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राहुल गाँधी को दिल्ली पुलिस का नोटिस, यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की माँगी जानकारी: J&K में दिया था ‘एक बलात्कार पीड़ित लड़की’ वाला बयान

राहुल गाँधी को यह नोटिस ऐसे वक्त में मिला है, जब विदेश में दिए गए बयानों को लेकर वे विवादों में घिरे हैं। इसको लेकर गुरुवार को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि वे दुर्भाग्य से सांसद हैं।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को दिल्ली पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनसे उन महिलाओं के बारे में जानकारी माँगी गई है, जिन्होंने कथित तौर पर उनसे यौन उत्पीड़न की बात कहते हुए सुरक्षा माँगी थी। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों के आधार पर कॉन्ग्रेस नेता को सवालों की एक सूची भी भेजी है।

दरअसल, भारत जोड़ो यात्रा के अंतिम चरण में कॉन्ग्रेस सांसद ने जम्मू कश्मीर में महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर बयान दिया था। राहुल गाँधी ने श्रीनगर में कहा था कि उन्होंने महिलाओं के यौन उत्पीड़न के बारे में सुना है। उन्होंने कहा था, “एक बलात्कार पीड़िता ने मुझसे मुलाकात की। वह लड़की अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। मैंने उससे कहा क्या हम पुलिस से शिकायत करें? लड़की ने यह कहते हुए शिकायत करने से मना कर दिया कि उसे शर्मिंदगी का सामना करना होगा।”

दिल्ली पुलिस ने इस बयान के आधार पर यौन उत्पीड़न का शिकार महिलाओं की जानकारी माँगी है ताकि उन तक मदद पहुँचाई जा सके। नोटिस देने के लिए दिल्ली पुलिस की टीम राहुल गाँधी के घर गई थी।

राहुल गाँधी को यह नोटिस ऐसे वक्त में मिला है जब विदेश में दिए गए बयानों को लेकर वे विवादों में घिरे हैं। इसको लेकर गुरुवार (16 मार्च 2023) को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान कहा कि एक सांसद के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है कि वे अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का जवाब संसद में दें।

बता दें इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गाँधी ने कहा था कि वे दुर्भाग्य से सांसद हैं। इसके बाद कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने उन्हें टोका था। फिर सुधार करते हुए राहुल गाँधी ने कहा, “मैं पार्लियामेंट गया और स्पीकर से कहा कि मुझ पर चार मंत्रियों ने आरोप लगाया है। इस पर मैं जवाब देना चाहता हूँ। …क्लियरिटी नहीं है, मगर मुझे नहीं लगता कि मुझे बोलने देंगे। मैं होपफुल (आशान्वित) हूँ कि कल मुझे बोलने देंगे।”

दरअसल, राहुल गाँधी ने कैम्ब्रिज में अपने संबोधन के दौरान अपने ही देश पर कीचड़ उछाला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि संसद में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जाता। उनकी माइक बंद कर दी जाती है। राहुल ने आरोप लगाया था कि भारत में सिखों और मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया गया है।

राहुल गाँधी के इन बयानों के बाद से ही भाजपा उनपर हमलावर है। एक पहले ही केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गाँधी पर हमला बोला। स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका द्वेष अब भारत द्वेष में बदल चुका है। उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता ने ऐसे देश में जाकर विदेशी ताकतों का आह्वान किया, जिनका इतिहास भारत को गुलाम बनाने का रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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