Homeराजनीतिकपड़े से लेकर खाने तक और रुई से लेकर प्लास्टिक तक… अब बांग्लादेश अपना...

कपड़े से लेकर खाने तक और रुई से लेकर प्लास्टिक तक… अब बांग्लादेश अपना माल रखे अपने पास: मोदी सरकार ने सबके आयात पर लगाया बैन, अधिसूचना जारी

चीन में विवादित बयान देकर शेखी झाड़ने वाले बांग्लादेश के अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद युनूस की सरकार को मोदी सरकार ने झटका दिया है। 17 मई 2025 को एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि बांग्लादेश से रेडीमेड कपड़ों का आयात अब केवल मुंबई के न्हावा शेवा और कोलकाता के समुद्री बंदरगाहों के माध्यम से किया जा सकेगा।

भारत की मोदी सरकार ने बांग्लादेश को एक बड़ा झटका दिया है। 17 मई 2025 को एक अधिसूचना जारी कर मोदी सरकार ने बांग्लादेश से आने वाले रेडिमेड कपड़ों, प्रोसेस्ड फुड और फ्रूट ड्रिंक्स आदि पर पाबंदी लगा दी। अधिसूचना में कहा गया कि बांग्लादेश की ये सारी चीजें केवल मुंबई के न्हावा शेवा और कोलकाता के समुद्री बंदरगाहों के माध्यम से आएँगी और किसी बंदरगाह से नहीं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के अंतर्गत विदेश व्यापार महानिदेशालय ने शनिवार (17 मई 2025) को एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी। यह फैसला बांग्लादेश सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनुस के चीन में दिए गए विवादास्पद बयान के बाद लिया गया। जहाँ युनुस ने कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्य समुद्र से कटे हुए हैं और उन्हें समुद्र तक पहुँचने के लिए बांग्लादेश पर निर्भर रहना पड़ता है।

इसी बयान के बाद अधिसूचना जारी हुई। अब भारत के बंदरगाहों (न्हावा शेवा और कोलकाता बंदरगाहों को छोड़कर) पर बांग्लादेश से आने वाले सभी प्रकार के रेडिमेड कपड़ों, फल और फलों के स्वाद वाले और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फुड, प्लास्टिक और पीवीसी तैयार सामान और लकड़ी के फर्नीचर के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, फल और फलों के स्वाद वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, बेक्ड सामान, स्नैक्स, चिप्स और कन्फेक्शनरी, कपास और कॉटन याम अपशिष्ट, प्लास्टिक और पीवीसी से तैयार सामान और लकड़ी के फर्नीचर के आयात को असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में किसी भी भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों (LCS) / एकीकृत चेक पोस्ट (ICP) और पश्चिम बंगाल में चंगराबांधा और फुलबारी के भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों के माध्यम से अनुमति नहीं दी जाएगी।

इससे पहले 09 अप्रैल 2025 को भारत सरकार ने भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ का हवाला देते हुए बांग्लादेश को पहले दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा को वापस लेने की घोषणा की थी। इस सुविधा के तहत बांग्लादेश को भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पेट्रापोल लैंड पोर्ट से कंटेनर ट्रक भेजने की अनुमति दी गई थी, जो दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा लैंड पोर्ट है। यह कोलकाता बंदरगाह, कोलकाता एयरपोर्ट के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स, महाराष्ट्र के न्हावाशेवा पोर्ट और दिल्ली एयरपोर्ट तक जाता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -