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‘वापस जाओ, तुम्हें वोट नहीं मिलेगा’: तिरुवनंतपुरम में शशि थरूर का कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया विरोध, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

कॉन्ग्रसे के नेता वीडी सतीशन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, "थरूर पार्टी के एक प्रमुख नेता हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनका काफी सम्मान किया जाता है। ऐसे कई प्रयास उन लोगों द्वारा किए जा रहे हैं, जो थरूर की छवि को खराब करना चाहते हैं। इस घटना के पीछे सीपीएम कार्यकर्ता हैं।”

केरल के तिरुवनंतपुरम शहर के बलरामपुरम में रविवार (7 अप्रैल 2024) को चुनाव प्रचार के दौरान कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के सांसद शशि थरूर को रोक दिया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोगों को उनके खिलाफ नारे लगाते हुए देखे जा सकते हैं। थरूर का विरोध करते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘वापस जाओ’ और ‘तुम्हें कोई वोट नहीं’।

दरअसल, यह शर्मनाक घटना तब हुई जब शशि थरूर कॉन्ग्रेस के स्थानीय विधायक एम विंसेंट के साथ अपने प्रचार अभियान पर थे। इस घटना ने कॉन्ग्रेस नेतृत्व को परेशान कर दिया है। वहीं, कॉन्ग्रेस के विरोधी दल उसका मजाक उड़ाने के लिए इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। जनम टीवी ने इस वीडियो को शेयर किया है।

दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस इस शर्मिंदगी को छिपाने के लिए बहाने बना रही है। कॉन्ग्रेस पार्टी इस घटना को मामूली विवाद बता रही है। कॉन्ग्रेस का कहना है कि राज्य की सत्तारूढ़ वामपंथी दल सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने इस घटना को अंजाम दिया है और अब वे कॉन्ग्रेस को बदनाम कर रहे हैं।

कॉन्ग्रसे के नेता वीडी सतीशन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “थरूर पार्टी के एक प्रमुख नेता हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनका काफी सम्मान किया जाता है। ऐसे कई प्रयास उन लोगों द्वारा किए जा रहे हैं, जो थरूर की छवि को खराब करना चाहते हैं। इस घटना के पीछे सीपीएम कार्यकर्ता हैं।”

पार्टी विधायक एम विंसेंट, जो उस समय शशि थरूर के साथ थे, ने भी दावा किया कि यह एक छोटी घटना थी और प्रदर्शनकारियों की शिकायतों को सुलझा लिया गया था। बता दें कि शशि थरूर साल 2009 से केरल के तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस के सांसद हैं।

कॉन्ग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 में भी उन्हें फिर से मैदान में उतारा है। शशि थरूर ने विभिन्न निवेशों और शैक्षणिक योग्यताओं सहित 55 करोड़ रुपए से अधिक की अपनी संपत्ति घोषित की है। वहीं, उन्हें कई राज्यों में अदालती मामलों के साथ कानूनी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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