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कन्हैया लाल की हत्या के बाद ओवैसी ने फिर की नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की माँग, मजहब पर हुआ सवाल तो भड़के

उदयपुर की घटना को आतंकी घटना करार देने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि पहलू खान और अखलाक की हत्या भी आतंकी घटना है। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ लॉ सभी के लिए समान होना चाहिए।

राजस्थान के उदयपुर में हिन्दू टेलर कन्हैया लाल की बेरहमी से इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा हत्या कर वीडियो बनाने को आतंक करार दिया गया है। हालाँकि, इसके साथ ही असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owasi) ने कन्हैया लाल (Kanhaiya lal murder ) के हत्यारों को नौजवान करार दिया है। ओवैसी ने हिन्दुओं को बाँटने की कोशिश करते हुए कहा कि वो आरएसएस की विचारधारा का विरोध करते हैं, हिन्दू विचारधारा का नहीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, एमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी मध्य प्रदेश के नगरीय चुनाव में अपनी पार्टी का प्रचार करने के लिए भोपाल आए हुए थे। श्यामला हिल्स स्थित एक होटल में ओवैसी ने मुस्लिमों को संबोधित करते हुए कहा कि डरना है तो केवल अल्लाह से डरना। याद रखो केवल रब्बोलालमीन से ही डरना। कन्हैया लाल की हत्या पर ओवैसी ने कहा, “उदयपुर में दो नौजवानों के एक हिन्दू टेलर का कत्ल कर दिया। मैं उसका खुला खंडन करता हूँ। कानून में किसी को भी कत्ल करने की इजाजत नहीं है।”

इसके साथ ही ओवैसी ने तर्क दिया कि अगर राजस्थान पुलिस चौकस होती तो ये घटना नहीं होती। उदयपुर की घटना को आतंकी घटना करार देने के सवाल पर ओवैसी ने कहा कि पहलू खान और अखलाक की हत्या भी आतंकी घटना है। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ लॉ सभी के लिए समान होना चाहिए।

हालाँकि, आतंकवाद के धर्म के नाम पर भड़के ओवैसी ने सवाल को गोलमोल घुमाते हुए कहा कि आखिर महात्मा गाँधी को मारने वाले का क्या धर्म था।

नूपुर शर्मा पर उगला जहर

ओवैसी ने भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की माँग करते हुए केंद्र सरकार पर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। वहीं मध्य प्रदेश के खरगौन में पत्थरबाजों पर सरकार की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित करार दिया।

गौरतलब है कि नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित बयान के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट को आगे बढ़ाने के कारण 28 जून को इस्लामिक कट्टरपंथी रियाज अंसारी और गौस मोहम्मद ने उनकी हत्या कर दी थी। घटना के बाद से पूरे राजस्थान में उबाल है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मामले की जाँच अब एनआईए को सौंप दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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