Sunday, September 27, 2020
Home राजनीति कोरोना संकट के कारण जो लौटे हैं उनका पलायन रोकने में हम सक्षम हैं:...

कोरोना संकट के कारण जो लौटे हैं उनका पलायन रोकने में हम सक्षम हैं: बिहार के कृषि मंत्री प्रेम कुमार

"लोकल के लिए वोकल होने का मतलब ही है स्थानीय को प्राथमिकता। प्रकृति ने बिहार को जो अकूत वरदान दिया है उसका फायदा उठाने का वक्त आ गया है। किसानों और कामगारों के सहयोग से हम कोरोना महामारी के चुनौती को अवसर में बदलने के लिए तैयार हैं।"

इसी साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, कोरोना संक्रमण के कारण बदली परिस्थितियों और कृषि क्षेत्र के हालात पर बिहार के कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार से अजीत कुमार झा ने लंबी बात की।

नीतीश कुमार की सरकार में भाजपा के कोटे से मंत्री प्रेम कुमार के इंटरव्यू का संपादित अंश;

लॉकडाउन में जिस तरह घर लौटने के लिए प्रवासी श्रमिकों को मुसीबतें उठानी पड़ी है, उसने पलायन की मजबूरी को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया। इसकी एक बड़ी वजह खेती-किसानी और उससे जुड़े स्थानीय उद्योगों का चौपट होना है। इस सूरतेहाल में बदलाव के लिए क्या प्रयास एनडीए सरकार ने किए हैं?

बिहार की जमीन उर्वरा है। जलवायु कृषि के अनुकूल है। इस क्षेत्र में असीम संभावनाएँ है। 2005 में राज्य में पहली बार एनडीए की सरकार बनी थी। 2008 में हमने कृषि क्षेत्र में विकास का रोडमैप तैयार किया था। उसके बाद से उत्पादकता लगातार बढ़ी है। आज खेती घाटे का सौदा नहीं रहा। बड़े पैमाने पर केला, मशरूम, मखाना, आम और लीची का उत्पादन हो रहा है। राज्य को पॉंच बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिला है। एक तो इसी साल जनवरी में मिला।

- विज्ञापन -

पैदावार की लागत कम करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। साथ ही किसानों को बाजार उपलब्ध कराने पर फोकस है। राज्य में 52 बाजार प्रांगण हैं। इनका इस साल रेनोवेशन पूरा हो जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। मसलन, पटना में 50 एकड़ में बाजार प्रांगण है। वहॉं 5000 दुकानें बनेंगी। इसका मतलब है उससे 25,000 लोगों को सीधा फायदा होगा। किसान हमारी प्राथमिकता में हैं। हमारा लक्ष्य उत्पादन में लागत कम कर उन्हें पैदावार की सही कीमत दिलाना है।

बावजूद पलायन पर इन सालों में कोई असर नहीं दिखता?

जवाब: देखिए समय बड़ा बलवान होता है। देश के दूसरे हिस्से में काम करने गए करीब 40 लाख लोग अब अपनी माटी को चूम रहे हैं। कह रहे हैं यहीं काम करेंगे और बिहार को बढ़ाएँगे। अभी गाँवों में मनरेगा, जल जीवन हरियाली के तहत मजदूरों को काम दिया जा रहा है। सड़कों निर्माण में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। रबी की अभी कटाई हुई है। उपज का अच्छा पैसा मिल रहा है। आगे खरीफ की हमारी तैयारी है। करीब 31 लाख हेक्टेयर में धान, 4 लाख हेक्टेयर में मक्का, 1 लाख हेक्टेयर में दलहन और 50 हजार हेक्टेयर में तेलहन की खेती करने जा रहे हैं। इन सबका असर जल्द दिखने लगेगा। कृषि की बदौलत बिहार खुद को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। कोरोना संकट के कारण जो लौटे हैं, उनको दोबारा पलायन करने से रोकने में हमारा कृषि सेक्टर सक्षम है।

प्रधानमंत्री ने बीते दिनों देश को संबोधित करते हुए ‘लोकल के लिए वोकल’ बनने की बात कही थी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा करने होंगे। क्या बिहार का कृषि सेक्टर रोजगार पैदा करने में सक्षम है? अभी जो श्रमिक लौटकर आए हैं उन्हें यह सेक्टर दोबारा पलायन से रोक पाएगा?

