Tuesday, July 23, 2024
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कैम्ब्रिज में राहुल गाँधी ने खोल दिया पूरा ‘टूलकिट’, कोर्ट से लेकर प्रेस तक फैलाया प्रोपेगेंडा: बोले अुनराग ठाकुर- उनके दिमाग में है पेगासस

"एक व्यक्ति (प्रधानमंत्री) के लिए उनकी (राहुल गाँधी) नफरत बार-बार देश के लिए नफरत में बदल जाती है। मामले पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना चुकी है, लेकिन वो फिर भी झूठ फैला रहे हैं। जिनकी दादी ने आपातकाल लगाया वे लोकतंत्र का उपदेश दे रहे हैं।"

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी इस समय सात दिनी ब्रिटेन के दौरे पर हैं। विदेश धरती पर भी वे उस टूलकिट का अनुसरण कर रहे हैं जो भारत और मोदी सरकार को बदनाम करने की नीयत से तैयार की गई है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन के दौरान कॉन्ग्रेस नेता ने पेगासस, कोर्ट, प्रेस से लेकर संसद तक पर प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने का काम किया।

उन्होंने संबोधन के दौरान बड़ी संख्या में नेताओं के फोन में पेगासस होने का दावा किया। कहा कि उनके फोन में भी पेगासस था। कथित तौर पर इंटेलीजेंस अधिकारियों ने उन्हें फोन का सँभलकर इस्तेमाल करने की सलाह दी थी, क्योंकि फोन की रिकॉर्डिंग की जा रही थी। राहुल गाँधी ने भारत में लोकतंत्र पर हमले होने की बात भी कही। कहा कि मीडिया, न्यायपालिका और लोकतंत्र पर प्रहार हो रहा है। अल्पसंख्यकों और जनजातीय लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

गौरतलब है जुलाई 2021 में आई एक ग्लोबल रिपोर्ट में भारत सहित कई देशों में मोबाइल को पेगासस स्पाईवेयर द्वारा निशाना बनाए जाने का दावा किया गया था। विपक्षी दलों ने केंद्र की मोदी सरकार पर जासूसी कराए जाने का आरोप लगाते हुए इस इजरायली स्पाईवेयर को लेकर खूब हंगामा मचाया ​था। इजरायली कंपनी ने इसके गलत इस्तेमाल से इनकार किया था। केंद्र सरकार ने भी कई मौके पर नेताओं के फोन टैप किए जाने की बात को नकारा था। सुप्रीम कोर्ट के पैनल ने भी जिन फोनों की जाँच की थी उनमें से केवन 5 में स्पाईवेयर मिले थे। इनके भी पेगासस होने के सबूत नहीं मिले थे। बावजूद इसके कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ बोलने से राहुल गाँधी ने गुरेज नहीं किया।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा है कि राहुल गाँधी को मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड विधानसभा चुनावों के नतीजों का अंदाजा पहले से था। इसलिए वे विदेशी धरती पर जाकर रोने-धोने का काम रहे हैं। पेगासस मामले पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेगासस उनके फोन में नहीं दिमाग में है। राहुल गाँधी की क्या मजबूरी थी कि उन्होंने अपना फोन जमा नहीं करवाया। भ्रष्टाचार के मामले में बेल पर चल रहे राहुल गाँधी के फोन में ऐसा क्या था कि उन्हें छिपाने की जरूरत पड़ी।

ठाकुर ने राहुल गाँधी पर विदेशी धरती पर विदेशी दोस्तों के जरिए देश को बदनाम करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान बढ़ा है। दुनिया भर के बड़े-बड़े नेता इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। राहुल गाँधी किसी और की नहीं कम से कम इटली के पीएम और उनके नेताओं की सुन लेते। राहुल गाँधी दुनिया के नेताओं द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री की प्रसन्नता स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

बता दें कि गुरुवार (2 मार्च, 2023) को प्रधानमंत्री मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जियोर्जिया मेलोनी ने कहा था, “प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे चहेते नेता हैं। ये साबित हो चुका है कि वो कितने बड़े लीडर हैं। इसके लिए उन्हें बधाई।”

वहीं भाजपा नेता शहजाद पुनावाला ने राहुल गाँधी को सुप्रीम कोर्ट का फैसला याद दिलाया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि एक व्यक्ति (प्रधानमंत्री) के लिए उनकी (राहुल गाँधी) नफरत बार-बार देश के लिए नफरत में बदल जाती है। मामले पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना चुकी है, लेकिन वो फिर भी झूठ फैला रहे हैं। जिनकी दादी ने आपातकाल लगाया वे लोकतंत्र का उपदेश दे रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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