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सत्ता में आते ही सबसे पहले होगी जाति जनगणना: राहुल गाँधी ने कहा- देश के 90% लोगों का मीडिया और न्यायपालिका में जगह नहीं

'सामाजिक न्याय सम्मेलन' में बोलते हुए राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र को क्रांतिकारी मैनिफेस्टो बताया है। मीडिया पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, "इनकी कंपनी में स्टेकहोल्डर्स कौन हैं? इनकी कंपनी में बड़े-बड़े पत्रकार हैं, एंकर हैं... मैंने इनके नाम निकाले। इनमें 95 प्रतिशत वाले लोग हैं ही नहीं। एक ओबीसी एंकर नहीं है, एक दलित एंकर नहीं है, एक दलित एंकर नहीं है।"

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने जाति जनगणना कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना कॉन्ग्रेस के लिए राजनीति नहीं है। यह उनके जीवन का मिशन है और वे इसे नहीं छोड़़ेंगे। उन्होंने चेतावनी वाले अंदाज में कहा कि कोई भी ताकत जाति जनगणना कराने से उन्हें नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार आते ही ऐसा किया जाएगा और ये उनकी गारंटी है।

राहुल गाँधी ने कहा, “ये मेरे लिए राजनीति नहीं है। ये मेरे लिए लाइफ मिशन है। इसे मैं छोड़ने वाला नहीं हूँ। मैं गारंटी से कह रहा हूँ… आप लिख लो…. आप लिख लो… जाति जनगणना को कोई शक्ति नहीं रोक सकती है। जितनी तेजी से इसे रोका गया, उतनी फोर्स से ये वापस आई। हिंदुस्तान के 90 परसेंट लोगों को ये बात समझ में आ गई है।”

उन्होंने आगे कहा, “भले वो आज खुलकर कह नहीं रहे हैं, लेकिन ये बात उनको समझ आ गई है कि हिंदुस्तान के संस्थागत ढाँचा में… हिंदुस्तान की इकॉनोमी में… हिंदुस्तान के ज्यूडिशियरी में… उनकी कोई जगह नहीं है और देश 90 परसेंट उनका है। जैसे ही हमारी सरकार आएगी, पहला काम जाति जनगणना होगा। अब आपको ये जो 90 परसेंट हैं, उन्हें बताना आपका (सभा में मौजूद लोगों का) का काम है।”

‘सामाजिक न्याय सम्मेलन’ में बोलते हुए राहुल गाँधी ने कॉन्ग्रेस के घोषणा पत्र को क्रांतिकारी मैनिफेस्टो बताया है। मीडिया पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “इनकी कंपनी में स्टेकहोल्डर्स कौन हैं? इनकी कंपनी में बड़े-बड़े पत्रकार हैं, एंकर हैं… मैंने इनके नाम निकाले। इनमें 95 प्रतिशत वाले लोग हैं ही नहीं। एक ओबीसी एंकर नहीं है, एक दलित एंकर नहीं है, एक दलित एंकर नहीं है।”

इसी तरह ज्यूडिशियरी की बात करते हुए उन्होंने कहा, “हमने कहा कि जब मीडिया में कोई नहीं है तो ज्यूडिशियरी को देखते हैं। हाई कोर्ट के कुल 650 जज हैं। 90 प्रतिशत आबादी वालों की इसमें भागीदारी सिर्फ 100 की है और वो भी छोटे-छोटे। जब तक आप सुप्रीम कोर्ट में पहुँचोगे, तब तक खतम।” उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि इन लोगों के साथ कितना अन्याय हो रहा है।

राहुल गाँधी ने पिछड़े शब्द को खत्म करने की बात कहते हुए कहा, “ये शब्द मुझे अच्छा नहीं लगता है। सबसे पहले हमें इसे खत्म करना है। भाजपा की पूरी मूवमेंट आपकी हिस्ट्री को मिटाने का है। एक तरह से आपको बीते हुए समय से काट दिया गया है। आपकी हिस्ट्री फूले जी हैं, आंबेडकर जी हैं। मगर यह बहुत चुने हुए लोगों की हिस्ट्री है… दो-तीन-चार लोगों की हिस्ट्री।”

राहुल गाँधी ने कहा, “फूलेजी जैसे करोड़ों लोग थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी खून-पसीना दिया। उनकी कोई बात नहीं करता।” उन्होंने यहाँ तक कहा कि आजादी की लड़ाई में 90 प्रतिशत वालों की केंद्रीय भूमिका थी। आजादी की लड़ाई पिछड़ा, दलित और आदिवासी ने लड़ी, लेकिन उनकी कोई बात नहीं करता।

राममंदिर की चर्चा करते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “राम मंदिर बन गया और उसमें हमारा एक आदमी नहीं दिखा।” बता दें कि राहुल गाँधी भले ही दावा करें कि राम मंदिर की टीम रामेश्वर चौपाल भी हैं, जो खुद दलित हैं। इस तरह राहुल गाँधी ने झूठा एवं कई भ्रामक आरोप भाजपा सरकार पर लगाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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