लोकल के लिए वोकल होने का मतलब ही है स्थानीय को प्राथमिकता। प्रकृति ने बिहार को जो अकूत वरदान दिया है उसका फायदा उठाने का वक्त आ गया है। खेती के अलावा दूध के कारोबार से 12 लाख गोपालक जुड़े हुए हैं। राज्य में 22, 775 सहकारी समितियॉं काम कर रही है। दूध हम नेपाल, बंगाल, यूपी, झारखंड भेजते हैं। इसी तरह नॉर्थ-ईस्ट में मिठाई भेजते हैं। 30 हजार तलाब है और मछली उत्पादन पर जोर दे रहे हैं। मधुमक्खी पालन में बिहार का देश में पहला स्थान है। सब्जी के मामले में हम तीसरे पायदान पर हैं। इन सबकी बदौलत किसानों और कामगारों के सहयोग से हम कोरोना महामारी के चुनौती को अवसर में बदलने के लिए तैयार हैं।

सब्जी उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आयोजित तरकारी महोत्सव में किसानों को संबोधित करते मंत्री डॉ. प्रेम कुमार

बेमौसम बरसात से राज्य के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए सरकार क्या कर रही है?

बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि के कारण फरवरी में 11 जिले के 44 प्रखंड, मार्च में 23 जिले के 198 प्रखंड और अप्रैल में 19 जिले के 146 प्रखंडों में किसानों को नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए 7 अरब 16 करोड़ रुपया मँजूर किया गया है। अब तक करीब साढ़े सात लाख किसानों के खाते में पैसा ट्रांसफर किया जा चुका है। आगे भी जॉंच की जा रही है और पैसा भेजा जाएगा। किसानों को हुए नुकसान के पाई-पाई की भरपाई सरकार करेगी।

बाढ़, सुखाड़ बिहार के किसानों के लिए सालाना समस्या है। मुआवजे के इतर इनके स्थायी समाधान का सरकार प्रयास क्यों नहीं कर रही?

ये आज की समस्या नहीं है। सदियों से चली आ रही है। यदि नेपाल में हाई डैम बन जाए तो उत्तर बिहार के किसानों को बाढ़ के संकट से मुक्ति मिल जाएगी। दक्षिण बिहार में ‘जल जीवन हरियाली योजना’ के तहत वर्ष जल का हम संचय करेंगे। गॉंव-गॉंव में तालाब पर अतिक्रमण कर लिया गया था। उसे जिंदा करने का प्रोजेक्ट जल जीवन हरियाली योजना के तहत शुरू किया गया है। 2400 करोड़ रुपए से तीन साल में राज्य के सभी गॉंवों, खेतों, घरों और सरकारी भवनों में वर्षा जल संचय की योजना पर काम हो रहा है। आने वाले कुछ समय में इसकी मदद से बाढ़ और सुखाड़ के संकट का निश्चित तौर पर रास्ता निकलेगा।

रोहतास जाने के क्रम में सरसों के खेतों का मुआयना करते हुए बिहार के कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार

बिहार में ज्यादातर छोटे जोतदार हैं। वे विज्ञान, तकनीक से जुड़े और उनको फायदा हो इसके लिए क्या किए जा रहे हैं?

राज्य में 95 फीसदी छोटे जोतदार हैं, इसलिए सामूहिक खेती पर हम जोर दे रहे हैं। इसके लिए हम समूह बना रहे हैं। करीब 19 हजार कृषक समूह बन गए हैं। सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक की बहाली की गई है, जो गॉंवों में खेतों में जाकर किसानों को विकसित तकनीक मुहैया कराएँगे। उनको ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है।

मछली, मखाना, पान जैसे सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने की क्षमता है। लेकिन लगता नहीं कि सरकार का इस ओर ध्यान है?

इसी को ध्यान में रखकर 23 जिले के लिए 14 फसलों का चयन कर विशेष योजना शुरू की गई है। इससे 10 लाख किसानों को जोड़ने की योजना है। इनकी खेती के लिए उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। बिहार में जो मछली का उत्पादन हो रहा वह बिल्कुल जैविक है। इस समय 6 लाख 42 हजार मीट्रिक टन उत्पादन हम कर रहे हैं। देश में मछली उत्पादन में छठे स्थान पर आ गए हैं। समय बदल रहा। मछली की सप्लाई बाहर शुरू हो गई है। जल्द ही बिहार की मछली वर्ल्ड फेमस होगी।

कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा आयोजित महोत्सव में मंत्री डॉ. प्रेम कुमार

आप गया टाउन से सातवीं बार विधायक चुने गए है। गया कई देशों के लिए आस्था का केंद्र है। एनडीए की पहली सरकार से ही बोधगया को लेकर जो गंभीरता घोषणाओं में दिखती है, वह जमीन पर नजर नहीं आता?

ऐसा नहीं है। वाजपेयी सरकार के समय गया को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया गया। कॉन्ग्रेस के जमाने में बंद हो गए एयरपोर्ट को दुबारा चालू किया गया। राज्य सरकार करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से कन्वेंशन सेंटर बना रही है। 24 घंटे बिजली मिलती है। फोर लेन सड़क का निर्माण हो रहा। पर्यटकों को हर तरह की सुविधा सरकार मुहैया करा रही है। नए रिसॉर्ट, होटल सब लगातार खुल रहे हैं। एनडीए की सरकार बनने के बाद से काफी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट हुआ है।

बीते एक साल पर नजर डालें तो बिहार आपदाओं से ही जूझ रहा है। चमकी बुखार, बाढ़, पटना में जलजमावऔर अब कोरोना। इन सबसे नीतीश कुमार ने सुशासन बाबू की जो छवि गढ़ी थी वो दरकती दिख रही है। आपको लगता है कि उनका चेहरा अब बीजेपी के लिए बोझ बन गया है।

हम मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं। हो सकता है कुछ लोग नाराज हों। लंबे समय तक पद पर बने रहने से यह स्वभाविक भी है। मैं भी 35 साल से विधायक हूँ। लगातार चुने जाने का कारण अच्छा काम रहा है। लेकिन फिर भी कुछ लोगों को लगता होगा कि बहुत हो गया। 40 साल कॉन्ग्रेस, 15 साल लालू और एनडीए कार्यकाल की तुलना कर देख लीजिए सच्चाई सामने आ जाएगी। पता चल जाएगा बिहार कहाँ था और आज कहाँ खड़ा है।

यही आपके ​आलोचक भी पूछते हैं कि जंगलराज का भय दिखाकर कब तक वोट माँगते रहेंगे?

हमारा एजेंडा विकास है। हम उस पर ही वोट माँगते हैं। आगे भी उस पर ही माँगेंगे।

मौजूदा परिस्थिति में बीजेपी के लिए बिहार में अकेले चुनाव लड़ना ही ज्यादा फायदेमंद रहेगा?

यह फैसला लेना राष्ट्रीय नेतृत्व का काम है। वह देखता है कि चुनाव कैसे लड़ा जाए। अकेले लड़ा जाए या मिलकर। यह सब उस समय की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। वैसे बिहार में हम साथ मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं। आगे जो फैसला लेना होगा केंद्रीय नेतृत्व करेगा। वे जो भी फैसला करेंगे देशहित, राज्य हित में ही करेंगे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
देसिल बयना सब जन मिट्ठा

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की पूरी भूमि खाली कराने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

नासिर अब्दुल्ला वही शख्स है, जिसने कंगना पर बीएमसी की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं, इसलिए बुलडोजर चलवाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

‘मारो, काटो’: हिंदू परिवार पर हमला, 3 घंटे इस्लामी भीड़ ने चौथी के बच्चे के पोस्ट पर काटा बवाल

कानपुर के मकनपुर गाँव में मुस्लिम भीड़ ने एक हिंदू घर को निशाना बनाया। बुजुर्गों और महिलाओं को भी नहीं छोड़ा।

नूर हसन ने कत्ल के बाद बीवी, साली और सास के शव से किया रेप, चेहरा जला अलग-अलग जगह फेंका

पानीपत के ट्रिपल मर्डर का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने नूर हसन को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बीवी, साली और सास की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

MP रवि किशन को ड्रग्स पर बोलने के कारण मिल रही धमकियाँ, कहा- बच्चों के भविष्य के लिए 2-5 गोली भी मार दी...

