। ओवैसी ने राहुल गाँधी पर तंज किया कि आपका दिमाग खाली है। आप टीआरएस से कैसे लड़ेंगे। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में कॉन्ग्रेस साफ हो गई है।”

नेपाल में नाइटक्लब विवाद चर्चा में

गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गाँधी नेपाल में एक नाइट क्लब में देखे गए थे। उनके साथ एक महिला भी थी, जिसको लेकर दावे किए गए कि वो चीनी राजदूत होउ यांकी हैं। काफी राजनीति के बाद राहुल के ही करीबी रेवंत रेड्डी ने भी कन्फर्म किया कि वो महिला चीनी राजदूत ही थी। दावा किया जाता है कि वो वहाँ अपनी एक दोस्त की शादी अटेंड करने के लिए गए थे। हालाँकि, उक्त महिला को लेकर एक नई जानकारी सामने आई कि वो भारतीय मूल की पुर्तगाली महिला थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
- विज्ञापन -