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दिल्ली पहुँचे कमलनाथ, सांसद बेटे ने ‘X’ बायो से हटाया कॉन्ग्रेस का नाम: BJP में शामिल होने की अटकलें, दिग्विजय के करीबी को राज्यसभा भेजे जाने से नाराज़?

वो 1980, 1984, 1989, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में छिंदवाड़ा से सांसद चुने जा चुके हैं। वहीं वो मनमोहन सिंह की सरकार में 10 वर्ष केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

क्या मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ कॉन्ग्रेस छोड़ रहे हैं? अटकलों का बाजार गर्म है, इसी बीच कमलनाथ अपने बेटे नकुल समेत शनिवार (17 फरवरी, 2024) को राजधानी नई दिल्ली भी पहुँच गए हैं। कई जगह अटकलें ये भी हैं कि वो भाजपा में शामिल हो सकते हैं, हालाँकि, पार्टी नेता तजिंदर बग्गा ने इन खबरों को अफवाह करार दिया है। हाल ही में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कॉन्ग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए हैं।

उधर नकुल नाथ ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) बायो से कॉन्ग्रेस का नाम हटा लिया है। वो 2019 में छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं। इस सीट पर बीच में एक साल छोड़ दें तो 1980 से ही इसी परिवार का कब्ज़ा है। कमलनाथ यहाँ से 9 बार सांसद रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी अलका नाथ भी एक बार सांसद बन चुकी हैं। वहीं कमलनाथ छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक भी बने हैं। इस पूरे क्षेत्र को इस परिवार का गढ़ माना जाता है।

कमलनाथ ने कहा है कि जो भी आगे का फैसला होगा, उस संबंध में बताया जाएगा। वो 1980, 1984, 1989, 1991, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 में छिंदवाड़ा से सांसद चुने जा चुके हैं। वहीं वो मनमोहन सिंह की सरकार में 10 वर्ष केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। उससे पहले वो केंद्र में राज्यमंत्री रह चुके हैं। कमलनाथ दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वो राज्य में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं।

मीडिया के सवालों पर कमलनाथ ने कहा कि आपलोग इतने उत्साहित क्यों हो रहे हैं, जो होगा वो खुद सूचित करेंगे। बता दें कि 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस की हार का ठीकरा कमलनाथ के सिर पर ही फोड़ा गया था। अचानक से उनसे अध्यक्ष पद छीन कर जीतू पटवारी को बिठा दिया गया। वो केंद्र में ही ज्यादातर सक्रिय रहे हैं, लेकिन उन्हें राज्य में पार्टी ने सीमित कर दिया था। हाल ही में दिग्विजय सिंह समर्थक अशोक सिंह को राज्यसभा सदस्य बनाए जाने से भी वो नाराज़ बताए जा रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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