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नूहं के मुस्लिमों के पास ममता बनर्जी ने सांसद भेजा, हरियाणा से बंगाल आए लोगों को देंगी ₹5 लाख कर्ज: हिंदुओं को नहीं मिली जलाभिषेक यात्रा की अनुमति

नूहं प्रशासन ने हिंदू संगठनों को अधूरी जलभिषेक यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। दरअसल, 13 अगस्त 2023 को हिंदू संगठनों ने पलवल के पोंडरी गाँव में महापंचायत बुलाई थी। इसमें बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा को 28 अगस्त 2023 को पूरा करने का ऐलान किया गया था।

हरियाणा के मेवात इलाके के नूहं में 31 जुलाई 2023 को इस्लामी भीड़ ने हिंदुओं की जलाभिषेक यात्रा पर हमला कर दिया था। इसके बाद वहाँ बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई थी। अब तृणमूल कॉन्ग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने नूहं हिंसा को लेकर राजनीति शुरू कर दी है। दूसरी ओर, नूहं प्रशासन ने अधूरी जलयात्रा को पूरा करने करने के लिए विश्व हिंदू परिषद को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

दरअसल, ममता बनर्जी ने पार्टी के राज्यसभा सांसद समीरुल इस्लाम नूहं भेजा था। यही नहीं ममता बनर्जी ने नूहं हिंसा के बाद हरियाणा से बंगाल लौटे लोगों को 5 लाख रुपए के लोन देने का ऐलान किया। ममता बनर्जी की यह कोशिश बंगाल हिंसा और वहाँ की लचर कानून व्यवस्था से ध्यान हटाने की कोशिश मानी जा रही है। की।

TMC के राज्यसभा सांसद और पश्चिम बंगाल प्रवासी श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष समीरुल इस्लाम ने अपनी नूहं यात्रा को लेकर कहा है कि उन्होंने नूहं के कई इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौलवियों और विभिन्न राज्यों के मुस्लिम प्रवासी श्रमिकों सहित कम से कम 100 लोगों से मुलाकात की।

समीरुल इस्लाम ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद नूहं आया था। वह प्रवासी मजदूरों, विशेष रूप से मुस्लिमों की दुर्दशा को लेकर चिंतित हैं। उनकी रातों की नींद हराम हो रही है। प्रवासी समुदाय अभी भी दहशत में है। मेरे माध्यम से, उन्होंने मुख्यमंत्री को एक अनुरोध भेजा है और साथ खड़े रहने का आग्रह किया।”

ममता बनर्जी ने इस्लाम को नूहं दौरे खत्म कर दिल्ली लौटने पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। टेलीग्राफ ने रिपोर्ट में तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक सूत्र के हवाले से कहा है कि समीरुल को नूंह भेजना ममता बनर्जी की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा था। इसके जरिए वह खुद को मुस्लिमों के साथ दिखाकर वोट बैंक को अपने पक्ष में लाना चाहती हैं।

इसके अलावा, ममता बनर्जी ने नूहं हिंसा के बाद हरियाणा से बंगाल आए लोगों को ₹5 लाख का कर्ज देने का ऐलान किया। बताया जा रहा है कि नूहं हिंसा के बाद 150 प्रवासी श्रमिक और उनका परिवार बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर में लौट आया है।

तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद समीरुल इस्लाम ने आगे कहा, “जो लोग हरियाणा से लौटे हैं और यहाँ अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, हम उनके लिए 5 लाख रुपये के कर्ज की व्यवस्था करेंगे। कर्ज के लिए हमसे संपर्क करने के लिए हम उनका स्वागत करते हैं।”

नूहं प्रशासन ने नहीं दी शोभायात्रा की अनुमति

दूसरी ओर, नूहं प्रशासन ने हिंदू संगठनों को अधूरी जलभिषेक यात्रा निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। दरअसल, 13 अगस्त 2023 को हिंदू संगठनों ने पलवल के पोंडरी गाँव में महापंचायत बुलाई थी। इसमें बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा को 28 अगस्त 2023 को पूरा करने का ऐलान किया गया था।

इस यात्रा को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने नूहं प्रशासन से अनुमति माँगी थी। हालाँकि, प्रशासन ने मंगलवार (22 अगस्त 2023) को इस यात्रा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारनिया ने कहा है कि जलाभिषेक यात्रा निकालने के लिए आवेदन आया था, लेकिन इस आवेदन को खारिज कर दिया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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