Wednesday, July 24, 2024
Homeराजनीतिपंजाब में 'किसानों की पार्टी' ने भर-भर के उद्योगपतियों को बाँटे टिकट, कृषि कानूनों...

पंजाब में ‘किसानों की पार्टी’ ने भर-भर के उद्योगपतियों को बाँटे टिकट, कृषि कानूनों को बताया था उद्योगपतियों का कानून

"हमारा ये फैसला है कि लुधियाना शहर की 6 सीटों से उद्योपतियों को टिकट दिया जाएगा। हमने 14 जनवरी, 2022 तक चुनाव लड़ने के इच्छुक योग्य लोगों से आवेदन मँगाए थे।"

किसान आंदोलन के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में किस्मत आज़मा रहे गुरनाम सिंह चढूनी की पार्टी ने लुधियाना शहर में 6 उद्योगपतियों को टिकट दिया है। इस बात की घोषणा संयुक्त समाज मोर्चा (एसएसएम) के नेता प्रेम सिंह भंगू ने शुक्रवार (14 जनवरी) को एक प्रेस वार्ता के दौरान की। इन प्रत्याशियों के होर्डिंग्स और बैनर भी लगाए जा चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रेम सिंह भंगू ने कहा, “हमारी पार्टी ने पहले ही कहा था कि वो सभी 117 सीटों पर अच्छे और योग्य उम्मीदवार उतारेगी। हमें प्रतिक्रिया भी अच्छी मिली है। हमारा ये फैसला है कि लुधियाना शहर की 6 सीटों से उद्योपतियों को टिकट दिया जाएगा। हमने 14 तारीख़ तक चुनाव लड़ने के इच्छुक योग्य लोगों से आवेदन मँगाए थे। इस दौरान हर विधानसभा से बहुत बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। अब तक लगभग 1273 लोगों ने अपना आवेदन दिया है। उन सभी की जाँच पड़ताल की जाएगी। यहाँ किसी की सिफारिश आदि नहीं चलेगी। ये सब दूसरी पार्टियों में होता होगा। हम किसी के साथ नाइंसाफी नहीं चाहते। हम 16 तारीख को बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के नाम का एलान करेंगे। इसमें कई विधानसभाओं के उम्मीदवार होंगे।”

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में संयुक्त समाज मोर्चा के स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य प्रोफेसर मंजीत सिंह भी मौजूद थे। मोर्चे का बैनर हरे रंग में था। उस पर पार्टी का नाम पंजाबी, हिंदी और उर्दू में लिखा हुआ था। प्रेस कॉन्फ्रेस में बताया गया कि उनकी पार्टी से बहुत अच्छे लोग लड़ना चाह रहे हैं। उम्मीदवारों में अर्जुन पुरस्कार विजेता भी हैं।

गौरतलब है कि पूरे किसान आंदोलन के दौरान मोदी सरकार को उद्योगपतियों की सरकार होने का आरोप लगाया जाता रहा। तीनों कृषि कानून को भी उद्योगपतियों का भला करवाने वाला बताया गया था। इस दौरान अंबानी और अडानी के नाम सबसे ज्यादा लिए गए। रिलायंस के टॉवरों को भी कई जगहों पर हानि पहुँचाई गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -