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‘मैं गलत समय में खेलती थी’: पूर्व एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने सुनाया कॉन्ग्रेस काल का कड़वा अनुभव, बोलीं – PM मोदी की अगुवाई में भारत बना खेल महाशक्ति

"खेलों इंडिया, फिट इंडिया के जरिए खेलों की बात अब सब जगह हो रही है। भारत अब फिटनेस को अपना रहा है और खेलों में आगे बढ़ रहा है। हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।"

भारत की स्टार एथलीट रही अंजू बॉबी जॉर्ज ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत खेलों की महत्वपूर्ण शक्ति बन गया है। जॉर्ज ने कहा कि हमारे समय में खिलाड़ी ही कम होते थे, अब के जैसा माहौल भी नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले का माहौल खेलों के लिए बेहतर नहीं था। इतना प्रोत्साहन नहीं मिलता था। इसे कॉन्ग्रेस पर हमले की तरह देखा जा रहा है।

बता दें कि पीएम मोदी ने क्रिसमस के मौके पर ईसाई समुदाय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। इसी कार्यक्रम में स्टार एथलीट रही अजूं बॉबी जॉर्ज भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा, “एक खिलाड़ी के तौर पर 25 सालों से सबकुछ देख रही हूँ। पहले की तुलना अब काफी बदलाव देख रही हूँ। जब 20 साल पहले मैंने भारत के लिए विश्व स्तर पर पहला पदक जीता था तब मेरा विभाग मुझे पदोन्नति नहीं दे रहा था। वहाँ सब कह रहे थे कि हमारे यहाँ ऐसा नहीं होता है। उसके बाद जब नीरज चोपड़ा ने पदक जीता तो मैंने काफी बदलाव देखें। हमने, आपने और पूरे भारत ने जिस तरह जश्न मनाया, उससे मुझे काफी जलन हुई। मुझे लगता है कि मैं खेलों में गलत समय पर थी।”

पीएम मोदी की जमकर तारीफ

अंजू बॉबी जॉर्ज ने कहा, “खेलों इंडिया, फिट इंडिया के जरिए खेलों की बात अब सब जगह हो रही है। भारत अब फिटनेस को अपना रहा है और खेलों में आगे बढ़ रहा है। हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे समय एक या दो एथलीट होते थे। अब काफी खिलाड़ी हैं। यह आपके नेतृत्व के कारण हुआ है। महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ शब्द नहीं है। भारत की लड़कियाँ सपना देख रही हैं। उन्हें पता है कि उनका सपना पूरा होगा। इस बात से काफी खुशी है कि हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए तैयार हैं। ओलंपिक के लिए हमने तैयारियाँ शुरू कर दी हैं और उसके लिए बैठके हो रही हैं।”

बता दें कि अंजू बॉबी जॉर्ज ने साल 2003 में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। ऐसा करने वाली वो पहली एथलीट बनीं थी। उस समय खिलाड़ी जो कुछ भी बन रहे थे, अपने दम पर। उनका इशारा इसी तरफ था। अंजू को कर्णम मल्लेश्वरी की श्रेणी में रखा जाता है, जिन्होंने अपने दम पर इतिहास रचा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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