Tuesday, May 21, 2024
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इंटरलॉकिंग सिस्टम से हुई बड़ी छेड़छाड़: पूर्व रेल मंत्री ने समझाया कैसे ट्रेनें खुद नहीं बदलती ट्रैक, BJP नेता बोले- बालासोर हादसा TMC की साजिश

दिनेश त्रिवेदी ने दावा किया, "रेलवे ट्रैक पर ग्रीन सिग्नल था, ऐसे में इंटरलॉकिंग सिस्टम का इस तरह से खराब होना असंभव है। रेलवे सिस्टम में इस तरह की चीजें नहीं होतीं। यदि कभी इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल हो जाता है या खराब हो जाता है तो दूसरा सिस्टम काम करना शुरू कर देता है। इसे 'फेल-सेफ' कहा जाता है। यदि फेल-सेफ एक्टिव हो जाता है, तो रेलवे ट्रैक पर सभी सिग्नल रेड हो जाते हैं।"

ओडिशा ट्रेन हादसे को लेकर पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी (Dinesh Trivedi) ने ट्रेन के इंटरलॉकिंग सिस्टम में छेड़छाड़ होने का दावा किया है। वहीं, ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) मामले की सीबीआई जाँच का विरोध कर रहीं हैं। इसको लेकर बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने कहा है कि रेल हादसा TMC की साजिश है। इसलिए वह सीबीआई जाँच से डर रही हैं।

दरअसल, BJP नेता और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने न्यूज18 से बात करते हुए कहा है, “इंटरलॉकिंग सिस्टम और घटना में क्या हुआ, इसके बारे में मेरे पास जो इनपुट और समझ है, मुझे लगता है कि इसमें बड़ी छेड़छाड़ की गई थी। इसी के चलते कोरोमंडल एक्सप्रेस मेन ट्रैक से लूप लाइन पर चली गई। अब और अधिक जानकारी सामने आने के बाद मुझे 100% यकीन है कि यह दुर्घटना किसी बड़े छेड़छाड़ के चलते हुई।”

दिनेश त्रिवेदी ने दावा किया, “रेलवे ट्रैक पर ग्रीन सिग्नल था, ऐसे में इंटरलॉकिंग सिस्टम का इस तरह से खराब होना असंभव है। रेलवे सिस्टम में इस तरह की चीजें नहीं होतीं। यदि कभी इंटरलॉकिंग सिस्टम फेल हो जाता है या खराब हो जाता है तो दूसरा सिस्टम काम करना शुरू कर देता है। इसे ‘फेल-सेफ’ कहा जाता है। यदि फेल-सेफ एक्टिव हो जाता है, तो रेलवे ट्रैक पर सभी सिग्नल रेड हो जाते हैं।”

उन्होंने इस पूरी दुर्घटना को सुनियोजित करार देते हुए कहा है, “हमें यह समझना चाहिए कि एक लोको पायलट सिग्नल के आधार पर केवल ब्रेक दबा सकता है या ट्रेन की स्पीड बढ़ा सकता है। लोको पायलट न तो ट्रैक बदल सकता है और न ही ट्रेनों का रुट बदल सकता। लिहाजा, सिस्टम के अंदर से छेड़छाड़ किए जाने के बाद ट्रेन ने ट्रैक बदला और अपने आप ही मेन लाइन से लूप लाइन पर चली गई। अगर यह सिर्फ सिग्नल फेल होने या इंटरलॉकिंग सिस्टम की खराबी का मामला होता, तो ट्रेन इतनी आसानी से ट्रैक कभी नहीं बदल सकती थी। वास्तव में, सिस्टम के फेल होते ही सिग्नल अपने रेड हो जाता है।”

ज्ञात हो कि यूपीए सरकार में ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं। इसके बाद जब ममता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनीं तो TMC के कोटे से दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री बनाया गया था।

TMC प्रवक्ता ने शेयर किया ‘लीक’ ऑडियो

शुक्रवार (2 जून, 2023) को तीन ट्रेनों की टक्कर के होने के ठीक अगले दिन यानि शनिवार (3 जून, 2023) की शाम तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने ट्विटर पर एक ऑडियो शेयर किया था। इसमें रेलवे के दो अधिकारियों को बातचीत करते सुना जा सकता है। 

इनमें से फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को साउथ वेस्ट रेलवे का प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर (PCSO) बताया। वहीं, दूसरे ने खुद को साउथ इस्टर्न रेलवे के डिप्टी चीफ सेफ्टी ऑफिसर (DCSO) अशोक अग्रवाल बताया। ऑडियो में दोनों अधिकारियों सिग्नल में छेड़छाड़ की बात करते सुना जा सकता है। दिलचस्प बात यह है कि ऑडियो शेयर करते हुए कुणाल घोष ने यह भी लिखा है कि यह ऑडियो वेरिफाइ नहीं है।

सीबीआई जाँच से क्यों डर रही है TMC- शुभेंदु अधिकारी

ओडिशा ट्रेन हादसे की सीबीआई जाँच का विरोध करने से लेकर ऑडियो लीक तक के मामले में पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही कहा है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस की साजिश के चलते ही यह हादसा हुआ।

अधिकारी ने कहा है, “यह घटना टीएमसी की साजिश है। ये कल से इतना क्यों घबरा रहे हैं जबकि यह घटना तो दूसरे राज्य की है। ये लोग सीबीआई जाँच से क्यों डर रहे हैं? इन लोगों ने पुलिस की मदद से दोनों रेलवे अधिकारियों के फोन टैप किए। इन लोगों को रेलवे के दो अधिकारियों की बातचीत का पता कैसे चला? बातचीत कैसे लीक हो गई।  यह सब सीबीआई जाँच में यह आना चाहिए। नहीं आया तो मैं कोर्ट जाऊँगा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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