Homeराजनीतिपंजाब AAP MLA सुखपाल खैहरा ने लगाए केजरीवाल पर आरोप, दिया इस्तीफ़ा

पंजाब AAP MLA सुखपाल खैहरा ने लगाए केजरीवाल पर आरोप, दिया इस्तीफ़ा

खैहरा ने केजरीवाल को लिखे पत्र में पार्टी द्वारा उन्हें अपमानित किए जाने की बात लिखी है और यह भी कहा कि वो जिस उद्देश्य से अन्ना हज़ारे आंदोलन के दौरान पार्टी से जुड़े थे, पार्टी उन मुद्दों से भटक चुकी है।

आम आदमी पार्टी पर छाए हुए संकट के बादल हटने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। एक ही सप्ताह में पार्टी के 2 बड़े विकेट पवेलियन जा चुके हैं। फुलका के त्यागपत्र के बाद रविवार को आम आदमी पार्टी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने भी आप पार्टी के साथ चल रहे लम्बे विवाद के बाद अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी है।

एक ओर जहाँ आम आदमी पार्टी पंजाब राज्य की जनता से बहुत उम्मीद लगाकर चल रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के भीतर चल रही उठा-पटक कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक सप्ताह पहले ही आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एडवोकेट एचएस फुलका ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा देकर सक्रिय राजनीति को अलविदा कह दिया था। फुलका आम आदमी पार्टी की तरफ से पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी रह चुके हैं।

क्या है सुखपाल सिंह खैहरा के इस्तीफ़े का कारण?

रविवार सुबह ही काफी समय से पार्टी से चल रहे विवाद के बाद आम आदमी पार्टी के एमएलए सुखपाल सिंह खैहरा ने भी पार्टी को त्यागपत्र दे दिया। खैहरा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को लिखे पत्र में पार्टी द्वारा उन्हें अपमानित किए जाने की बात लिखी है। साथ ही पत्र में ये भी लिखा है कि वो जिस उद्देश्य से अन्ना हज़ारे आंदोलन के दौरान पार्टी से जुड़े थे, पार्टी उन मुद्दों से भटक चुकी है।

अरविंद केजरीवाल कर चुके थे अनुशासनहीनता के लिए निलंबित

वर्तमान में पंजाब विधानसभा में आम आदमी पार्टी विधायकों की संख्या घटकर 18 हो चुकी है। एचएस फुलका के इस्तीफ़े के बाद नेता विपक्ष खैहरा को बनाया गया था, लेकिन पार्टी-विरोधी गतिविधियों के कारण उनसे ये पद आम आदमी पार्टी द्वारा छीन लिया गया। इसके बाद खैहरा बागी हो गए थे और पार्टी ने खैहरा के साथ उनके साथी विधायक कंवर संधू को पार्टी से निलंबित कर दिया था। पार्टी अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल से खैहरा के संबंध काफी समय से विवादित चल रहे थे। पिछली पंजाब रैली के बाद अरविंद केजरीवाल ने खैहरा और कंवर संधू को अनुशासनहीनता के कारण निलंबित कर दिया था। तभी से सुखपाल सिंह खैहरा नया राजनीतिक मोर्चा बनाने का प्रयास कर रहे थे।


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -