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लाशों के ढेर पर राजनीति करती रह गई AAP-कॉन्ग्रेस, मोरबी की जनता ने BJP को दे दिया आशीर्वाद: पुल हादसे के बाद नदी में कूद पड़े थे कांतिलाल अमृतिया

गुजरात चुनाव से कुछ दिन पहले ही यहाँ हुए पुल हादसे में 130 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष ने इस हादसे को हथियार बनाते हुए भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था।

गुजरात विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है और अब तक के रुझानों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। राज्‍य के वीआईपी नेताओं की सीटों के अलावा इस चुनाव में एक और सीट जो चर्चा में रही है, वो है मोरबी की सीट। इस पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है। गुजरात चुनाव से कुछ दिन पहले ही यहाँ हुए पुल हादसे में 130 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। विपक्ष ने इस हादसे को हथियार बनाते हुए भाजपा के खिलाफ इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। माना जा रहा था कि इस हादसे का चुनाव परिणाम पर असर जरूर देखने को मिलेगा।

हालाँकि मोरबी की जनता ने विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेरते हुए यहाँ से भाजपा प्रत्याशी कांतिलाल अमृतिया को अपना वोट दिया। कच्छ जिले की इस सीट पर कांतिलाल ने 62 हजार वोटों से जीत हासिल कर ली है। कांतिलाल को 1 लाख 14 हजार से भी ज्यादा वोट मिले हैं। जबकि कॉन्ग्रेस उम्मीदवार जयंतीलाल जेराजभाई को 52 हजार वोटों से संतोष करना पड़ा है। वहीं आप उम्मीदवार पंकज कांतिलाल को 17 हजार वोट मिले हैं।

मोरबी पुल हादसे के बाद लोगों को बचाने के लिए मच्छू नदी में कूद कर लोगों की मदद करने वाले कांतिलाल अमृतिया खासी चर्चा में रहे थे। गौरतलब है कि ब्रिटिश काल का मोरबी ‘झूला पुल’ 30 अक्टूबर, 2022 को ढह गया था, जिसमें 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी ने जोर-शोर से इसको मुद्दा बनाया। हादसे का जिम्मेदार भाजपा को ठहराने की कोशिश की गई।

पुल हादसे के बाद लोगों की जान बचाते हुए कांतिलाल अमृतिया के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसमें वे लाइफ ट्यूब पहने लोगों की जान बचाने की कोशिश करते हुए दिखे थे। चश्मदीदों ने बताया था कि जब पुल हादसा हुआ उसके तुरंत बाद अमृतिया मौके पर पहुँचे और लोगों की मदद के लिए नदी में कूद पड़े। इस काम के लिए कांतिलाल की न सिर्फ सराहना की गई बल्कि भाजपा ने मौजूदा विधायक का टिकट काट कर उन्हें मोरबी से उम्मीदवार बनाया।

भाजपा के इस फैसले पर जनता ने भी मुहर लगा दी है। मोरबी हादसे को लेकर नकारात्मक राजनीति कर रहे कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को यहाँ से भी मायूसी हाथ लगी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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