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भारत से माफी माँगेगी फेसबुक-इंस्टाग्राम चलाने वाली मेटा? संसदीय समिति ने किया तलब, जुकरबर्ग ने कहा था- हार गई मोदी सरकार

निशिकांत दुबे ने कहा, "मेरी कमिटी ग़लत जानकारी के लिए मेटा को बुलाएगी। किसी भी लोकतांत्रिक देश की ग़लत जानकारी उसकी छवि को धूमिल करती है। इस गलती के लिए भारतीय संसद से तथा यहाँ की जनता से उस संस्था को माफ़ी माँगनी पड़ेगी।"

फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा को अब संसद तलब करेगी। मेटा को उसके CEO मार्क जुकरबर्ग के भारत की सरकार को लेकर हालिया बयान के चलते तलब किया जाएगा। मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही में दावा किया था कि कोविड महामारी के बाद अधिकांश सरकारें सत्ता से चली गईं। इसमें उन्होंने भारत का भी नाम लिया था। इसके बाद भारत में इसको लेकर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी। अब संसद की आईटी मामलों की स्थायी समिति इस मामले में कार्रवाई करने जा रही है।

संचार और आईटी मामलों की स्थायी संसदीय समिति के मुखिया निशिकांत दुबे ने इस मामले में मंगलवार (14 जनवरी, 2025) को मेटा को तलब करने का ऐलान किया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विट्टर) पर यह जानकारी दी है। निशिकांत दुबे ने कहा, “मेरी कमिटी ग़लत जानकारी के लिए मेटा को बुलाएगी। किसी भी लोकतांत्रिक देश की ग़लत जानकारी उसकी छवि को धूमिल करती है। इस गलती के लिए भारतीय संसद से तथा यहाँ की जनता से उस संस्था को माफ़ी माँगनी पड़ेगी।”

उन्होंने या ऐलान देश के आईटी मामलों के केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मार्क जुकरबर्ग के बयान पर जवाब के बाद दिया। अश्विनी वैष्णव ने इस मामले पर कहा, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, भारत ने 2024 के चुनावों में 64 करोड़ से अधिक मतदाताओं के साथ चुनाव सम्पन्न करवाए। भारत के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले NDA में अपने विश्वास की पुष्टि की। जुकरबर्ग का यह दावा कि 2024 के चुनावों में भारत सहित अधिकांश मौजूदा सरकारें कोविड के बाद हार गईं, तथ्यात्मक रूप से गलत है।”

केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मेटा के मुखिया का ही गलत जानकारी देते हुए देखना एकदम निराशाजनक है। गौरतलब है कि मेटा मुखिया जुकरबर्ग हाल ही में जो रोगन नाम के पॉडकास्ट में गए थे। उनका यह पॉडकास्ट 10 जनवरी, 2025 को रिलीज हुआ था। इस पॉडकास्ट के दौरान ही उन्होंने कंटेंट मॉडरेशन, सरकार पर भरोसा, COVID-19, एल्गोरिदम, सरकारी प्रभाव जैसे मुद्दों पर बात की। इसी बीच उन्होंने दावा किया कि कोविड महामारी के बाद कई देशों की सरकारे गईं और इसी में भारत का उदाहरण दिया।

इस मामले में में मेटा ने भी बाद में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। ना ही मेटा ने अपने CEO के बयान को लेकर माफी माँगी। अब मेटा को भारत में संसदीय समिति ने तलब कर लिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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