Thursday, January 27, 2022
Homeराजनीतिगुपकार गैंग की एकता में दरार: अब कॉन्ग्रेस ने डीडीसी चुनावों में PDP के...

गुपकार गैंग की एकता में दरार: अब कॉन्ग्रेस ने डीडीसी चुनावों में PDP के खिलाफ उतारे उम्मीदवार

पीडीपी के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कॉन्ग्रेस दक्षिण कश्मीर में पीडीपी के खिलाफ उम्मीदवार उतार रही है। नेता ने कहा, "कॉन्ग्रेस यहाँ पूरी तरीके से गेम बिगाड़ रही है, ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस का सीटों के बँटवारे को लेकर समझौता सिर्फ नेशनल कॉन्फ्रेंस से हुआ है।"

अनुच्छेद 370 की विदाई को एक साल से ज्यादा हो गए लेकिन जम्मू कश्मीर की राजनीतिक पार्टियाँ अब भी ये बात पचा नहीं पा रही हैं कि उनकी दुकानें बंद हो चुकी है। महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला जैसे नेताओं की बौखलाहट बढ़ रही है। उन्होंने विदेशी ताकतों की मदद से 370 की बहाली का संकल्प लिया है और उसे गुपकार समझौते का नाम दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने गुपकार गठबंधन पर जोरदार हमला किया और उसे ‘गुपकार गैंग’ बता दिया।

वहीं अब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बने गुपकार गुट की एकता में दरार पैदा हो गई है। डीडीसी चुनावों में उतरने जा रही कॉन्ग्रेस ने कई सीटों पर पीडीपी कैंडिडेट के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक डीडीसी चुनावों के दूसरे फेज के मतदान के लिए त्राल, लरनू, केल्लर, तंगधार में कॉन्ग्रेस के उम्मीदवारों ने पर्चा भरा है। लेकिन इससे पहले गठबंधन ने फैसला किया था कि यहाँ पर पीडीपी के उम्मीदवार उतारे जाएँगे।

सेंट्रल कश्मीर के बडगाम में पीडीपी के जिला अध्यक्ष नजीर अहमद खान ने नामांकन किया है, जबकि गुपकार की बैठक में फैसला किया गया था कि इस सीट से नेशनल कॉन्फ्रेंस का उम्मीदवार पर्चा भरेगा। नजीर अहमद खान ने कहा है कि संगठन ने उन्हें पत्र सौंपा था और उसे ही उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन ऐन मौके पर उनकी उम्मीदवारी हटा दी गई और ये सीट नेशनल कॉन्फ्रेंस को दे दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरकर उन्होंने कोई गलती की है।

पीडीपी के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि कॉन्ग्रेस दक्षिण कश्मीर में पीडीपी के खिलाफ उम्मीदवार उतार रही है। नेता ने कहा, “कॉन्ग्रेस यहाँ पूरी तरीके से गेम बिगाड़ रही है, ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस का सीटों के बँटवारे को लेकर समझौता सिर्फ नेशनल कॉन्फ्रेंस से हुआ है।”

बताया जा रहा है कि किश्तवाड़ में पीडीपी और एनसी के नेता आमने-सामने आ गए हैं। एक दल ने पीपुल्स अलासंय फॉर डिक्लेरेशन के बैनर तले अपने उम्मीदवार को उतारा तो दूसरे दल ने उसके खिलाफ अपने उम्मीदवार को खड़ा कर दिया। इसी तरह से कालाकोट के मोगला में भी एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवारों को उतारा गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लोरन, बुफलेजाय, सूरनकोट में दलों ने एक-दूसरे के खिलाफ निर्दलीय कैंडिडेट उतार दिए हैं। पीरी बुधल में कॉन्ग्रेस और एनसी एक-दूसरे के सामने अपने अपने उम्मीदवार उतार चुकी है। डांगरी में पीडीपी ने एनसी के उम्मीदवार के खिलाफ अपने निर्दलीय उम्मीदवार को उतार दिया है।

गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस ने लंबी फजीहत के बाद मंगलवार (नवंबर 17, 2020) को गुपकार गठबंधन से अपनी दूरियों का ऐलान आधिकारिक तौर पर कर दिया। भाजपा नेता व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। गृह मंत्री ने गुपकार गैंग के उद्देश्य सामने रखते हुए कॉन्ग्रेस से पूरे मामले पर अपना स्टैंड क्लियर करने को कहा था।  इससे पहले खबर थी कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के खिलाफ बेहद मुखर रही कॉन्ग्रेस पार्टी भी इस विवादास्पद गठबंधन में शामिल हो गई

एक राष्ट्रीय पार्टी का अलगाववादी नेताओं के साथ प्रेम, देश और जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक भविष्य के लिए एक चिंताजनक बात है और ये आगे चलकर साबित करेगा कि कॉन्ग्रेस दोमुँहेपन की पराकाष्ठा को पार कर चुकी हैl अमित शाह ने गुपकार गैंग और कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए कहा था कि गुपकार गैंग कश्मीर को आतंक युग में ले जाना चाहता है। इतना ही नहीं अमित शाह ने ये भी कहा कि अगर गुपकार गैंग देश के मूड के साथ नहीं आता है, तो जनता उसे डुबो देगी। 

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘योगी जैसा मुख्यमंत्री मुलायम सिंह और अखिलेश भी नहीं रहे’: सपा के खिलाफ प्रचार पर बोलीं अपर्णा यादव- ‘पार्टी जो कहेगी करूँगी’

अपर्णा यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें मेरा समाजसेवा का काम दिखा था, जबकि अखिलेश यह नहीं देख पाए।

धर्मांतरण के दबाव से मर गई लावण्या, अब पर्दा डाल रही मीडिया: न्यूज मिनट ने पूछा- केवल एक वीडियो में ही कन्वर्जन की बात...

लावण्या की आत्महत्या पर द न्यूज मिनट कहता है कि वॉर्डन ने अधिक काम दे दिया था, जिससे लावण्या पढ़ाई में पिछड़ गई थी और उसने ऐसा किया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
153,876FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe