Monday, July 22, 2024
Homeराजनीतिमहाराष्ट्र में दही-हांडी को मिला साहसिक खेल का दर्जा, गोविंदाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी:...

महाराष्ट्र में दही-हांडी को मिला साहसिक खेल का दर्जा, गोविंदाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी: शिंदे सरकार ने जन्माष्टमी पर दी बड़ी सौगात

“महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी उत्सव के लिए बनाए जाने वाले ह्यूमन पिरामिड को साहसिक खेल के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है।”

महाराष्ट्र में श्री कृष्ण जन्माष्टमी बड़ी धूम-धाम से मनाई जाती है। इसी उत्साह को शिंदे सरकार ने अब दोगुना कर दिया है। सीएम एकनाथ शिंदे ने दही-हांडी को साहसिक खेल का दर्जा देने का निर्णय लिया है और इस बार गोविंदाओं को भी बड़ी सौगात सरकार देने वाली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र की शिंदे सरकार ने गुरुवार 18 अगस्त यानि जन्माष्टमी से एक दिन पहले प्रदेश भर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का अनमोल तोहफा दिया है। सीएम ने यह ऐलान किया कि अब दही-हांडी महोत्सव को भी साहसिक खेल का दर्जा मिलेगा। वहीं इसमें भाग लेने वाले तमाम गोविंदाओं को भी सरकार की ओर से विशेष मुआवजा और स्पोर्ट्स कोटा से सरकारी नौकरी का भी अवसर प्रदान किया जाएगा।

आपको बताते चलें कि इसी मुद्दे पर आज विधानसभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा, “महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी उत्सव के लिए बनाए जाने वाले ह्यूमन पिरामिड को साहसिक खेल के रूप में मान्यता देने का फैसला किया है। इस मान्यता के साथ पर्व में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी स्पोर्ट्स कोटा के तहत सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाएँगे।”

सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि ह्यूमन पिरामिड के निर्माण के दौरान किसी प्रतिभागी की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर उसके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही गंभीर रूप से घायल होने वाले खिलाड़ी को सात लाख रुपए और फ्रैक्चर वाले खिलाड़ी को पाँच लाख रुपए दिए जाएँगे।

उन्होंने आगे कहा, “राज्य सरकार ‘गोविंदा’ (प्रतिभागियों) को चोट लगने की स्थिति में उनके इलाज का खर्च भी वहन करेगी। दो साल की पाबंदियों के बाद इस बार दही हांडी उत्सव को राज्य में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा क्योंकि सरकार ने सभी कोरोना संबंधी प्रतिबंधों को हटा दिया है। त्योहार में गोविंदा के ग्रुप शहरों में घूमते हैं और दही हांडी को तोड़कर इनाम जीतने के लिए एक-दूसरे के साथ होड़ करते हैं।”

उद्धव सरकार ने उत्सव पर लगाया था प्रतिबंध

गौरतलब है कि शिंदे सरकार ने पिछले उद्धव सरकार द्वारा दही-हांडी उत्सव पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया था। उद्धव सरकार ने कोरोना महामारी और मानवीय असुरक्षा का हवाला देते हुए इस पर प्रतिबंध लगाया था। उस समय भाजपा और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध भी खूब किया था। मगर इसके बावजूद भी प्रतिबंध नहीं हटाया गया।

लेकिन अब सीएम शिंदे ने उस प्रतिबंध को तो हटाया ही, बल्कि इसमें सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम कर दिया है। वहीं सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने दही हांडी के दौरान कथित आंदोलन के संबंध में दायर सभी कानूनी मामलों को वापस लेने का फैसला किया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

आम सैनिकों जैसी ड्यूटी, सेम वर्दी, भारतीय सेना में शामिल हो चुके हैं 1 लाख अग्निवीर: आरक्षण और नौकरी भी

भारतीय सेना में शामिल अग्निवीरों की संख्या 1 लाख के पार हो गई है, 50 हजार अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है।

भारत के ओलंपिक खिलाड़ियों को मिला BCCI का साथ, जय शाह ने किया ₹8.50 करोड़ मदद का ऐलान: पेरिस में पदकों का रिकॉर्ड तोड़ने...

बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने बताया कि ओलंपिक अभियान के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) को बीसीसीआई 8.5 करोड़ रुपए दे रही है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -