Homeराजनीति'महिलाओं के प्रति अपराध अक्षम्य, अपराधियों के साथ-साथ मददगार भी नहीं बख्शे जाने चाहिए':...

‘महिलाओं के प्रति अपराध अक्षम्य, अपराधियों के साथ-साथ मददगार भी नहीं बख्शे जाने चाहिए’: महाराष्ट्र में PM मोदी ने लखपति दीदियों की सफलता की बताई कहानी

लखपति दीदी योजना को लेकर पीएम ने कहा, "लोकसभा चुनाव के दौरान मैं आपके बीच आया था। तब मैंने कहा था हमें 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाना है, जो सेल्फ हेल्प ग्रुप का काम करती हैं। मैंने कहा था कि इनकी एक साल की कमाई 1 लाख रुपए से ज्यादा होगी। बीते दस साल में 1 करोड़ लखपति दीदी बनीं और बीते 2 महीने में 11 लाख नई लखपति दीदी बन गईं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार (25 अगस्त 2024) को महाराष्ट्र के जलगाँव में ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम में शामिल हुए और 11 लाख लखपति दीदियों को सर्टिफिकेट दिया। इस दौरान पीएम ने इस स्व-सहायता समूहों को 5,000 करोड़ रुपए का ऋण जारी किया। प्रधानमंत्री ने सभा संबोधित करते हुए रेप की घटनाओं पर भी दुख व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध अक्षम्य है।

प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा, “आज देश का हर राज्य अपनी बेटियों की पीड़ा और गुस्से को समझ रहा है। मैं देश के हर राजनीतिक दल और राज्य सरकार से कहूँगा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध अक्षम्य है। दोषी कोई भी हो उसे बचना नहीं चाहिए। सरकारें आती जाती रहेंगी। नारी के सम्मान और गरिमा और उनके जीवन की रक्षा का दायित्व हमारा है।”

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर की रेप एवं हत्या और बदलापुर में बच्चियों के यौन शोषण पर देश उबल रहा है। इनका नाम लिए बिना पीएम ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराध को किसी भी रूप में मदद करने वाले बचने नहीं चाहिए। अस्पताल हो, स्कूल हो, दफ्तर हो या फिर पुलिस व्यवस्था… जिस स्तर पर लापरवाही हो, सबका हिसाब होना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले अपराधियों के लिए हम कानून को मजबूत और सख्त बना रहे हैं। पहले शिकायतें आती थीं कि एफआईआर दर्ज नहीं होती थी। हम बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लाए और इसमें कई संशोधन किए। अगर महिला थाने नहीं जाना चाहती है तो वह ई-एफआईआर (ऑनलाइन) दर्ज करा सकती है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “ई-एफआईआर में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं कर सकता। शादी के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराध की शिकायतें आती थीं। हमने बीएनएस में संशोधन किए हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ है।” उन्होंने कहा कि भारत की मातृशक्ति ने समाज और राष्ट्र के भविष्य को बनाने में हमेशा से बहुत बड़ा योगदान दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा सरकार में महिला के हित में हुए कार्यों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार आज बेटियों के लिए हर सेक्टर को खोल रही है, जहाँ कभी उन पर पाबंदियाँ होती थीं। आज तीनों सेनाओं में महिला अफसर तैनात हो रही हैं। फाइटर पायलट बन रही हैं। गाँव में कृषि और डेयरी सेक्टर से लेकर स्टार्टअप्स क्रांति तक में बेटियाँ बिजनेस मैनेज कर रही हैं।

लखपति दीदी योजना को लेकर पीएम ने कहा, “लोकसभा चुनाव के दौरान मैं आपके बीच आया था। तब मैंने कहा था हमें 3 करोड़ बहनों को लखपति बनाना है, जो सेल्फ हेल्प ग्रुप का काम करती हैं। मैंने कहा था कि इनकी एक साल की कमाई 1 लाख रुपए से ज्यादा होगी। बीते दस साल में 1 करोड़ लखपति दीदी बनीं और बीते 2 महीने में 11 लाख नई लखपति दीदी बन गईं।”

इस योजना की सफलता के उत्साहवर्द्धक नतीजे मिलने की बात करते हुए पीएम ने कहा, “इस महीने 1 लाख से ज्यादा लखपति दीदी बनी हैं। इसके लिए महायुति सरकार ने बहुत मेहनत की है। महाराष्ट्र में एक से बढ़कर एक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। लखपति दीदी बनाने का ये अभियान सिर्फ बहनों बेटियों की कमाई बढ़ाने का अभियान नहीं है। ये आने वाली पीढ़ियों को सशक्त करने का अभियान है।”

महिला मंडलों को सरकार द्वारा दिए गए प्रोत्साहन को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “साल 2014 तक 25,000 करोड़ रुपए से भी कम बैंक लोन सखी मंडलों को मिला था। वहीं, पिछले 10 साल में करीब 9 लाख करोड़ रुपए की मदद दी गई है। कहाँ 25 हजार करोड़ और कहां 9 लाख करोड़। इतना ही नहीं सरकार जो सीधी मदद देती है। उसका परिणाम मिला है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -