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‘उन लोगों की स्थिति देख लीजिए, जो पार्टी छोड़ कर गए’: कॉन्ग्रेस के प्रभारी ने कर दी सचिन पायलट की ‘बेइज्जती’, बोले – उनकी यात्रा व्यक्तिगत, हमारा लेना-देना नहीं

बता दें कि पायलट ने अजमेर से जयपुर तक 125 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली थी। इसके समापन के बाद उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनकी माँगे नहीं मानी गई तो महीने के आखिर में राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत होगी।

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच खींचतान जारी है। शनिवार (20 मई, 2023) को कॉन्ग्रेस प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा का एक बयान सामने आया है। रंधावा का यह बयान पायलट को लेकर दिया गया बताया जा रहा है। पिछले दिनों पायलट ने भ्रष्टाचार को लेकर अपने ही सरकार के खिलाफ पदयात्रा भी निकाली। बताया जा रहा है कि उनका यह कदम गहलोत के अलावा कई पार्टी नेताओं को नागवार गुजरा है।

एयरपोर्ट पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए रंधावा ने कहा कि कॉन्ग्रेस कभी भी असहमति जताने वाले नेताओं को पार्टी से नहीं निकालती। कॉन्ग्रेस ऐसी पार्टी है जो हर व्यक्ति का सम्मान करती है और वे उसे नहीं जाने देना चाहती जो इसके साथ लंबे समय से रहे हों। उन्होंने कहा कि आपको उन लोगों की स्थिति का पता है जो पार्टी छोड़कर गए हैं। रंधावा ने पायलट की ‘जन संघर्ष यात्रा’ को एक व्यक्तिगत यात्रा करार दिया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस का उससे कोई लेना देना नहीं है।

बता दें कि पायलट ने अजमेर से जयपुर तक 125 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली थी। इसके समापन के बाद उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनकी माँगे नहीं मानी गई तो महीने के आखिर में राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत होगी। पायलट ने राजस्थान पब्लिक सर्विस कमिशन को खत्म करके इसके पुनर्गठन की भी माँग की है। उनकी तीसरी माँग पेपर लीक के कारण प्रभावित नौजवानों को मुआवजा दिए जाने और मामले की हाई लेवल जाँच कराए जाने की भी है।

बता दें कि राजस्थान में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कभी उनके डिप्टी रहे सचिन पायलट की लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। दोनों नेता एक दूसरे पर तंज करने और छींटाकशी का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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