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केदारनाथ में मोदी-मोदी के नारों से जनता ने किया राहुल गाँधी का स्वागत, 5 राज्यों में चुनाव के बीच अचानक मंदिर क्यों पहुँचे पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष?

बता दें कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार चल रही है और लगातार दूसरी बार पार्टी ने वहाँ बहुमत पाया है, ऐसे में कॉन्ग्रेस की हालत वहाँ खस्ताहाल है।

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी रविवार (5 नवंबर, 2023) को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम पहुँचे, जहाँ जनता ने उनका स्वागत मोदी-मोदी के नारों से किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गाँधी जैसे ही वहाँ पहुँचते हैं, चारों तरफ से लोग मोदी-मोदी के नारे लगाना शुरू कर देते हैं। भाजपा के IT सेल के राष्ट्रीय प्रभारी अमित मालवीय ने भी ‘न्यूज़ तक’ चैनल का वीडियो शेयर किया, जिसमें उत्तराखंड में राहुल गाँधी का स्वागत मोदी-मोदी नारों से हो रहा है।

बता दें कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार चल रही है और लगातार दूसरी बार पार्टी ने वहाँ बहुमत पाया है, ऐसे में कॉन्ग्रेस की हालत वहाँ खस्ताहाल है। अभी 5 राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव प्रचार जोरों पर है और इन सभी में कॉन्ग्रेस मुख्य मुकाबले में है, ऐसे में राहुल गाँधी का अचानक पहाड़ों के बीच पहुँच जाना हैरत भरा है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में तो कॉन्ग्रेस सत्ता में है, वहीं तेलंगाना और मध्य प्रदेश में वो मुख्य विपक्षी दल है।

राहुल गाँधी ने केदारनाथ मंदिर में भी पूजा-अर्चना की और सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि उन्होंने यहाँ दर्शन प्राप्त किया और आराधना की। साथ ही उन्होंने ‘हर हर महादेव’ भी लिखा। एयरपोर्ट पर पहुँचते ही पार्टी के नेताओं ने उनका स्वागत किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि मंदिर में दर्शन कर वहाँ 3 दिनों का प्रवास और फिर वापस दिल्ली लौटने का प्लान है। गढ़वाल गेस्ट हाउस को उनके रुकने के लिए बुक किया गया है।

ये पहली बार है जब राहुल गाँधी केदारनाथ में 3 दिनों तक रुकेंगे। इससे पहले वो पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर भी पहुँचे थे और वहाँ जूते-चप्पल साफ़ कर के सेवा की थी। पंजाब में भी AAP के हाथों कॉन्ग्रेस की बुरी हार हुई है। अब राहुल गाँधी के सरप्राइज विजिट, वो भी चुनावों के बीच, चर्चा का विषय बन रहा है। हिन्दू त्योहारों पर भी वो कभी देवी-देवताओं की तस्वीरें नहीं डालते हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या कॉन्ग्रेस हिन्दुओं की भावनाओं को भुनाना चाहती है?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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