Friday, April 19, 2024
Homeराजनीति'हिंदुओं को हिलाना है, मोदी-शाह को गिराना है' - जिस MLA ने नहीं कही...

‘हिंदुओं को हिलाना है, मोदी-शाह को गिराना है’ – जिस MLA ने नहीं कही भारत माता की जय, अब दे रहा धमकी

"आजादी लेनी पड़ेगी..और जो चीज माँगने से नहीं मिलती उसे छीनना पड़ेगा। अब वक्त आ गया है। अभी तो सिर्फ़ शेरनियाँ बाहर निकली हैं। अगर हम लोग बाहर आ गए तो..."

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पूर्व एमएलए वारिस पठान के भाषण की एक वीडियो सामने आई है। वीडियो गुलबर्ग रैली के दौरान दिए भाषण की है। भाषण में वारिस पठान सीएए के ख़िलाफ़ बोलते हुए वहाँ मौजूद भीड़ को मोदी-शाह के अलावा हिंदुओं के ख़िलाफ़ भड़काते दिख रहे हैं। वीडियो में वारिस को कहते सुना जा सकता है कि उनकी संख्या अभी 15 करोड़ है, लेकिन ये 15 करोड़ 100 करोड़ पर भारी है। अगर ये 15 करोड़ साथ में आ गए, तो सोच लो उन 100 करोड़ का क्या होगा?

वारिस पठान 15 मिनट की अपनी बातचीत में ओवैसी को शेर बताते हैं और सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रही महिलाओं को शेरनियाँ। उन्हें पूरी वीडियो की शुरुआत में ही भीड़ को उकसाने के लिए कहते सुना जा सकता है कि हिंदुओं को हिलाना है न, मोदी-अमित शाह के तख्त को गिराना है न? तो आवाज ऐसी बनानी है कि आवाज यहाँ से निकले और सीधे जाकर दिल्ली के अंदर गिरे।

‘अगर यहाँ के 30 करोड़ मुस्लिम आतंकी बन गए तो क्या हाल होगा, खून की नदियाँ बहेंगी’

वीडियो में वारिस पठान मोदी शाह के ख़िलाफ़ जमकर जहर उगलने के बाद ये कहते भी नजर आते हैं कि सीने पर गोली खाएँगे, मगर कागज़ नहीं दिखाएँगे। उन्हें वीडियो में ये भी कहते सुना जा सकता है कि आज जो लोग सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं, वो लोग इस देश के संविधान को बचाने निकले हैं। वे लोग इस देश के लोकतंत्र को बचाने निकले हैं और वे लोग इस देश के सेकुलरिज्म को बचाने निकले हैं।

अपने भाषण में वारिस पठान इस बात को एक सिरे से खारिज करते दिखते हैं कि मदरसों से आतंकवादी नहीं निकलते बल्कि उनके मुताबिक आतंकी तो आरएसएस से आते हैं। उन्हें वीडियो में पूछते देखा जा सकता है कि आखिर महात्मा गाँधी पर गोली चलाने वाला आतंकी गोडसे किस शाखा का था? गुजरात में माँ-बहन की इज्जत लूटी, वो किस शाखा से आते थे? जामिया और शाहीन बाग में जो पिस्तौल लेकर गया, वो किसकी बात सुनकर आया और किस शाखा से आया?

अपनी बात को खत्म करते-करते वारिस पठान वहाँ मौजूद भीड़ को आजादी के मायने बताते हैं और वीडियो की शुरुआत में सेकुलरिज्म की बात करने वाले अपने भाषण के अंत तक 100 करोड़ हिंदुओं पर हावी होने की बात खुलेआम कहते हैं और मुस्लिमों से संगठित होने की गुहार लगाते हैं।

वारिस कहते हैं, “आजादी लेनी पड़ेगी..और जो चीज माँगने से नहीं मिलती उसे छीनना पड़ेगा। अब वक्त आ गया है।” वे महिलाओं के प्रदर्शन की ओर इशारा करते हुए कहते हैं कि अभी तो सिर्फ़ शेरनियाँ बाहर निकली हैं। अगर हम लोग बाहर आ गए तो सोचो क्या होगा, हम 15 करोड़ है लेकिन 100 करोड़ पर भारी हैं, ये बात याद रख लेना।

गौरतलब है कि जिस मंच से AIMIM के पूर्व विधायक और वकील वारिस पठान ने मोदी-शाह समेत हिंदुओं के बारे में जमकर जहर उगला, उस मंच पर उनकी पार्टी प्रमुख ओवैसी भी मौजूद थे। जो साल 2018 में सेकुलरिज्म के नाम पर समुदाय विशेष से अपील करते हैं कि मुस्लिम सिर्फ़ मुस्लिमों को ही वोट दें, तभी धर्मनिरपेक्षता मजबूत होगी और साल 2019 में मुस्लिमों को कहते हैं कि अब खुदा के लिए सेकुलरिज्म को भूल जाओ और एकजुट होने का काम करो।

पाठकों को यह जानना बहुत जरूरी है कि वारिस पठान वही नेता हैं, जिनकी 2016 में महाराष्ट्र विधानसभा से सदस्यता इसलिए खत्म कर दी गई थी, क्योंकि उन्होंने सदन में भारत माता की जय बोलने से इनकार कर दिया था।

‘जो मोदी-शाह के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाएगा वो मर्द-ए-मुजाहिद कह लाएगा’ – ओवैसी ने CAA को जिहाद से जोड़ा

शाहीन बाग में फ्री लंगर का AIMIM कनेक्शन: AAP, कॉन्ग्रेस, PFI के बाद अब ओवैसी का भी साथ

महाकाल एक्सप्रेस में महादेव को देख ओवैसी की सुलगी, लोगों ने कहा- एकतरफा सेकुलरिज्म नहीं चलेगा

…जिसका दादा हिंदू नरसंहार का सहयोगी, छोटा भाई 15 मिनट में हिंदुओं को देख लेने की धमकी दे – वो ओवैसी ‘झूठा’

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कौन थी वो राष्ट्रभक्त तिकड़ी, जो अंग्रेज कलक्टर ‘पंडित जैक्सन’ का वध कर फाँसी पर झूल गई: नासिक का वो केस, जिसने सावरकर भाइयों...

अनंत लक्ष्मण कन्हेरे, कृष्णाजी गोपाल कर्वे और विनायक नारायण देशपांडे को आज ही की तारीख यानी 19 अप्रैल 1910 को फाँसी पर लटका दिया गया था। इन तीनों ही क्रांतिकारियों की उम्र उस समय 18 से 20 वर्ष के बीच थी।

भारत विरोधी और इस्लामी प्रोपगेंडा से भरी है पाकिस्तानी ‘पत्रकार’ की डॉक्यूमेंट्री… मोहम्मद जुबैर और कॉन्ग्रेसी इकोसिस्टम प्रचार में जुटा

फेसबुक पर शहजाद हमीद अहमद भारतीय क्रिकेट टीम को 'Pussy Cat) कहते हुए देखा जा चुका है, तो साल 2022 में ब्रिटेन के लीचेस्टर में हुए हिंदू विरोधी दंगों को ये इस्लामिक नजरिए से आगे बढ़ाते हुए भी दिख चुका है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe