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4 राज्यों में पार्टी साफ, साथी छोड़ रहे साथ, पर राहुल गाँधी अपनी ही धुन में: संसद सत्र के बीच जा रहे टूर पर विदेश

16 दिसंबर को उन्हें MP/MLA कोर्ट ने भी पेश होने के लिए समन जारी किया है। बेंगलुरु में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

राहुल गाँधी एक बार फिर से कॉन्ग्रेस पार्टी को बीच मँझधार में छोड़ कर विदेश यात्रा पर निकल रहे हैं। 2 दिन पहले ही आए चुनाव परिणामों में कॉन्ग्रेस पार्टी की छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बुरी हार हुई है। संसद का शीतकालीन सत्र भी 1 दिन पहले ही शुरू हुआ है। I.N.D.I. गठबंधन की बुधवार (6 दिसंबर, 2023) को प्रस्तावित बैठक से एक के बाद एक घटक दल किनारा कर रहे हैं। इन सबके बीच राहुल गाँधी विदेश यात्रा के लिए उड़ान भर रहे हैं।

8 दिसंबर से उनका दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों का दौरा शुरू हो रहा है, जिसका आगाज वो मलेशिया से करेंगे। वो उस दिन कुलालम्पुर में लैंड करेंगे और 10 दिसंबर तक वहाँ निवास करेंगे। इसके अगले दिन वो सिंगापुर तक रहेंगे जहाँ उन्हें 12 दिसंबर तक रहना है। 13 दिसंबर को वो इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के दौरे पर पहुँच जाएँगे। वहाँ वो 1 दिन ही रहेंगे। अगले ही दिन वो वियतनाम के लिए उड़ान भरेंगे। आखिरकार 15 दिसंबर को राहुल गाँधी की वतन वापसी होगी और वो दिल्ली के लिए निकलेंगे।

बताया जा रहा है कि राहुल गाँधी इन देशों में विश्विद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को संबोधित करेंगे। वियतनाम में कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं के साथ भी उनकी मुलाकात होगी। 16 दिसंबर को उन्हें MP/MLA कोर्ट ने भी पेश होने के लिए समन जारी किया है। बेंगलुरु में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, ये मामला उसी से जुड़ा है। अभी तक पार्टी ने ये नहीं बताया है कि वो कोर्ट में पेश होंगे या नहीं।

मध्य प्रदेश में कमलनाथ, राजस्थान में अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व के खिलाफ पार्टी में आवाज़ उतरी है, ऐसे में राहुल गाँधी की अनुपस्थिति में क्या पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कॉन्ग्रेस में ‘चलता है’ वाले रुख पर ही काम करेंगे, ये चर्चा का विषय है। एक तरफ भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कमर कस ली है, कॉन्ग्रेस के राहुल गाँधी भारत में ही नहीं रहेंगे। हाँ, विदेश में दिए गए उनके विवादित बयानों से कॉन्ग्रेस पार्टी को यहाँ ज़रूर नुकसान हो सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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