रवि किशन को ड्रग्स का मामला उठाने की वजह से कथित तौर पर धमकी मिल रही है। धमकियों पर उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए 2-5 गोली खा लेंगे तो कोई चिंता नहीं है।

छत्तीसगढ़: वन भूमि अतिक्रमण को लेकर आदिवासी और ईसाई समुदायों में झड़प, मामले को जबरन दिया गया साम्प्रदयिक रंग

इस मामले को लेकर जिला पुलिस ने कहा कि मुद्दा काकडाबेड़ा, सिंगनपुर और सिलाती गाँवों के दो समूहों के बीच वन भूमि अतिक्रमण का है, न कि समुदायों के बीच झगड़े का।

द वायर ने एडिटेड वीडियो से कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के हमले के बारे में फैलाई फर्जी खबरें, यहाँ जाने सच

वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।

ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता नहीं दें काम, सुशांत के मामले को भी जल्द सुलझाए CBI: रामदास अठावले

"ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता काम नहीं दें। ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को फिल्में देना बंद नहीं हुआ तो आरपीआई कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए शूटिंग बंद करने भी पहुँचेंगे।"

मुख्तार अहमद से राहुल बनने की साजिश में वकील फातिमा ने की मदद: SIT को मिली लव जिहाद से जुड़े मास्टरमाइंड की कड़ी

SIT ने कानपुर लव जिहाद मामले के आरोपित का कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में एक महिला वकील फातिमा का पता लगाया है।

मीडिया अगर किसी भी सेलेब्रिटी की गाड़ी का पीछा करेगी तो मुंबई पुलिस गाड़ी जब्त कर ड्राइवर पर करेगी कार्रवाई: DCP

डीसीपी ने कहा कि आज पुलिस ने कई मीडिया वाहनों का अवलोकन किया, जिन्होंने एनसीबी जाँच के लिए बुलाए गए लोगों का पीछा करते हुए पाए गए।

CM योगी को धमकाने वाला ट्रक ड्राइवर गिरफ्तार: मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा करने की दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मारने की धमकी देने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित एटा जिले का रहने वाला है। उससे पूछताछ की जा रही है।

UN में स्थायी सीट के लिए PM मोदी ने ठोकी ताल, पूछा- कब तक इंतजार करेगा भारत, पाक और चीन पर भी साधा निशाना

महामारी के बाद बनी परिस्थितियों के बाद हम 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को लेकर आगे बढ़ रहे हैं। आत्मनिर्भर भारत अभियान, ग्लोबल इकॉनमी के लिए भी एक फोर्स मल्टिप्लायर होगा।

लवजिहाद के लिए पाकिस्तानी संगठन दावत-ए-इस्लामी कर रहा करोड़ों की फंडिंग: कानपुर SIT जाँच में खुलासा

सभी मामलों की जाँच करने के बाद पता चला कि सभी आरोपितों का जुड़ाव शहर की ऐसी मस्जिदों से है, जहाँ पाकिस्तान कट्टरपंथी विचारधारा के संगठन दावते इस्लामी का कब्जा है।

कंगना केस में हाईकोर्ट ने BMC को लगाई फटकार, पूछा- क्या अवैध निर्माण गिराने में हमेशा इतनी तेजी से कार्रवाई करती है बीएमसी?

कोर्ट ने बीएमसी से पूछा कि क्या अवैध निर्माण को गिराने में वह हमेशा इतनी ही तेजी दिखाती है जितनी कंगना रनौत का बंगला गिराने में दिखाई?

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,073FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements