Saturday, June 22, 2024
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पुराने घर को गिरा कर बना दिया गार्डन, फिर चोरी-छिपे बनवाया नया ‘महल’: CM केजरीवाल पर नया खुलासा, 42 स्टाफ पर सरकारी खजाने से खर्च

रानी बिल्डिंग को गिराकर उसकी जगह एक बड़ा गार्डन बनवाया गया है। इस गार्डन के बगल में लॉन टेनिस के लिए एक कोर्ट भी बनाया गया है।

खुद को ‘दिल्ली का मालिक’ बताने वाले अरविंद केजरीवाल के आवास को लेकर एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। नया खुलासा यह है कि केजरीवाल ने चोरी छिपे सीएम आवास में रहने के लिए एक नया ‘महल’ तैयार करवाया है। वहीं, पुराने घर को गिराकर उसकी जगह गार्डन बनाया गया है। यही नहीं, केजरीवाल के इस नए घर की देखरेख के लिए 42 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।

दरअसल, टाइम्स नाउ ने अपनी स्पेशल सीरीज ‘ऑपरेशन शीश महल’ में सेटेलाइट इमेज के सहारे कई बड़े खुलासे किए हैं। नए खुलासे में कहा गया है कि अरविंद केजरीवाल ने सीएम आवास की पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत के नाम पर टेंडर निकाला था। इस टेंडर के तहत पुरानी बिल्डिंग में मरम्मत के साथ ही कुछ बदलाव होने थे। लेकिन, इसकी जगह केजरीवाल ने एक नए सीएम हाउस का निर्माण करवाया है। वहीं, पुरानी बिल्डिंग को गिराकर उसकी जगह एक बड़ा गार्डन बनवाया गया है। इस गार्डन के बगल में लॉन टेनिस के लिए एक कोर्ट भी बनाया गया है।

इस बड़े खुलासे के साथ ही केजरीवाल से यह सवाल पूछा जा रहा है कि यदि पुरानी बिल्डिंग की मरम्मत के लिए टेंडर निकाला गया था तो फिर नई बिल्डिंग क्यों बनाई गई? यदि पुरानी गिराकर नई बिल्डिंग बनवानी ही थी तो इसे छिपाया क्यों गया? इन सभी चीजों का फिलहाल जवाब तो यही है कि केजरीवाल को डर था कि यदि उनके नए ‘महल’ की जानकारी सामने आ गई तो वीआईपी कल्चर खत्म करने की उनकी बातें ढकोसला साबित हो जाएँगी।

केजरीवाल के घर में 42 लोगों का स्टाफ

वहीं, इंडिया टीवी ने अरविंद केजरीवाल के घर की देखरेख करने के लिए नियुक्त किए गए लोगों को लेकर खुलासा किया है। इस खुलासे के अनुसार, केजरीवाल के घर में हाउस कीपिंग यानी कि देखरेख के लिए 42 लोगों का स्टाफ काम कर रहा है। इसमें से 20 लोग सुबह की शिफ्ट में काम करते हैं। वहीं, 10 लोग शाम की शिफ्ट में काम करते हैं। यही नहीं, इन लोगों के काम को देखने के लिए 2 सुपरवाइजर को भी काम पर रखा गया है। इसके अलावा, सीएम हाउस के गार्डन की सफाई और देखरेख के लिए 10 मालियों की नियुक्ति की गई है। इन सभी लोगों को दिल्ली सरकार के खजाने से पैसा दिया जा रहा है।

इससे पहले भी हुए खुलासे

बता दें कि इससे पहले हुए खुलासे में बताया गया था कि CM आवास में 8-8 लाख रुपए के पर्दे लगाए गए। केवल पर्दों पर ही 1 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। कुल 23 पर्दों का ऑर्डर दिया गया था, जिनमें से कुछ अभी लगने बाकी हैं और कुछ लगाए दिए गए हैं। शुरुआत में 8 पर्दे लगाए गए, जिनकी कीमत 45 लाख रुपए थी। दूसरे चरण में 15 पर्दों का ऑर्डर दिया गया, जो 51 लाख रुपए के थे।

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री आवास में लगाने के लिए वियतनाम से मार्बल मँगाया गया। इसे ‘डियोर पर्ल मार्बल’ बोला जाता है, जो सुपीरियर क्वालिटी का होता है। इसकी कीमत 15 लाख रुपए होती है। साथ ही इसे लगाने के लिए भी अलग तरीके से फिटिंग की जाती है। वहीं, एक अन्य खुलासे में सामने आया था कि सीएम केजरीवाल के मुख्यमंत्री आवास में एक-दो नहीं, बल्कि 15 बाथरूम हैं और हर बाथरूम को सजाने-सँवारने में एक-एक लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

LG ने दिए जाँच के आदेश

गौरतलब है कि इन खुलासे के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मामले में जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि इस मामले से जुड़े सारे दस्तावेजों को वो अपने संरक्षण में ले लें और साथ ही सभी तथ्यों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर पेश करें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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