अल्लाह गवाह है कि मैंने उस दिन 1 नहीं बल्कि 15 बॉटल ख़ून दिया था: असदुद्दीन ओवैसी, लोगों ने लिए मजे

ओवैसी ने कहा, "अल्लाह गवाह है कि मैंने उस दिन 1 नहीं बल्कि 15 बॉटल ख़ून दिया था, और हुआ क्या ख़ून भी देता था और अपने हाथ से वो बॉटल लेकर भागता था जहाँ उस ख़ून की ज़रुरत थी।"

चुनावी माहौल है और ऐसे में हवाई वादे चलते हैं पर ये क्या कि कोई हवा बाँधने के चक्कर में कुछ ऐसा कह दे जो संभव ही न हो, साथ ही बेहद बेवकूफाना भी। कुछ ऐसा ही किया है, ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने, वैसे उनका विवादों से गहरा नाता रहा है। अपनी बेतुकी बयानबाज़ी के चलते आए दिन उनकी किरकिरी होती रहती है। रैलियों या समारोहों में भाषण देते समय वो अक्सर इतना बेसुध हो जाते हैं कि उन्हें ख़ुद ही नहीं पता होता कि आख़िर वो बोल क्या रहे हैं! ऐसा हम नहीं बल्कि सोशल मीडिया डोमेन में कहा जा रहा है।

ऐसा ही कुछ विचित्र देखने को मिला उनकी एक रैली में, जहाँ वो लोगों को संबोधित करते हुए कह रहे थे, “एक अस्पताल में ख़ून की ज़रूरत थी तो किसी डॉक्टर ने आवाज़ लगाई कि क्या किसी का ब्लड ग्रुप ओ पॉज़िटिव (O+) है, तो मैंने कहा मेरा है।” इस पर डॉक्टर ने ओवैसी से ख़ून देने के लिए कहा।

इसके आगे ओवैसी ने कहा, “अल्लाह गवाह है कि मैंने उस दिन 1 नहीं बल्कि 15 बॉटल ख़ून दिया था, और हुआ क्या ख़ून भी देता था और अपने हाथ से वो बॉटल लेकर भागता था जहाँ उस ख़ून की ज़रुरत थी।”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

ग़ौर करने वाली बात यह है कि ओवैसी कितनी सफ़ाई से अपने बयान में लोगों को ठगने का काम कर गए। बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि उनके इस बेतुके बयान का सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है। 

दरअसल, एक स्वस्थ्य व्यक्ति के शरीर में लगभग 5-6 लीटर ख़ून होता है। 1 यूनिट ब्लड से मतलब एक बॉटल ख़ून से होता है, जिसमें 350-450 मिलीलीटर ख़ून होता है। ओवैसी के बयान के मुताबिक़ उन्होंने 1 नहीं बल्कि 15 बॉटल ख़ून दिया। इसका मतलब उन्होंने 15 यूनिट ब्लड दिया जो कि हुआ (350×15= 5,250) या (450×15= 6,750 मिलीलीटर)। सरल शब्दों में कहें तो ओवैसी ने उस दिन 5-6 लीटर ख़ून दिया, यानी अपने शरीर की एक-एक बूँद तक उन्होंने डोनेट कर दी।

अश्चर्य इस बात पर होता है कि आख़िर इतना ख़ून देने के बाद उनके अंदर इतनी ताक़त कैसे बनी रही कि वो एक तरफ़ ख़ून भी देते रहे और हर बॉटल को दौड़कर ज़रुरतमंद तक पहुँचाते भी रहे। भई, ये तो किसी करिश्माई कमाल से कम नहीं, क्योंकि जिस अवस्था में कोई दौड़ना तो दूर की बात साँस तक नहीं ले सकता, उस अवस्था में ओवैसी दौड़ रहे थे।

ओवैसी का यह 15 बॉटल वाला वीडियो सोशल मीडिया पर भी ख़ूब छाया हुआ है, जिस पर यूज़र्स जमकर चुटकी ले रहे हैं। किसी ने कहा कि कहीं वो बॉटल 30 मिलीलीटर वाली तो नहीं थी, तो किसी ने लिखा कि वो बॉटल 2 मिलीलीटर वाली होंगी।

मतदाताओं को लुभाने के लिए ओवैसी जैसे नेता भोली-भाली जनता को बरगलाने का कोई मौक़ा नहीं छोड़ते, फिर भले ही अपनी बयानबाज़ी से उन्हें मुँह की ही खानी पड़े।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

"हिन्दू धर्मशास्त्र कौन पढ़ाएगा? उस धर्म का व्यक्ति जो बुतपरस्ती कहकर मूर्ति और मन्दिर के प्रति उपहासात्मक दृष्टि रखता हो और वो ये सिखाएगा कि पूजन का विधान क्या होगा? क्या जिस धर्म के हर गणना का आधार चन्द्रमा हो वो सूर्य सिद्धान्त पढ़ाएगा?"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

115,259फैंसलाइक करें
23,607फॉलोवर्सफॉलो करें
122,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: