राहुल गाँधी एक बार फिर से राजनीतिक हंगामा मचाने सार्वजनिक तौर पर सामने आने वाले हैं। कथित तौर पर वो बीते 20 दिनों से विदेश दौरे पर थे, जिसे सीक्रेट रखा गया था। सीक्रेट इसलिए क्योंकि उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं-नेताओं को ये जानकारी नहीं है कि राहुल गाँधी आखिर हैं कहाँ? बताया जा रहा है कि वो 17 जुलाई 2026 को देहरादून में ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में सार्वजनिक उपस्थिति देंगे। आखिरी बार उन्हें इसी ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के कोटा में देखा गया था।
अब कॉन्ग्रेस पार्टी ने ऐलान किया है कि राहुल गाँधी 17 दिसंबर 2026 को देहरादून में ‘छात्रों की गूँज‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसकी तैयारी में पूरी पार्टी जुटी हुई है। चूँकि कोटा-प्रयागराज-पटना-दिल्ली की तरह ही देहरादून को भी शैक्षणिक हब माना जाता है, ऐसे में राहुल गाँधी की टारगेट ऑडियंस छात्रों के ही होने की उम्मीद है।

राहुल गाँधी की गैरमौजूदगी में रद्द हो चुके हैं कई शहरों के कार्यक्रम
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राहुल गाँधी के ‘सीक्रेट’ विदेशी दौरे की वजह से ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम के कई हिस्सों को रद्द कर दिया गया। पहले की रिपोर्ट्स में कहा जा रहा था कि कॉन्ग्रेस पार्टी कोटा की तर्ज पर ही प्रयागराज, पटना, दिल्ली में कार्यक्रमों का आयोजन करेगी, इसके बाद ही राहुल गाँधी देहरादून जाएँगे। लेकिन राहुल गाँधी के सीक्रेट विदेश दौरे की वजह से पहले तो प्रयागराज का कार्यक्रम बिना किसी हो हल्ले के रद्द हो गया, फिर पटना और दिल्ली का भी।
देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रमों का आयोजन, लेकिन नहीं मिल रही चर्चा
द प्रिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, कॉन्ग्रेस पार्टी की ओर से कार्यक्रमों की लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें 10 जुलाई को प्रयागराज (इलाहाबाद), 11 जुलाई को पटना (ये तारीख कई बार बदली, 11 से लेकर 15 तक) और 14 जुलाई को दिल्ली में रैलियाँ होनी थीं। इन सभी के रद्द होने की वजह राहुल गाँधी की अनुपलब्धता बताई गई।
हालाँकि कॉन्ग्रेस पार्टी देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों में इस तरह के आयोजन कर रही है, लेकिन राहुल गाँधी की गैर-मौजूदगी की वजह से इन कार्यक्रमों का कोई खास असर पड़ता नहीं दिख रहा है। इसी कड़ी में राँची में मैराथन दौड़ का आयोजन तक किया गया था, लेकिन राष्ट्रीय राजनीतिक चर्चाओं में ये आयोजन कोई खास जगह नहीं बना पाया।
14 जुलाई का कार्यक्रम 9 अगस्त को खिसका?
कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़े एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर ऑपइंडिया को बताया कि राहुल गाँधी की जो रैली 14 जुलाई 2026 को होनी थी, वो अब 9 अगस्त 2026 को हो सकती है। इसके लिए कॉन्ग्रेस पार्टी ने 6 जुलाई 2026 को एक बैठक भी बुलाई थी। इस बैठक को मीडिया में भी जगह मिली।
BJP का सवाल, कहाँ हैं कॉन्ग्रेस के युवराज?
इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। बीजेपी IT सेट के इन्चार्ज अमिल मालवीय ने भी यही सवाल पूछा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “राहुल गाँधी की 22 जून से 13 जुलाई के बीच की विदेश यात्रा पर रहस्य बरकरार है। वो कहाँ गए हैं? वो किससे मिल रहे हैं? उनकी यात्रा और अन्य खर्चों का वहन कौन कर रहा है? देश के विपक्ष के नेता को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।”
Rahul Gandhi’s foreign trip between 22 June and 13 July remains shrouded in mystery. Where did he go? Who did he meet? Who sponsored his travel and stay? These are legitimate questions that the Leader of the Opposition should come clean about. The public is entitled to know…
— Amit Malviya (@amitmalviya) July 13, 2026
बताया जा रहा है कि राहुल गाँधी लंदन, जर्मनी या फिनलैंड में हो सकते हैं। ऐसा दावा इंडिया टीवी की रिपोर्ट में किया गया है।
बता दें कि राहुल गाँधी की विदेश यात्राओं पर पहले भी विवाद होते रहे हैं। वो आत्यधिक व्यस्त चुनावी समय में भी पार्टी और देश को छोड़कर विदेश जाते रहे हैं। वो साल 2025 में बिहार चुनाव के समय भी पार्टी को मँझधार में छोड़ विदेश यात्रा पर निकल गए थे।


