Homeराजनीतिअजीत डोभाल ने की रूस के NSA से मॉस्को में मुलाकात, कश्मीर मुद्दे पर...

अजीत डोभाल ने की रूस के NSA से मॉस्को में मुलाकात, कश्मीर मुद्दे पर भारत के साथ है रूस

संयुक्त राष्ट्र में रूस ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था। संयुक्त राष्ट्र में रूस ने कहा था कि यह भारत का आंतरिक मामला है, इसमें किसी देश को दखल नहीं देना चाहिए। ऐसे में NSA डोभाल की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बुधवार (अगस्त 21, 2019) को रूसी समकक्ष निकोलाई पेत्रुशेव से मुलाकात की। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर बातचीत हुई। यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले महीने रूस के दौरे के मद्देनजर हुई। पीएम मोदी यहाँ 4-6 सितंबर को आयोजित होने वाले ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (EEF) में हिस्सा लेंगे।

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल-370 को निष्क्रीय करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेश में विभाजित करने से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इस मुद्दे को पाकिस्तान ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र में उठा चुका है। हालाँकि, वहाँ चीन के अलावा कोई अन्य देश उसका साथ नहीं दे रहा है।

जबकि संयुक्त राष्ट्र में रूस ने कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था। संयुक्त राष्ट्र में रूस ने कहा था कि यह भारत का आंतरिक मामला है, इसमें किसी देश को दखल नहीं देना चाहिए। ऐसे में NSA डोभाल की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के एनएसए के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों के बीच आतंकी गतिविधियों के खिलाफ आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खेती, शहर और AI… सबको चाहिए पानी, लेकिन भारत के जलाशय दे रहे खतरनाक संकेत: जानें- Moody’s की चेतावनी कितनी भयावह

मुंबई, दिल्ली और कई राज्यों के जलाशयों में घटते पानी के बीच Moody’s ने भारत के जल संकट को लेकर गंभीर चेतावनी दी है।

धर्म- संस्कृति की रक्षा, NGOs पर सख्ती: जानिए भारत के नए FCRA नियमों से कैसे लगेगी विदेशी फंडिंग से होने वाले धर्मांतरण पर लगाम

एफसीआरए नियमों में किए गए संशोधन विदेशी धन प्राप्त करने वाली संस्थाओं के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता के नए मानक स्थापित करेंगे। इन बदलावों से विदेशी फंडिंग के स्रोतों की बेहतर निगरानी हो सकेगी।
- विज्ञापन -