Homeराजनीतिऑपरेशन सिंदूर गेमचेंजर, भारतीय सेना के सामने फुस्स हुए पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक हथियार भी:...

ऑपरेशन सिंदूर गेमचेंजर, भारतीय सेना के सामने फुस्स हुए पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक हथियार भी: राज्यसभा में बोले राजनाथ सिंह, विपक्ष पर कसा ‘लाइटहाउस’ वाला तंज

रक्षा मंत्री ने बताया कि 800 वर्षों की गुलामी के चलते भारतीय जनता को आक्रामक ना मानने की भ्रान्ति पैदा हो गई थी। उन्होंने कहा कि भारतीयों को कमतर दिखाने का प्रयास हुआ। राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि आजादी के आंदोलन में जब क्रांतिकारियों ने साहस दिखाया तो वह रीडिस्कवरी ऑफ़ इंडिया थी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 से अधिक पाकिस्तानी आतंकी मारे गए हैं। उन्होंने यह भी बताया है कि ऑपरेशन के दौरान कोई भी नुकसान भारतीय सैन्य ठिकानों को नहीं पहुँचा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राज्यसभा में मंगलवार (29 जुलाई, 2025) को अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि भारत ने 7-8 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर किया था, लेकिन इसका उद्देश्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना ही था। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी मारे गए।

उन्होंने बताया कि भारत के आत्मसुरक्षा में कार्रवाई करने के बावजूद 10 मई की रात पाकिस्तान ने कई मिसाइलों और ड्रोन से भारत पर हमला करने का प्रयास किया और साथ ही इलेक्ट्रॉनिक हथियार भी उपयोग किए। रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के निशाने पर भारतीय वायु सेना और सेना के अड्डे थे।

रक्षा मंत्री ने बताया कि इस हमले को भारतीय सेनाओं ने नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के हमले में कोई भारतीय एसेट को नुकसान नहीं हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने पकिस्तान के बड़े एयरबेस तबाह किए, उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को पूरी दुनिया ने देखा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 10 मई, 2025 को जब भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में कहर मचाया तो वह घुटनों पर आ गया और सीजफायर की पेशकश की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि यह भी स्पष्ट किया गया था कि किसी भी आतंकी घटना पर ऑपरेशन वापस चालू हो जाएगा।

रक्षा मंत्री ने बताया कि 800 वर्षों की गुलामी के चलते भारतीय जनता को आक्रामक ना मानने की भ्रान्ति पैदा हो गई थी। उन्होंने कहा कि भारतीयों को कमतर दिखाने का प्रयास हुआ। राजनाथ सिंह ने यह भी बताया कि आजादी के आंदोलन में जब क्रांतिकारियों ने साहस दिखाया तो वह रीडिस्कवरी ऑफ़ इंडिया थी।

उन्होंने कहा कि हिन्दू देवी देवताओं श्रीराम और शिव कृष्ण ने शस्त्र धारण किया है, उन्होंने हमें कायरता का पाठ नहीं पढ़ाया है। रक्षा मंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारतीय पहचान को वापस जानने की प्रक्रिया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले के समय में आतंकी भारत में घुस कर लोगों का कत्लेआम करते थे और सरकारें देखती थी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब यह नहीं चलेगा। उन्होंने पाकिस्तान और आतंकियों ने सोचा था भारत में हमले करना एक लो कॉस्ट हाई रिटर्न काम है लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने इस इक्वेशन को बदल दिया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर गेम चेंजर साबित हुआ है।

रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अभी ऑपरेशन सिंदूर पर सिर्फ स्टॉप है, फुल स्टॉप नहीं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अगर नहीं किया जाता तो क्या विकल्प था, क्या भारत को डोजियर सौंपना था। रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान की न्यूक्लियर धमकी के चलते बड़ी संख्या में नागरिकों को खोया गया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर प्रहार भी किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नीतिगत गड़बड़ी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने इसके लिए ‘बाप मरे अँधेरे में, बेटा पॉवर हाउस’ वाली कहावत सुनाई। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह दिन आएगा जब POK के लोग भारतीय प्रशासन व्यवस्था का हिस्सा होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कॉन्ग्रेस पर हमला करने के लिए एक गजल भी सुनाई।

राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि दुश्मन का इस ऑपरेशन में बड़ा नुकसान हुआ है और विपक्ष को उससे जुड़े प्रश्न पूछने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 1962 के बाद जो प्रश्न पूछे थे उनमें था कि देश की जमीन क्यों गई, यह नहीं कि मशीन का क्या नुकसान हुआ।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र की हीलाहवाली पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने पाकिस्तान के ट्रैक रिकॉर्ड पर भी प्रश्न उठाए। उन्होए UPA सरकार के पहले एक्शन ना लेने को भी इस दौरान घेरा। इससे पहले लोकसभा में भी उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर बयान दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉकरोच जनता पार्टी: ‘क्रांति’ की रील और लोकतंत्र की रियलिटी

कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, आतंकी भिंडरावाले को सेना ने इसी दिन 42 साल पहले किया था ढेर: जानें कट्टरपंथी क्यों...

श्री अकाल तख्त साहिब के पास बड़ी संख्या में कट्टरपंथी और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने खालिस्तानी संगठनों और भिंडरावाले के पोस्टर लहराए।
- विज्ञापन -