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स्वतंत्रता दिवस पर भी राजनीति से बाज नहीं आई कॉन्ग्रेस, लाल किला नहीं पहुँचे खड़गे: सफाई में बोले- आँखों में तकलीफ, पार्टी ऑफिस में फहराना था झंडा

"सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वे पीएम के निकलने से पहले किसी और को वहाँ से जाने नहीं देते। मुझे लगा कि मैं यहाँ समय पर नहीं पहुँच पाऊँगा, साथ ही मैंने सुरक्षा स्थिति और समय की कमी के कारण वहाँ न जाना ही बेहतर समझा।"

देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस पर भी कॉन्ग्रेस राजनीति से बाज नहीं आई। लाल किले पर आयोजित पारंपरिक समारोह में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नहीं पहुँचे। बाद में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि आँखों से संबंधित समस्या होने और पार्टी ऑफिस में समय से राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए उन्होंने इससे दूरी बनाई। लेकिन कॉन्ग्रेस मुख्यालय में अपने संबोधन के दौरान बीजेपी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाने से वे खुद को दूर नहीं रख पाए।

खड़गे ने कहा, “मुझे आँखों में थोड़ी दिक्कत है। प्रोटोकॉल के मुताबिक मुझे सुबह 9:20 पर अपने घर पर झंडा फहराना था। इसके बाद मुझे पार्टी दफ़्तर पर झंडा फहराना था। इसलिए मैं वहाँ ​नहीं पहुँच सका।” आगे उन्होंने कहा, “सुरक्षा इतनी कड़ी है कि वे पीएम के निकलने से पहले किसी और को वहाँ से जाने नहीं देते। मुझे लगा कि मैं यहाँ समय पर नहीं पहुँच पाऊँगा, साथ ही मैंने सुरक्षा स्थिति और समय की कमी के कारण वहाँ न जाना ही बेहतर समझा।”

कॉन्ग्रेस मुख्यालय में केंद्र सरकार पर लगाए आरोप

खड़गे ने कॉन्ग्रेस मुख्यालय में ध्वाजारोहण किया। इस दौरान सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी सहित अन्य कॉन्ग्रेस नेता भी मौजूद रहे। इस मौके पर भी कॉन्ग्रेस आरोप प्रत्यारोप वाली राजनीति को आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र, संविधान और संस्थान तीनों पर बहुत बड़ा खतरा है। संसद में विपक्ष के नेताओं के माइक बंद कर दिए जाते हैं और बाहर कहा जाता है कि हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। संसद में जब मैं खुद ही बात करने के लिए उठता हूँ, तो मेरा माइक बंद हो जाता है। एक तरफ हम लोकतंत्र का ढोल बजाते हैं, तो दूसरी तरफ हमारा मुँह बंद कर दिया जाता है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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