Monday, May 20, 2024
Homeराजनीति'अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम असम में चिंता का विषय, हमें इस पर एक्शन लेना ही...

‘अवैध बांग्लादेशी मुस्लिम असम में चिंता का विषय, हमें इस पर एक्शन लेना ही होगा’: CM हिमंत बिस्वा सरमा

"बीजेपी पर आरोप लगाया जाता है कि वह वोट पाने के लिए असम में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को संरक्षण देती है। तो NRC और CAA को लेकर आप क्या कहेंगे। ये आरोप निराधार हैं। अवैध बांग्लादेशी मुसलमान असम में चिंता का विषय है, हमें इस पर एक्शन लेना ही होगा।"

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार (10 अगस्त, 2021) को न्यूज चैनल टाइम्स नाऊ में असम-मिजोरम सीमा विवाद, गोहत्या और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के अलावा कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सभी अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बाहर निकालना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “अवैध बांग्लादेशी प्रवासी यानी मुस्लिम, जिन्होंने हमें चुनाव में एक भी वोट नहीं दिया। उन अवैध बांग्लादेशी मुसलमानों को निकालना है। मैं हर एक बूथ पर गया, मुझे पता है कि एक भी मुस्लिम वोटर ने बीजेपी को एक भी वोट नहीं दिया। ऐसे में बीजेपी पर आरोप लगाया जाता है कि वह वोट पाने के लिए असम में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को संरक्षण देती है। तो NRC और CAA को लेकर आप क्या कहेंगे। ये आरोप निराधार हैं। अवैध बांग्लादेशी मुसलमान असम में चिंता का विषय है, हमें इस पर एक्शन लेना ही होगा।”

इसके साथ ही उन्होंने सीमा विवाद को लेकर कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लिया। सीएम ने कहा कि असम-मिजोरम सीमा विवाद कॉन्ग्रेस की देन है। उनकी गलतियों के कारण यह आज और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस यह कभी नहीं चाहती थी कि नॉर्थ ईस्ट एक रहे।

उन्होंने आगे कहा कि सीमा विवाद को तत्काल हल नहीं किया जा सकता है। दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का ये मामला दशकों पुराना और काफी जटिल है। ऐसे में इसका हल एक रात में नहीं निकाला जा सकता। इसके लिए समय लगेगा।

सीएम ने कहा कि विवाद की शुरुआत में ही पीएम मोदी ने मुझसे बात की थी कि उन्हें यह सब देखकर बहुत पीड़ा होती है। उन्होंने मुझसे कहा था कि पूर्वोत्तर को एकजुट होना चाहिए। ऐसे विवाद पूरे देश के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी असम-मिजोरम सीमा विवाद को राष्ट्रीय मुद्दा मानते हैं। वह इसे हल करने के लिए कोई भी पहल करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि असम सर्वोच्च न्यायालय या केंद्र सरकार के किसी भी सुझाव को मानने के लिए तैयार है, भले ही वह वन क्षेत्र को अभी जैसा ही बनाए रखने के लिए हो। यह राजनीतिक दलों से परे है। यहाँ तक कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनी कमेटियाँ भी इस मसले का समाधान नहीं कर पाईं। मैं असम-मिजोरम सीमा विवाद के संबंध में किसी भी न्यायिक जाँच का सामना करने के लिए तैयार हूँ। मिजोरम के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं। सीएम ने कहा कि औपनिवेशिक शासन ने असम-मिजोरम सीमा विवाद की नींव रखी और आजादी के बाद यह विवाद बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गृ​ह मंत्री अमित शाह का असम-मिजोरम दौरा इस मसले के समाधान की शुरुआत है।

इसके साथ ही सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने असम में गोहत्या रोकथाम कानून का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह कानून गाँधी जी की विचारधारा से प्रेरित है। मैं इन मवेशियों की आबादी की रक्षा करना चाहता हूँ।

बता दें कि 26 जुलाई को असम-मिजोरम सीमा विवाद संघर्ष में असम पुलिस के 6 जवान मारे गए थे और कछार एसपी सहित 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे। असम और मिजोरम सरकारों के प्रतिनिधियों ने हाल ही में एक संयुक्त बयान जारी किया और अंतर-राज्यीय सीमा विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर सहमत हुए। दोनों राज्य की सरकारें खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में असम और मिजोरम में रहने वाले लोगों के बीच शांति और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने पर सहमत हुई हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का इंतकाल, सरकारी मीडिया ने की पुष्टि: हेलीकॉप्टर में सवार 8 अन्य लोगों की भी मौत, अजरबैजान की पहाड़ियों...

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्घटना रविवार को ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हुई थी।

विभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूरे AAP ने किया किनारा, पर एक ‘महिला’ अब भी स्वाति मालीवाल के लिए लड़ रही: जानिए कौन...

स्वाति मालीवाल के साथ सीएम हाउस में बदसलूकी मामले में जहाँ पूरी AAP एक तरफ है वहीं वंदना सिंह लगातार स्वाति के पक्ष में ट्वीट कर रही हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -