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पुणे: बच्चों ने कहा बच्चों जैसी बातें करते हैं राहुल गाँधी, पहले से तैयार होती है स्क्रिप्ट

राहुल के जवाबों से निराश हो चुके बच्चों ने प्रधानमंत्री की 'परीक्षा पे चर्चा' पर भी जिक्र किया। दोनों राजनेताओं की तुलना करते हुए वहाँ मौजूद एक लड़के ने बताया कि मोदी की छात्रों से हुई बातचीत प्रासंगिक और करियर आधारित थी।

हाल ही में राहुल गाँधी ने पुणे पहुँचकर भारतीय विद्यापीठ के छात्रों से मुलाकात की थी। जिसे कॉन्ग्रेस पार्टी के करीबी कदम परिवार द्वारा संचालित किया जाता है। इस मुलाकात के बाद इंडिया टुडे की टीम वहाँ पर बच्चों की राय जानने पहुँची तो सत्र की हकीकत का खुलासा हुआ।

यहाँ छात्रों से बातचीत के दौरान एक लड़के ने अपनी बुलंद आवाज़ में पूरे सत्र की हकीकत को बयान किया। छात्र ने बताया कि राहुल गाँधी की बातचीत में सब कुछ पहले से लिखी हुई स्क्रिप्ट की तरह था। बच्चों को वहाँ अपने अनुसार सवाल पूछने तक के लिए मना किया गया था। साथ ही राहुल को पहले से पता था कि उनसे क्या पूछा जाने वाला है।

वहीं दूसरे लड़के ने बताया कि राहुल से पूछे गए सवालों में और उनके द्वारा दिए जा रहे जवाबों में कोई तालमेल नहीं बैठ रहा था। छात्र का कहना था कि राहुल जिस मंच पर थे वो कोई ऐसा मंच नहीं था जहाँ पर भावुक होकर किसी की बचपन की यादें गिनाई जाएँ। छात्र ने कहा, “हम यहाँ पर अपने सवालों का सही जवाब लेने आए थे। हमें उनसे परिपक्व और सटीक जवाबों की उम्मीद थी।”

राहुल के जवाबों से निराश हो चुके बच्चों ने प्रधानमंत्री की ‘परीक्षा पे चर्चा’ पर भी जिक्र किया। दोनों राजनेताओं की तुलना करते हुए वहाँ मौजूद एक लड़के ने बताया कि मोदी की छात्रों से हुई बातचीत प्रासंगिक/ उचित और करियर आधारित थी। जबकि राहुल की बातचीत सिर्फ़ चुनाव संबंधित थी। बच्चों ने राहुल के साथ हुए इस सत्र को जरूरी बताया। उनका कहना था कि सबकी बातें सुनकर वो अब तय कर सकते हैं कि उन्हें किसके लिए वोट करना है। इसके अलावा एक बच्चे ने इस सत्र के बारे में बताया कि यहाँ सिर्फ़ 5-6 बच्चों को राहुल से सवाल पूछने का मौक़ा मिला।

बता दें कि कुछ दिन पहले पुणे में हुई बच्चों से इस बातचीत का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ था। जिसमें राहुल गाँधी बच्चों को बताने की कोशिश कर रहे थे कि वो नरेंद्र मोदी से बहुत प्यार करते हैं लेकिन मोदी उनसे नफरत करते हैं। यहाँ ऐसी बात कहने के बाद राहुल उम्मीद लगाए बैठे थे कि उनके समर्थन में बच्चे नारे लगाएँगे या तालियों की गड़गड़ाहट से सभाकार गूँज उठेगा। लेकिन वहाँ राहुल का फेंका पासा उन्हीं पर महंगा पड़ गया। राहुल की बात खत्म होते ही कुछ बच्चे मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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