Friday, April 12, 2024
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कंगना रनौत के ऑफिस को तोड़ने का काम चालू, ट्वीट कर दिखाया ‘महाराष्ट्र सरकार के गुंडों’ का काम

कंगना ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि उनके ऑफिस को तोड़ा जा रहा है। इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट करके बताया था कि महाराष्ट्र सरकार और उनके 'गुंडे' उनकी संपत्ति को तोड़ने के लिए पहुँच चुके हैं।

कंगना रनौत के आज (सितंबर 9, 2020) मुंबई पहुँचने से पहले और महाराष्ट्र सरकार से चल रही उनकी तनातनी के बीच एक बड़ी खबर आई है। कंगना ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि उनके ऑफिस को तोड़ा जा रहा है। इससे पहले उन्होंने एक और ट्वीट करके बताया था कि महाराष्ट्र सरकार और उनके ‘गुंडे’ उनकी संपत्ति को तोड़ने के लिए पहुँच चुके हैं।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मैं मुंबई दर्शन के लिए हवाई अड्डे पर जाने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ। महा सराकर और उनके गुंडे मेरी संपत्ति को अवैध रूप से तोड़ने के लिए तैयार हैं। मैंने महाराष्ट्र के गौरव के लिए रक्त देने का वादा किया था। यह कुछ भी नहीं है। सब ले लो। लेकिन मेरी भावना केवल ऊँची होगी और सिर्फ़ ऊपर बढ़ेगी। “

उल्लेखनीय है कि बीएमसी ने कंगना रनौत के मुंबई स्थित ऑफिस पर नया नोटिस लगाया था। इस नोटिस में कंगना रनौत के ऑफिस में हुए अवैध निर्माण को गिराने की बात कही गई थी। जानकारी के मुताबिक, यह नया नोटिस आज सुबह लगभग 10:30 बजे लगाया गया। इस दौरान मुंबई पुलिस और बीएमसी की एक टीम भी मौजूद थी।

कंगना रनौत के ऑफिस पर लगे नए नोटिस में बताया गया था कि कंगना रनौत को पहले नोटिस के जरिए 24 घंटे का वक्त दिया गया था, जिसके जवाब में उन्होंने सात दिन का समय माँगा था। लेकिन बीएमसी ने इसपर तत्काल कार्रवाई की है और नया नोटिस लगाकर अवैध निर्माण गिराने की बात कही।

बीएमसी के नए नोटिस में लिखा गया है कि कंगना ने हमारे पिछले नोटिस का जवाब नहीं दिया और ऑफिस में काम करवाना जारी रखा। कंगना के वकील ने सात दिन का समय माँगा था, लेकिन बीएमसी इससे संतुष्ट नहीं है। बीएमसी के नोटिस में कहा गया कि कंगना ने अवैध निर्माण और काम करने को लेकर जवाब नहीं दिया था।

इससे पहले बीएमसी ने लंबी पड़ताल के बाद लीकेज का हवाला देकर कंगना के दफ्तर का काम रोकने को कहा था। जबकि कंगना पहले ही संदेह जता चुकी थीं कि बीएमसी उनकी संपत्ति ध्वस्त करने वाली है। हालाँकि, उस समय ये कार्रवाई नहीं हुई। मगर, आज यही ताजा खबर है।

बता दें कि सुशांत सिंह मामाले के बाद से चर्चा में आईं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और महाराष्ट्र सरकार के बीच विवाद अब बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिनों उन्होंनें मुंबई पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए जिसके बाद शिवसेना नेता उन पर हमलवार हो गए। संजय राउत ने न उन्हें मुंबई वापस लौटने की धमकी दी। वहीं उन पर बात करते हुए उन्हें ‘हरामखोर’ तक कह डाला।

उसके पूर्व कंगना रनौत ने मुंबई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह द्वारा एक सोशल मीडिया पोस्ट लाइक किए जाने में अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने मुंबई पुलिस की सुरक्षा पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा था, “जब मुंबई के पुलिस कमिश्नर ही खुले आम मुझे इस तरह डराएँगे, मेरे खिलाफ अपराधों और बदमाशी करने वालों को प्रोत्साहित करेंगे, तो क्या मैं मुंबई में सुरक्षित रहूँगी? मेरी सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार होगा?”

कंगना ने ट्वीट में यह भी लिखा था कि उन्हें हिमाचल या केंद्र सरकार से सुरक्षा की आवश्यकता होगी और बॉलीवुड में कथित ‘ड्रग माफिया’ का पर्दाफाश करने के लिए वह मुंबई पुलिस से सुरक्षा स्वीकार नहीं करेंगी क्योंकि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच अब रफ़्तार पकड़ रही है।

कंगना के इस ट्वीट के बाद, शिवसेना नेता संजय राउत ने अपने मुखपत्र सामना में कंगना के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अभिनेत्री का ‘विश्वासघात’ शर्मनाक है और वह मुंबई में रहने के बावजूद शहर के पुलिस बल की आलोचना करती है। अपने एक ट्वीट में राउत ने लिखा था, “मुंबई मराठी मानुष के बाप की ही है, जिन्हें यह मँजूर नहीं वह अपना बाप दिखाएँ। शिवसेना महाराष्ट्र के दुश्मनों का श्राद्ध किए बगैर नहीं रहेगी, प्रॉमिस जय हिंद जय महाराष्ट्र।”

इसके बाद अभिनेत्री को खुलेआम हरामखोर बोला गया। जब उन्होंने इस पर आवाज उठाई तो राउत ने इसे बेहद हल्के अंदाज में लेते हुए कहा कि महाराष्ट्र में हरामखोर का मतलब नॉटी या बेईमान होता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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