Thursday, January 28, 2021
Home राजनीति गालियाँ सुनने के बाद केजरीवाल सरकार ने अंकित और ध्रुव के परिवार को दिए...

गालियाँ सुनने के बाद केजरीवाल सरकार ने अंकित और ध्रुव के परिवार को दिए चेक

सवाल यह है कि अंकित की हत्या के 16 महीने बाद और ध्रुव त्यागी की हत्या के 4 महीने बाद केजरीवाल को मदद करने की सुध क्यों और कैसे आई?

तमाम आलोचनाओं और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बाद दिल्ली सरकार ने अपनी साख बचाने के लिए गुरुवार (जून 27, 2019) को अंकित सक्सेना और ध्रुव त्यागी के परिवार वालों को 15-15 लाख रुपए के चेक सौंप दिए। साथ ही अंकित के पिता की इच्छा के अनुसार उन्हें अच्छा वकील देने की भी बात कही और उनकी इस बात पर भी हामी भर दी है कि घर के पास के चौक का नाम अंकित के नाम पर रखा जाए। लेकिन सवाल यह है कि अंकित की हत्या के 16 महीने बाद और ध्रुव त्यागी की हत्या के 4 महीने बाद केजरीवाल को मदद करने की सुध क्यों और कैसे आई?

दरअसल, पिछले साल फरवरी में अंकित की बेरहमी से मौत के बाद दिल्ली सरकार ने पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान किया था, लेकिन 1 साल 4 महीने बीत जाने के बाद भी सरकार ने परिवार की जब कोई सुध नहीं ली तो, सरकार के ख़िलाफ़ आवाजें उठने लगीं।

झारखंड मामले में तबरेज़ की पत्नी के लिए सरकारी नौकरी और आर्थिक मदद के ऐलान के बाद तो आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य कपिल मिश्रा ने भी अंकित और ध्रुव त्यागी के परिवार आवाज़ बुलंद की और मीडिया की सुर्खियों में भी अंकित और ध्रुव त्यागी को लेकर सवाल पूछे जाने लगे। नतीजतन शाम तक यह खबर आ गई कि दोनों परिवारों को मुआवजा राशि खुद उप- मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया उनके घर जाकर देकर आएँ।

कपिल मिश्रा ने हाल ही में ट्वीट करके केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा था, “केजरीवाल सरकार झारखंड में जिस चोर को पब्लिक ने मार डाला उसके परिवार को पाँच लाख रुपये और चोर की बीबी को सरकारी नौकरी दे रही हैं क्योंकि वो एक मुसलमान हैं, ध्रुव त्यागी और अंकित सक्सेना की हत्या दिल्ली में हुई पर उन्हें एक रुपया नहीं दिया क्योंकि वो हिन्दू हैं।”

इसके अलावा मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी आप सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार धर्म के नाम पर घिनौना खेल रही है। उन्होंने अंकित के पिता को एक रुपया भी नहीं दिया और तबरेज के परिवार को 5 लाख रुपए मिल रहे हैं। जनता केजरीवाल को धर्म की राजनीति करने पर जरूर सबक सिखाएगी।

गौरतलब है इससे पहले खुद अंकित के पिता भी दिल्ली सरकार द्वारा वादे न पूरा किए जाने पर सवाल उठा चुके थे, लेकिन मुआवजा मिलने के बाद उनका कहना है कि इन सब में थोड़ा वक्त तो लगता ही है। बता देंं अंकित सक्सेना की हत्या पिछले साल फरवरी की शुरुआत में हुई थी और ध्रुव त्यागी की हत्या इसी साल मार्च में हुई है। दोनों ही घटनाओं में संप्रादायिक एंगल उभर कर सामने आया। एक ओर जहाँ घर के चिराग को खोने के बाद अंकित के माँ-बाप का जीवनयापन मुश्किल हो गया, वहीं ध्रुव त्यागी मामले में घर का मुखिया ही बेटी की आबरू बचाने के लिए बेरहमी से मार दिया गया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

प्रचलित ख़बरें

लाइव TV में दिख गया सच तो NDTV ने यूट्यूब वीडियो में की एडिटिंग, दंगाइयों के कुकर्म पर रवीश की लीपा-पोती

हर जगह 'किसानों' की थू-थू हो रही, लेकिन NDTV के रवीश कुमार अब भी हिंसक तत्वों के कुकर्मों पर लीपा-पोती करके उसे ढकने की कोशिशों में लगे हैं।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

