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कुर्सी बचाकर बोलीं सोनिया- जो हुआ सो हुआ, राहुल को अध्यक्ष बनाने के लिए पार्षद ने खून से लिखी चिट्ठी

पत्र में संदीप तंवर ने लिखा, "श्रीमती सोनिया गाँधी जी, नमस्कार, श्री राहुल गाँधी जी ने पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा है। बुरे समय में देश के लोगों की आवाज सड़क से संसद तक उठाई है। अगर राहुल जी को अध्यक्ष नहीं बनाया गया, तो यह फैसला पार्टी हित में नहीं होगा। धन्यवाद संदीप तंवर।"

कॉन्ग्रेस कार्यसमिति की सोमवार (24 अगस्त 2020) को हुई बैठक का पटाक्षेप उम्मीदों के अनुसार ही रहा। ​इस्तीफे की पेशकश के बाद सोनिया गॉंधी फिर से अंतरिम अध्यक्ष बने रहने के लिए मान गईं।

वे अंतरिम अधक्ष पद पर तब तक बनी रहेंगी, जब तक कोई ‘योग्य’ उम्मीदवार नजर नहीं आ जाता। इसके अलावा एक पैनल का भी गठन किया गया है, जो उन्हें रोजाना गतिविधियों में मदद करेगा। बैठक में फैसला लिया गया कि 6 महीने तक सोनिया कॉन्ग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी रहेंगी और 6 महीने बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा।

इस बैठक के बाद सोनिया गाँधी का पहला बयान आया है। सोनिया गाँधी ने कहा कि मैं दुखी हूँ लेकिन वो मेरे सहयोगी हैं। जो हुआ सो हुआ, हमें साथ में काम करना चाहिए। पत्र लिखने वालों के खिलाफ मेरे मन में कोई दुर्भावना नहीं है।

गौरतलब है कि सोनिया गाँधी का समर्थन करने वाले नेताओं पर निशाना साधने वाले पत्र के बाद CWC की बैठक में आज दिनभर हमेशा की ही तरह ड्रामा हुआ। चिट्ठी में सशक्त केंद्रीय नेतृत्व के साथ पार्टी को चलाने की सही रणनीति पर जोर दिया गया था। इसमें कहा गया था कि नेतृत्व ऐसा हो जो सक्रिय हो और जमीन पर काम करता दिखे।

बैठक के दौरान पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा कि वो अब आगे पार्टी अध्यक्ष नहीं बने रहना चाहती हैं। लेकिन कई नेताओं ने उन्हें पद पर बने रहने की अपील की थी।

आखिरकार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वरिष्ठ नेता एके एंटनी और अन्य ने उनसे नए अध्यक्ष चुने जाने तक इस पद पर बने रहने का आग्रह किया। राहुल गाँधी ने कहा कि पूरे प्रकरण में भाजपा के साथ मिलीभगत होने के बाद विवाद हुआ था। इसके बाद कपिल सिब्बल और गुलाम नबी आज़ाद नाराज हो गए थे और गुलाम नबी आजाद ने इस्तीफा देने तक की भी बात कह डाली।

इसके बाद सिब्बल ने कहा कि राहुल गाँधी ने उनसे यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही। हालाँकि, सोनिया गाँधी कथित तौर पर अध्यक्ष पद छोड़ने पर अड़ी हुई हैं और उन्होंने CWC सदस्यों से नए पार्टी प्रमुख की तलाश की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।

कॉन्ग्रेस कार्यकारिणी की दिनभर चली उबाऊ बैठक के बीच एक अलग किस्म का वाकया भी सामने आया। सोनिया गाँधी के ही अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के कुछ ही देर पहले दिल्ली कॉन्ग्रेस नेता संदीप तंवर ने सोनिया गाँधी को कथित रूप से खून से एक पत्र लिखा। इसमें राहुल गाँधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की माँग की गई थी।

पत्र में संदीप तंवर ने लिखा, “श्रीमती सोनिया गाँधी जी, नमस्कार, श्री राहुल गाँधी जी ने पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा है। बुरे समय में देश के लोगों की आवाज सड़क से संसद तक उठाई है। अगर राहुल जी को अध्यक्ष नहीं बनाया गया, तो यह फैसला पार्टी हित में नहीं होगा। धन्यवाद संदीप तंवर।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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