Homeराजनीतिरामनवमी जुलूस में बैन का विरोध करते हुए बीजेपी MLA ने फाड़ लिया कुर्ता,...

रामनवमी जुलूस में बैन का विरोध करते हुए बीजेपी MLA ने फाड़ लिया कुर्ता, दिखाया- गंजी पर लिखा ‘जय श्रीराम’: पूछा-झारखंड में हिंदू होना गुनाह

"रामनवमी को लेकर हजारीबाग में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। डीजे पर रोक लगा दी गई। फैसले के खिलाफ आवाज उठाने वाले 5 हजार लोगों पर धारा 107 के तहत मुकदमा कर दिया गया है। क्या इस राज्य में हिंदू होना अपराध है? क्या हम तालिबान में रहते हैं?"

झारखंड विधानसभा मंगलवार (21 मार्च 2023) को जय श्रीराम के नारों से गूँज उठा। बीजेपी विधायक मनीष जायसवाल ने सदन में अपना कुर्ता फाड़ लिया। बनियान पर लिखा ‘जय श्रीराम’ दिखाया। वे हजारीबाग में रामनवमी जुलूस को लेकर लगाई गई पाबंदियों का विरोध कर रहे थे। जायसवाल हजारीबाग सदर की सीट से विधायक हैं।

विधानसभा में भाजपा विधायक ने हेमंत सरकार को घेरते हुए कई तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि रामनवमी को लेकर हजारीबाग में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। डीजे पर रोक लगा दी गई। फैसले के खिलाफ आवाज उठाने वाले 5 हजार लोगों पर धारा 107 के तहत मुकदमा कर दिया गया है। क्या इस राज्य में हिंदू होना अपराध है? क्या हम तालिबान में रहते हैं?

विधायक मनीष जयसवाल ने सदन में कहा कि हजारीबाग की रामनवमी विश्व प्रसिद्ध है। ऐसे में डीजे बजाने की इजाजत न देने की वजह क्या है? सदन में इसे लेकर खूब हंगामा हुआ। भाजपा विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए। इसी दौरान जयसवाल ने अपना कुर्ता फाड़ लिया। सदन से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने रामनवमी जुलूस को लेकर लगाई गई पाबंदियों को सरकार का क्रूर फरमान बताया।

बता दें कि हजारीबाग में रामनवमी के अवसर पर ऐतिहासिक मंगला जुलूस निकाला जाता है। प्रशासन ने जुलूस में डीजे के इस्तेमाल व कलाबाजी दिखाए जाने पर पाबंदी लगा दी है। इसके बाद से ही भाजपा नेता सरकार पर हमलावर हैं। 19 मार्च 2023 को भी मनीष जयसवाल समेत कई भाजपा विधायकों ने झारखंड विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार से जवाब माँगा था। मनीष जयसवाल ने झारखंड की सरकार पर रामनवमी की भव्यता कम करने और दमनकारी फैसले लेने का आरोप लगाया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -