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केरल में कॉन्ग्रेस को झटका: राजधानी तिरुवनंतपुरम में भाजपा आगे, BJP कैंडिडेट से हारे कोच्चि के मेयर उम्मीदवार

कॉन्ग्रेस के मेयर उम्मीदवार एन वेणुगोपाल मात्र 1 वोट से अपनी सीट भाजपा उम्मीदवार को गँवा बैठे। फिर वोटिंग मशीन को रोना रोए। राजधानी तिरुवनंतपुरम में तो NDA 13 सीटों पर आगे है जबकि UDF 4 और LDF 12 पर...

केरल के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मतगणना चालू है। मुख्य लड़ाई कॉन्ग्रेस की UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) और वामपंथी LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) के बीच चल रही है। लेकिन, इन दोनों के बीच भाजपा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। कोच्चि कॉर्पोरेशन के नॉर्थ आइलैंड वर्ग में कॉन्ग्रेस के मेयर उम्मीदवार एन वेणुगोपाल मात्र 1 वोट से अपनी सीट भाजपा उम्मीदवार को गँवा बैठे। उन्होंने कहा कि उनकी जीत तय थी लेकिन क्या हुआ, उन्हें भी नहीं पता।

एन वेणुगोपाल ने कहा कि उनकी पार्टी के भीतर कोई समस्या नहीं थी, लेकिन वोटिंग मशीन के साथ ज़रूर कोई दिक्कत है। उन्होंने आरोप लगाया कि EVM भाजपा की जीत का कारण हो सकता है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि वो इस मामले को लेकर कोर्ट नहीं जाएँगे, लेकिन अपने स्तर से जाँच करेंगे कि आखिर हुआ क्या। राजधानी तिरुवनंतपुरम में UDF 4, LDF 12 और NDA 13 सीटों पर आगे चल रहा है। भाजपा यहाँ मुख्य विपक्ष थी

वहीं केरल स्थानीय निकाय के कोच्चि की बात करें तो यहाँ UDF 27 और LDF 21 सीटों पर आगे चल रहा है। भाजपा के नेतृत्व वाले NDA यहाँ मात्र 5 सीटों पर ही आगे है। कॉन्ग्रेस के UDF के लिए केरल में कुछ भी अच्छा नहीं जा रहा। ग्राम पंचायत में 327 सीटों पर UDF और 398 सीटों पर LDF आगे चल रहा है। प्रखंड पंचायतों में ये आँकड़ा क्रमशः 55 और 93 हो जाता है। निगमों (म्युनिसिपेलिटी) में ये आँकड़ा 37 और 39 का है। केवल कॉर्पोरेशंस में ही 3-3 की बराबरी है।

ये सब इसके बावजूद हो रहा है कि केरल में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के लिए कॉन्ग्रेस की UDF लगातार सत्ताधारी LDF को घेर रही थी। साथ ही सोना तस्करी मामला और CMO के दुबई भ्रष्टाचार कनेक्शन को भी उठाया जा रहा था। केरल के पुलिस एक्ट को जारी कर के वापस लेना और राज्य सरकार के मंत्रियों का केंद्रीय एजेंसियों से पूछताछ होना – इन सब पर मुखर रहने के बावजूद कॉन्ग्रेस की हालत पस्त ही है।

जिला पंचायतों में तो कॉन्ग्रेस की हालत और भी गड़बड़ है। वहाँ UDF मात्र 3 ही सीटों पर आगे चल रही है, जबकि LDF ने 14 पर बढ़त बना रखी है। कोझीकोड कॉर्पोरेशन में LDF, UDF और भाजपा क्रमशः 26, 11 और 5 सीटों पर आगे है। कासरगोड जिले के पेरिया पंचायत में स्थित कलोत वार्ड में 2 कॉन्ग्रेस युवा नेताओं की हत्या पर पार्टी ने इसे मुद्दा बनाया था। वहाँ से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार की जीत हुई है।

कन्नूर के जिस धर्मदायम में सीएम पिनाराई विजयन का आवास है, वहाँ के बूथ से CPM उम्मीदवार की जीत हुई है। लेकिन, ट्विस्ट ये है कि यहाँ वामपंथी गढ़ में भी भाजपा उम्मीदवार ने कॉन्ग्रेस को तीसरे स्थान पर धकेल दिया है। पलक्कड़ एकमात्र स्थानीय निकाय था, जहाँ भाजपा की सत्ता थी। इस बार भी उसे लीड मिलती दिख रही है। कोच्चि में 10 वर्षों से कॉन्ग्रेस काबिज रही है। इसे में कॉपोरेशन में उसके सबसे बड़े उम्मीदवार की हार हो गई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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