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अनुच्छेद 370 हटने के बाद कितने लोगों ने खरीदी J&K में जमीन? संसद में मोदी सरकार ने दिया जवाब: जानें क्या है प्रक्रिया

संसद में मंगलवार को केंद्र सरकार ने बताया कि 2019 अगस्त के बाद से अब तक 2 बाहरी लोगों ने जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी है। सरकार ने ये भी साफ किया कि केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खरीदने में अब लोगों या सरकार को किसी तरह की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये सवाल अक्सर पूछा जाता है कि आखिर 2 सालों में कितने लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश में जमीन ली? इसी बिंदु पर मंगलवार (अगस्त 10, 2019) को संसद में भी बात छिड़ी, जिसके बाद सरकार ने इसपे जवाब दिया। सरकार ने बताया कि 2019 अगस्त के बाद से अब तक सिर्फ दो बाहरी लोगों ने जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदी है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा लोकसभा में एक सवाल के जवाब में ये जानकारी दी गई है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद अब वहाँ ज़मीन खरीदने में लोगों या सरकार को किसी कठिन प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ रहा है। ये जानकारी भी इसी दौरान दी गई।

उल्लेखनीय है कि जब तक जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370, 35-ए लागू थी तब तक जम्मू-कश्मीर से अलग किसी राज्य का कोई भी व्यक्ति वहाँ जमीन नहीं खरीद सकता था। लेकिन मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसले के बाद वहाँ कई चीजें बदलने के लिए नियमों में भी बदलाव आया। अब किसी भी राज्य का कोई शख्स वहाँ जमीन ले सकता है। इसके लिए किसी विशेष प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है।

बता दें कि हाल ही में प्रदेश से अनुच्छेद 370 हटे दो साल हुए हैं। इस मौके पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राज्य की नई फिल्म शूटिंग पॉलिसी जारी की। इसके अलावा केंद्र सरकार की ओर से अब राज्य में तमाम स्कीमें भी चलाई जा रही हैं। स्थानीयों को जॉब के अवसर मिल रहे हैं, लड़कियों को बराबरी का अधिकार मिल रहा, कश्मीरी पंडितों की वापसी के प्रयास हो रहे हैं और सबसे बड़ी बात वहाँ आतंकवाद की कमर टूट रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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