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‘संपत्ति सर्वे’ पर पलटे राहुल गाँधी: कहा- सिर्फ जानना चाहता हूँ कि कितना अन्याय हुआ है, पहले कहा था – लोगों की संपत्ति छीन कर दोबारा बाँटेंगे

राहुल गाँधी ने कहा, "मैंने अभी तक यह नहीं कहा है कि हम कार्रवाई करेंगे। मैं तो बस इतना कह रहा हूँ कि हम पता लगाएँगे कि कितना अन्याय हुआ है।''

देशवासियों की सम्पत्ति का सर्वे करने वाले बयान से राहुल गाँधी ने पलटी मार ली है। उनका कहना है कि इस मामले में एक्शन लेने की बात उन्होंने नहीं की है। इससे पहले राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस के सत्ता में आने पर देश के लोगों की सम्पत्ति का सर्वे करवाने की बात कही थी, इसके साथ ही इस सम्पत्ति को दोबारा बाँटने की भी बात कही गई थी।

राहुल गाँधी ने दिल्ली स्थित जवाहर भवन ने यह बाते कहीं। यहाँ सामाजिक न्याय सम्मेलन में हिस्सा ले रहे थे। इसे कॉन्ग्रेस ने आयोजित किया था। इस आयोजन में उन्होंने अपने सर्वे और एक्स रे वाली बात का बचाव किया है। राहुल गाँधी ने कहा, “मैंने अभी तक यह नहीं कहा है कि हम कार्रवाई करेंगे। मैं तो बस इतना कह रहा हूँ कि हम पता लगाएँगे कि कितना अन्याय हुआ है।”

राहुल गाँधी का कहना है कि उन्होंने जबसे सामाजिक न्याय की बात की है, तब से प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने उन पर हमले करना चालू कर दिया है। राहुल गाँधी ने कहा कि देश के लोगों की सम्पत्ति का एक्सरे करने से समस्या पता चलेगी। गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने इससे पहले देश के लोगों की सम्पत्ति का सर्वे करवाया जाएगा। यह सर्वे सम्पत्ति के दोबारा से बँटवारे को लेकर किया जाएगा। इससे सम्पत्ति बाँटने में सहायता मिलेगी।

राहुल गाँधी ने इस सामाजिक न्याय सम्मेलन में जातिगत जनगणना को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, “ये मेरे लिए राजनीति नहीं है। ये मेरे लिए लाइफ मिशन है। इसे मैं छोड़ने वाला नहीं हूँ। मैं गारंटी से कह रहा हूँ… आप लिख लो…. आप लिख लो… जाति जनगणना को कोई शक्ति नहीं रोक सकती है। जितनी तेजी से इसे रोका गया, उतनी फोर्स से ये वापस आई। हिंदुस्तान के 90 परसेंट लोगों को ये बात समझ में आ गई है।”

राहुल गाँधी के सम्पत्ति के सर्वे और दोबारा बाँटने की बातों के बीच कॉन्ग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने विरासत टैक्स की बात भी की है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अमेरिका में किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसकी 55% सम्पत्ति सरकार ले लेती है और पित्रोदा को यह सही लगता है। भारत में ऐसा कानून नहीं है। उनके इस बयान से कॉन्ग्रेस ने दूरी बना ली थी। कॉन्ग्रेस ने इसे उनकी निजी राय बताया है। पीएम मोदी ने इसको लेकर बताया है कि कॉन्ग्रेस जिन्दगी के साथ और जिन्दगी के बाद लूट की नीति रखती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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