Sunday, July 14, 2024
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‘डिलीट करो वीडियो’: सुनीता केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, पति का भाषण दिखाने के लिए रिकॉर्ड कर वायरल कर दी थी कोर्ट की कार्यवाही

कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर दाखिल की गई PIL पर सुनवाई करते हुए उन्होंने ये आदेश दिया। अधिवक्ता वैभव सिंह ने सुनीता केजरीवाल के अलावा अन्य AAP नेताओं व समर्थकों के खिलाफ भी जनहित याचिका दायर की थी।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शराब घोटाले में फ़िलहाल जेल में बंद हैं। लोकसभा चुनाव प्रचार 2024 के लिए उन्हें जमानत मिली थी, लेकिन फिर उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा। अब उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोशल मीडिया से एक वीडियो हटाने के लिए कहा है। असल में सुनवाई के दौरान जब अरविंद केजरीवाल खुद अदालत को संबोधित कर के अपना पक्ष रख रहे थे, तब का वीडियो सुनीता ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था।

अरविंद केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया था। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने शनिवार (15 जून, 2024) को ये आदेश दिया। कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर दाखिल की गई PIL पर सुनवाई करते हुए उन्होंने ये आदेश दिया। अधिवक्ता वैभव सिंह ने सुनीता केजरीवाल के अलावा अन्य AAP नेताओं व समर्थकों के खिलाफ भी जनहित याचिका दायर की थी, जिन्होंने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाया था।

इन सभी को अब ये वीडियो हटाना होगा। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 9 जुलाई, 2024 को होगी। कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो को रिकॉर्ड और शेयर करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज करने की भी माँग की गई है। बताया जा रहा है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद ट्रायल कोर्ट की जज को खतरा है। कोर्ट की कार्यवाही का ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने को याचिकाकर्ता ने साजिश करार दिया। साथ ही उन पर अदालत की अवमानना के 1971 वाले कानून के तहत सज़ा देने की माँग भी की गई है।

X, इंस्टाग्राम और फेसबुक को भी दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इस तरह के कंटेंट वो खुद से ही हटाएँ। ये वीडियो 28 मार्च का है, जब केजरीवाल ने राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी दलीलें खुद पेश की थीं। उस वीडियो में दिल्ली सीएम ने ED को भाजपा का वसूली वाला रैकेट बताया था। 2021 में हाईकोर्ट दिल्ली द्वारा बनाए गए नियमों के हिसाब से ऐसे वीडियो को प्रसारित करना अपराध है। याचिका में कहा गया था कि इससे पहले या बाद की सुनवाइयों में केजरीवाल ने खुद दलील नहीं पेश की, ऐसे में ये साजिश है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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