अब पूरे देश में ‘किसान’ करेंगे विरोध प्रदर्शन, हिंसा के लिए माँगी ‘माफी’… लेकिन अगला निशाना संसद को बताया

दिल्ली में हुई हिंसा पर किसान नेता 'गलती' मान रहे लेकिन बेशर्मी से बचाव भी कर रहे और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन की बातें कर रहे।

26 जनवरी 1990: संविधान की रोशनी में डूब गया इस्लामिक आतंकवाद, भारत को जीतना ही था

19 जनवरी 1990 की भयावह घटनाएँ बस शुरुआत थी। अंतिम प्रहार 26 जनवरी को होना था, जो उस साल जुमे के दिन थी। 10 लाख लोग जुटते। आजादी के नारे लगते। गोलियॉं चलती। तिरंगा जलता और इस्लामिक झंडा लहराता। लेकिन...
- विज्ञापन -

 

जिस राम मंदिर झाँकी को किसान दंगाइयों ने तोड़ डाला, उसे प्रथम पुरस्कार: 17 राज्यों ने लिया था हिस्सा

17 राज्यों की झाँकियों ने 26 जनवरी को राजपथ की परेड में हिस्सा लिया था। इनमें से उत्तर प्रदेश की ओर से आए भव्य राम मंदिर के मॉडल को...

UP पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से हटाया ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को, लोग कह रहे – बिजली काट मार-मार कर भगाया

नेशनल हाईवे अथॉरिटी के निवेदन पर बागपत प्रशासन ने किसान प्रदर्शकारियों को विरोध स्थल से हटाते हुए धरनास्थल को शांतिपूर्ण तरीके से खाली करवा दिया है।

दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा पर FIR दर्ज, नाम उछलते ही गायब हुए पंजाबी अभिनेता सिद्धू

26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले में हुई हिंसा के संबंध में पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू और गैंगस्टर लक्खा सिधाना के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

किसान नहीं बल्कि पुलिस हुई थी हिंसक: दिग्विजय सिंह ने दिल्ली पुलिस को ही ठहराया दंगों का दोषी

कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली में किसान उग्र नहीं हुए थे बल्कि दिल्ली पुलिस उग्र हुई थी।

‘छात्र’ हैं, ‘महिलाएँ’ हैं, ‘अल्पसंख्यक’ हैं और अब ‘किसान’ हैं: लट्ठ नहीं बजे तो कल और भी आएँगे, हिंसा का नंगा नाच यूँ ही...

हिन्दू वोट भी दे, अपना कामधाम भी करे और अब सड़क पर आकर इन दंगाइयों से लड़े भी? अगर कल सख्त कार्रवाई हुई होती तो ये आज निकलने से पहले 100 बार सोचते।

कल तक क्रांति की बातें कर रहे किसान समर्थक दीप सिद्धू के वीडियो डिलीट कर रही है कॉन्ग्रेस, जानिए वजह

एक समय किसान विरोध प्रदर्शनों को 'क्रांति' बताने वाले दीप सिद्धू को लिबरल गिरोह, कॉन्ग्रेस और किसान नेता भी अब अपनाने से इंकार कर रहे हैं।

ट्रैक्टर रैली में हिंसा के बाद ट्विटर ने किया 550 अकाउंट्स सस्पेंड, रखी जा रही है सबपर पैनी नजर

ट्विटर की ओर से कहा गया है कि इसने उन ट्वीट्स पर लेबल लगाए हैं जो मीडिया पॉलिसी का उल्लंघन करते हुए पाए गए। इन अकाउंट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है।

वीडियो: खालिस्तान जिंदाबाद कहते हुए तिरंगा जलाया, किसानों के ‘आतंक’ से परेशान बीमार बुजुर्ग धरने पर बैठे

वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"

किसानों नेताओं ने हिंसा भड़काई, धार्मिक झंडे लहराए और विश्वासघात किया: दिल्ली पुलिस

गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसान आन्दोलनकारियों के लाल किले पर उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस आज शाम 8 बजे प्रेस वार्ता कर रही है।

घायल पुलिसकर्मियों ने बयान किया हिंसा का आँखों देखा मंजर: लाल किला, ITO, नांगलोई समेत कई जगहों पर थी तैनाती

"कई हिंसक लोग अचानक लाल किला पहुँच गए। नशे में धुत किसान या वे जो भी थे, उन्होंने हम पर अचानक तलवार, लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर दिया।"

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
387,000SubscribersSubscribe