Friday, July 23, 2021
HomeराजनीतिUP में फिल्म सिटी बनाने के ऐलान के बाद CM उद्धव को सताया बॉलीवुड...

UP में फिल्म सिटी बनाने के ऐलान के बाद CM उद्धव को सताया बॉलीवुड शिफ्ट हो जाने का डर, कहा- बर्दाश्त नहीं करेंगे

"मुंबई न केवल भारत की वित्तीय राजधानी है, बल्कि यह सांस्कृतिक राजधानी भी है। बॉलीवुड और सिनेमा बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार पैदा करते हैं।"

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज (अक्टूबर 15, 2020) कहा है कि बॉलीवुड को जिस तरह से मुंबई से खत्म करने या शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है, उसे वह बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे

गुरुवार (अक्टूबर 15, 2020) को मल्टीप्लेक्स और सिनेमा थिएटर मालिकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते हुए उन्होंने कहा, “मुंबई न केवल भारत की वित्तीय राजधानी है, बल्कि यह सांस्कृतिक राजधानी भी है। बॉलीवुड और सिनेमा बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार पैदा करते हैं।”

उन्होंने बताया कि बॉलीवुड अपने सिनेमा के लिए दुनियाभर में बहुत प्रसिद्ध है और हॉलीवुड की फिल्मों की तरह ही शानदार तथा अच्छी फिल्में बनाता है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से यह देखा गया है कि एक निश्चित वर्ग के लोग इसे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और कष्टपूर्ण है।

उन्होंने मल्टीप्लेक्स व सिनेमा थिएटर मालिकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार जल्द ही मल्टीप्लेक्स और सिनेमाघरों को खोलने के लिए SOP पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ठाकरे ने बताया कि सिनेमा हॉल्स को 50 फीसदी सीटों के साथ फिर से खोला जाएगा। इसके साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और सैनेटाइजेशन का भी ख्याल रखा जाएगा।

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मुंबई से बॉलीवुड शिफ्ट हो जाने का डर सताने लगा है। वहीं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री अपने राज्य में फिल्म सिटी बनाने का ऐलान कर चुके हैं। शायद यही कारण है कि गुरुवार को हुई बैठक में सीएम ठाकरे ने अपनी नाराजगी जाहिर की।

याद दिला दें कि अभी कुछ दिन पहले आला अफसरों के साथ बैठक में यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि वर्तमान परिस्थितियों में देश को एक अच्छी फिल्म सिटी की आवश्यकता है। प्रदेश यह जिम्मेदारी को लेने के लिए तैयार है। यहाँ पर एक बेहतरीन फ़िल्म सिटी बनाई जाएगी। इसके लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे का क्षेत्र बेहतर होगा।

योगी आदित्यनाथ ने इस घोषणा के साथ यह भी कहा था कि ये फ़िल्म सिटी फ़िल्म निर्माताओं को एक बेहतर विकल्प उपलब्ध कराएगी। साथ ही, रोजगार सृजन की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी प्रयास होगा। उन्होंने इस सिलसिले में भूमि के विकल्पों के साथ यथाशीघ्र कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘कौन है स्वरा भास्कर’: 15 अगस्त से पहले द वायर के दफ्तर में पुलिस, सिद्धार्थ वरदराजन ने आरफा और पेगासस से जोड़ दिया

इससे पहले द वायर की फर्जी खबरों को लेकर कश्मीर पुलिस ने उनको 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया था। उन पर मीडिया ट्रॉयल में शामिल होने का भी आरोप है।

जिस भास्कर में स्टाफ मर्जी से ‘सूसू-पॉटी’ नहीं कर सकते, वहाँ ‘पाठकों की मर्जी’ कॉर्पोरेट शब्दों की चाशनी है बस

"भास्कर में चलेगी पाठकों की मर्जी" - इस वाक्य में ईमानदारी नहीं है। पाठक निरीह है, शब्दों का अफीम देकर उसे मानसिक तौर पर निर्जीव मत बनाइए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
110,862FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe