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‘PM मोदी को RSS पर फिर से प्रतिबंध लगा देना चाहिए, अगर वो मानते हैं कि…’

"प्रधानमंत्री मोदी अगर सरदार पटेल को मानते हें तो उन्हें RSS पर फिर से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। बिलकुल उसी तरह जैसे सरदार पटेल ने लगाया था।"

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार (अक्टूबर 31, 2019) को सरदार वल्लभ पटेल की जयन्ती और इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत आरएसएस और वीर सावरकर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अगर सरदार पटेल को मानते हें तो उन्हें RSS पर फिर से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। बिलकुल उसी तरह जैसे सरदार पटेल ने लगाया था। बघेल ने कॉन्ग्रेस भवन में बोलते हुए भाजपा, संघ और पीएम मोदी की खूब आलोचना की। उन्होंने पूछा कि वीर सावरकार को ‘वीर’ की उपाधि किसने दी।

इस दौरान सीएम बघेल ने सरदार पटेल के आजादी में दिए योगदान को याद किया और कहा कि उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। सरदार पटेल ने किसानों के लिए कई आंदोलन किए। बघेल के अनुसार जब अंग्रेजों को किसानों ने टैक्स देने से मना किया तो उनकी जमीनें छीन ली गई थीं, जिसे आजादी के बाद कॉन्ग्रेस सरकार ने वापस दिलवाया।

पटेल की जयन्ती पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बघेल ने सवाल पूछा कि धारा 370 पीएम मोदी ने हटाया या शाह ने, इसका श्रेय किसे देना चाहिए? काम कोई भी करे श्रेय मुखिया को जाता है, लेकिन नेहरू ने पूरा श्रेय सरदार पटेल को दिया।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान वीर सावरकर पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि एक वर्ग है जो महापुरुषों का कद नापते हैं और एक दूसरे को लड़ाते हैं। इनका आजादी से कोई लेना-देना नहीं है। सरदार पटेल को सरदार की उपाधि महात्मा गाँधी या नेहरू ने दी। महात्मा गाँधी को महात्मा की उपाधि रविंद्र नाथ टैगोर ने दी, लेकिन सावरकर को वीर बोला जाता है, इसकी उपाधि किसने दी।

बघेल ने सावरकर पर सवाल करते हुए पूछा कि ये कैसे वीर हो गए? काले पानी की सजा सैकड़ों लोगों को हुई थी। सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, सावरकर को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में सजा हुई थी। सावरकर ने माफी माँगी तो वो वीर कैसे हो गए?

इसके बाद उन्होंने इंदिरा गाँधी की पुण्यतिथि और सरकार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती पर दोनों नेताओं को याद करते हुए कहा कि जैसे सरदार पटेल और इंदिरा गाँधी ने काम किया, वैसी ही स्थिति वो छत्तीसगढ़ के सामने देना चाहते हैं। उनके अनुसार छत्तीसगढ़ पहला प्रदेश है, जहाँ मंदी की मार नहीं है। ये स्थिति बनाए रखने की उनकी आगे भी कोशिश रहेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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