Homeराजनीतिअगले 5 साल के लिए बढ़ाई गई 80 करोड़ गरीबों को राशन वाली योजना:...

अगले 5 साल के लिए बढ़ाई गई 80 करोड़ गरीबों को राशन वाली योजना: खुद PM मोदी ने किया ऐलान, PMGKAY के अलावा NFSA के तहत भी मिलता रहेगा अनाज

NFSA के तहत पहले से जो अनाज मिल रहा है, वो भी नियमित रूप से चलता रहेगा। PMGKAY के बारे में बता दें कि ये 30 जून, 2020 से लेकर अब तक चलती आ रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि गरीबों के लिए चल रही राशन योजना को अगले 5 साल के लिए फिर बढ़ाने का फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा, “मैंने निश्चय कर लिया है कि देश के 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देने वाली योजना को भाजपा सरकार अब अगले 5 साल के लिए और बढ़ाएगी। आपका ये प्यार और आशीर्वाद मुझे हमेशा पवित्र निर्णय करने की ताकत देता है।”

बता दें कि देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिए जाने की योजना कोरोना वायरस महामारी के दौरान शुरू की गई थी और उसके बाद इसे कई बार आगे बढ़ाया जा चुका है। अब अगले 5 वर्ष तक इसका लाभ जनता को मिलता रहेगा। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)’ के तहत हर महीने प्रति व्यक्ति को 5 किलो अनाज मुफ्त में मिलते हैं। ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA)’ पहले से ही लागू है, ये योजना इसके साथ-साथ ही चल रही है।

NFSA के तहत पहले से जो अनाज मिल रहा है, वो भी नियमित रूप से चलता रहेगा। PMGKAY के बारे में बता दें कि ये 30 जून, 2020 से लेकर अब तक चलती आ रही है। इससे पहले इसे दिसंबर 2023 तक बढ़ाया गया था। ये 1.70 लाख करोड़ के वार्षिक बजट का पैकेज है। पीएम मोदी ने इसे 5 साल के लिए बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि वो गरीब के बेटे हैं, उन्होंने गरीबी देखी है और इसीलिए वो गरीबों का दर्द को भी समझते हैं।

बता दें कि इस योजना के तहत हर परिवार को 5 किलो गेहूँ या चावल और 1 किलो दाल मुफ्त में मिलती है। साथ ही एक किलो साबूत चना भी उन्हें दिया जाता है। इसमें गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों को मदद मिलती है। सीमान्त किसानों और दिव्यांगों को भी इसका लाभ मिलता है। इस योजना को केंद्र सरकार के ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में भी देखा जाता है, जिससे गरीबों को अच्छा-खासा लाभ हुआ है। इसके कारण भीषण वैश्विक महामारी के दौरान भी देश भुखमरी से बच गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -