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विनेश फोगाट पर कॉन्ग्रेस की राजनीति को उनके ताऊ ने किया फुस्स, कहा- भूपेंद्र हुड्डा ने CM रहते बबीता-गीता के साथ किया भेदभाव, आज राज्यसभा की कर रहे बात

महावीर फोगाट ने भूपेंद्र हुड्डा के बयान का विरोध करते हुए याद दिलाया कि जब कॉमनवेल्थ गेम्स में गीता-बबीता मेडल लेकर आई थी तब उन्हें डीएसपी रैंक पर नौकरी मिलनी थी लेकिन वो भूपेंद्र सिंह हुड्डा ही थे जिन्होंने उनके साथ बेईमानी की।

ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य करार दी गईं विनेश फोगाट के मुद्दे पर विपक्ष जमकर राजनीति कर रहा है। इसी क्रम में हरियाणा के पूर्व सीएम हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अगर उनकी सरकार होती तो वो विनेश को राज्यसभा में सीट देते। अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा के इसी बयान पर विनेश फोगाट के ताऊ और गीता फोगाट व बबीता फोगाट के पिता महावीर फोगाट ने करारा जवाब दिया है।

उन्होंने समाचार एजेंसियों से बात करते हुए कहा, “2005 और 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गीता ने गोल्ड मेडल लिया था और बबीता ने सिल्वर मेडल लिया था। पहली महिला पहलवान थी जिन्होंने हिंदुस्तान की तरफ से ये मेडल लिया। इसके बाद 2012 में गीता ने बतौर पहली महिला ओलंपिक क्वालीफाई किया था। जब भूपेंद्र हुड्डा की सरकार और गीता और बबीता को DSP का पद मिलना था लेकिन हुड्डा साहब ने भेदभाव करके गीता को इंस्पेक्टर और बबीता को सब इंस्पेक्टर लगाया।”

आगे उन्होंने कहा, “कोर्ट में केस डालने के बाद कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया। जब भूपेंद्र हुड्डा की सरकार थी तब गीता ने कई रिकॉर्ड बनाए तब उन्हें राज्यसभा क्यों नहीं भेजा?” महावीर फोगाट ने कैमरे के सामने कहा कि उन्हें लगता है कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ये सब सिर्फ राजनीति के चलते कहा है।

बता दें कि विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक 50 किग्रा कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाए जाने के कारण बुधवार (8 अगस्त 2024) को ओलंपिक से अयोग्य घोषित किया गया था। इसके बाद पूरा देश उनके साथ खड़ा हुआ। इस बीच हरियाणा सरकार ने ऐलान किया कि वो विनेश को वो सारे सम्मान देगी जो मेडल आने पर खिलाड़ी को दिए जाते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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