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स्मृति ईरानी से मुकाबले की हिम्मत नहीं जुटा पाए राहुल गाँधी, माँ सोनिया की छोड़ी सीट रायबरेली से लड़ेंगे चुनाव: बहन प्रियंका भी मैदान में उतरने से पीछे हटी

राहुल गाँधी ने इस बार अमेठी सीट से सांसद स्मृति ईरानी से मुकाबला ना करने का निर्णय लिया है। रायबरेली से अब तक सोनिया गाँधी सांसद थी लेकिन वह हाल ही में राजस्थान से राज्यसभा चली गई थीं, इसके बाद यह सीट खाली हो गई थी।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसकी जगह कॉन्ग्रेस ने उन्हें रायबरेली लोकसभा से प्रत्याशी बनाया है। कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी की जगह अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। इन दोनों जगह शुक्रवार (3 मई, 2024) को नामांकन की आखिरी तिथि है।

कॉन्ग्रेस की शुक्रवार को जारी गई सूची में राहुल गाँधी के नाम का रायबरेली से ऐलान किया गया है। इससे पहले उनके अमेठी से चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे। अमेठी से वह 2019 तक सांसद थे लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से हार गए थे। वह इस दौरान केरल के वायनाड से चुनाव लड़े थे जहाँ से उन्हें जीत हासिल हुई थी।

राहुल गाँधी ने इस बार अमेठी सीट से सांसद स्मृति ईरानी से मुकाबला ना करने का निर्णय लिया है। रायबरेली से अब तक सोनिया गाँधी सांसद थी लेकिन वह हाल ही में राजस्थान से राज्यसभा चली गई थीं, इसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। पहले रायबरेली से प्रियंका गाँधी को लोकसभा लड़ाए जाने की चर्चा थी लेकिन उन्होंने भी अपने हाथ खींच लिए हैं।

राहुल गाँधी भाजपा के प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह का मुकाबला करेंगे। दिनेश प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उनके नाम का ऐलान गुरुवार (2 मई, 2024) को किया गया। वह 2019 में भी सोनिया गाँधी के विरुद्ध चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे।

दूसरी तरफ कॉन्ग्रेस ने अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वह केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का मुकाबला करेंगे। बताया जा रहा है कि किशोरी लाल शर्मा गाँधी परिवार के पुराने विश्वस्त रहे हैं और राजीव गाँधी के समय से अमेठी और रायबरेली क्षेत्र में गाँधी परिवार के प्रतिनिधि के तौर पर काम करते आए हैं।

किशोरी लाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और उनकी गाँधी परिवार के प्रति निष्ठा को देखकर ही उन्हें अमेठी से उतारा गया है। वह यहाँ गाँधी परिवार के चुनाव प्रबन्धन की जिम्मेदारी भी देखते रहे हैं, इसके अलावा वह पंजाब कॉन्ग्रेस कमिटी के सदस्य और बिहार के प्रभारी भी रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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