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महबूबा मुफ़्ती ने फिर गाए Pak के गुण: पाकिस्तानी PM के जिस बयान पर भारत ने लगाई थी लताड़, उसका किया समर्थन

महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत की है। साथ ही कहा है कि यदि पाकिस्तान के पीएम ने कश्मीर समस्या को हल करने और दोनों देशों के रिश्तों को अच्छा करने की बात कही है तो भारत को भी प्रयास करना चाहिए।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान प्रेम एक बार फिर सामने आया है। कश्मीर मुद्दे पर महबूबा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सुर में सुर मिलाती नजर आईं।

शनिवार (24 सितंबर 2022) को महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर मुद्दे के समाधान के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत की। साथ ही कहा कि यदि पाकिस्तान के पीएम ने कश्मीर समस्या को हल करने और दोनों देशों के रिश्तों को अच्छा करने की बात कही है तो भारत को भी प्रयास करना चाहिए।

महबूबा ने कहा, “अगर पाकिस्तान के पीएम ने जम्मू-कश्मीर के मसले को हल करने और दोनों देशों के रिश्तों को अच्छा करने की बात कही है तो यह होना चाहिए। जैसे वाजपेयी जी के समय दोनों देशों ने बैठकर बात की थी वैसे ही दोनों देश जम्मू-कश्मीर का हल निकालें तो यह देश के लिए भी अच्छा होगा।”

उन्होंने यह भी कहा, “पिछले 75 साल से कश्मीर मसला लटका हुआ है। यह दिन प्रतिदिन जटिल होता जा रहा है। इस मसले के कारण जम्मू-कश्मीर की क्या हालत हो चुकी है, सभी जानते हैं। हमारे हजारों नौजवान न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि मुल्क की विभिन्न जेलों में मुश्किल की जिंदगी बिता रहे हैं। यह बात करना मुश्किल हो चुका है। आए दिन कहीं न कहीं मुठभेड़ होती है, आम नागरिक मुसीबत में है। हमारी आर्थिक स्थिति बर्बाद हो चुकी है। इसलिए कश्मीर मसले को यथाशीघ्र हल करना जरुरी है।”

शहबाज शरीफ ने अलापा था कश्मीर राग…

बता दें, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार (23 सितंबर) को संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान भारत सहित सभी पड़ोसी देशों के साथ शांति चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था, “मैंने विश्व मंच को आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम हैं। भारत को उपयोगी वार्ता के लिए माहौल बनाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।”

शहबाज शरीफ ने यह भी दावा किया था, “जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बदलने के लिए 5 अगस्त, 2019 को भारत के अवैध और एकतरफा कदम ने शांति की संभावनाओं को और कम किया है। भारत के इस कदम ने क्षेत्रीय तनाव को भड़काया है।”

भारत ने लगाई पाकिस्तान को लताड़…

शहबाज शरीफ के इस बयान के बाद संयुक्त राष्ट्र में भारत मिशन के प्रथम सचिव मिजिटो विनिटो ने कहा था कि यह बेहद खेदजनक है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस सभा में भारत पर झूठे आरोप लगाए। उन्होंने अपने देश में दुष्कर्मों को छिपाने और भारत के खिलाफ कार्रवाई को सही ठहराने के लिए ऐसा किया। विनिटो ने जवाब देते हुए पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर अपने गिरेबान में झाँकने के लिए भी कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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