Homeराजनीति10 महीने में ही पंजाब की AAP सरकार का दूसरा विकेट गिरा: भगवंत मान...

10 महीने में ही पंजाब की AAP सरकार का दूसरा विकेट गिरा: भगवंत मान के मंत्री फौजा सिंह का इस्तीफा, वायरल हुआ था जबरन वसूली का ऑडियो

इसके पहले भष्टाचार के आरोपों की वजह से स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। उन पर टेंडर में कमीशन लेने के इल्ज़ाम लगे थे। इसके बाद सिंगला को जेल में भी रहना पड़ा था।

पंजाब में फौजा सिंह सरारी ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। 10 महीने पुरानी आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार से विदा होने वाले सरारी दूसरे कैबिनेट मंत्री हैं। इससे पहले विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सरारी की जगह डॉक्टर बलबीर सिंह को कैबिनेट में जगह मिली है। मुख्यमंत्री भगवत सिंह मान की मौजूदगी में राज्यपाल ने शनिवार (7 जनवरी 2023) को राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई।

फौजा सिंह के पास खाद्य और बागवानी मंत्रालय था। इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा है कि वे आप के वफादार सिपाही बने रहेंगे। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। इससे संबंधित उनका एक ऑडियो भी वायरल हुआ था।

सितंबर 2022 में यह ऑडियो वायरल हुआ था। उस समय मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर थे। दावा किया गया था कि ऑडियो में सरारी ठेकेदारों से वसूली की प्लानिंग कर रहे थे। ऑडियो बाहर आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए थे। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने फौजा सिंह को शो कॉज नोटिस जारी किया था। इस नोटिस का उन्होंने क्या जवाब दिया, जवाब दिया भी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

उस वक्त फौजा सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद करार दिया था। उन्होंने लीक ऑडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज करते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया था। अब उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है।

इसके पहले भष्टाचार के आरोपों की वजह से स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को बर्खास्त किया गया था। सिंगला पर विभाग द्वारा जारी टेंडर में कमीशन लेने के इल्ज़ाम लगे थे। इसके बाद सिंगला को जेल में भी रहना पड़ा था। हालाँकि सिंगला को आम आदमी पार्टी से बर्खास्त नहीं किया गया। गौरतलब है कि पंजाब के अलावा दिल्ली की आप सरकार के मंत्रियों पर भी भष्टाचार के आरोप हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केजरीवाल सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन महीनों से सलाखों के पीछे हैं। पार्टी ने उनका भी इस्तीफा नहीं लिया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -