Homeराजनीति'देश कह रहा मोदी तेरा कमल खिलेगा… निराशा में डूबे लोग कह रहे मोदी...

‘देश कह रहा मोदी तेरा कमल खिलेगा… निराशा में डूबे लोग कह रहे मोदी तेरी कब्र खुदेगी’- कॉन्ग्रेस को PM का जवाब

बता दें कि गुरुवार 23 फरवरी 2023 को असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया था। पवन खेड़ा उस वक्त रायपुर जाने के लिए प्लेन में बैठे थे। विमान के टेकऑफ से पहले ही पवन खेड़ा को उतार लिया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (24 फरवरी 2023) को मेघालय के शिलॉन्ग में रोड शो के बाद एक चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस समेत विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि निराशा में डूबे लोग कह रहे हैं कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ और देश कह रहा है कि ‘मोदी तेरा कमल खिलेगा’। उन्होंने कहा कि देश की जनता इन विकृत मानसिकता रखने वालों को करारा जवाब देगी।

शिलॉन्ग में प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो में भारी संख्या में लोग पहुँचे। भीड़ देखकर गदगद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “आपके प्यार और आशीर्वाद का कर्ज यहाँ विकास कार्य करके चुकाऊँगा। आपके प्यार को बेकार नहीं जाने दूँगा।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस रोड शो की तस्वीरों ने पूरे देश में संदेश पहुँचा दिया है। कुछ लोग जिन्हें देश ने नकार दिया है और जो निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं वो आजकल माला जपते हैं और कह रहे हैं कि ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’, लेकिन देश का कोना कोना कह रहा है- ‘मोदी तेरा कमल खिलेगा’। पीएम मोदी ने कहा कि मेघालय की जनता अब बीजेपी के साथ है।

बता दें कि गुरुवार 23 फरवरी 2023 को असम पुलिस ने दिल्ली पुलिस की मदद से कॉन्ग्रेस नेता पवन खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया था। पवन खेड़ा उस वक्त रायपुर जाने के लिए प्लेन में बैठे थे। विमान के टेकऑफ से पहले ही पवन खेड़ा को उतार लिया गया था। इस पर मौजूद कॉन्ग्रेसी नेताओं ने आपत्ति जताई और धरने पर बैठ गए। पवन खेड़ा को विमान से उतारे जाने के विरोध में कॉन्ग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए थे।

बता दें कि मेघालय में पीएम मोदी विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने पहुँचे थे। मेघालय में विधानसभा चुनाव के लिए सभी 60 सीटों पर 27 फरवरी,2023 को वोटिंग होगी। वहीं वोटों की गिनती 2 मार्च, 2023 को होगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -