Monday, May 20, 2024
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‘अशोक गहलोत ने मुझे दी थी कॉल रिकॉर्डिंग वाली पेन ड्राइव’: पूर्व CM के OSD ने ही किया खुलासा – गजेंद्र शेखावत की छवि खराब करने के लिए रची साजिश

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर उन्हीं के पूर्व ओएसडी लोकेश शर्मा ने फोन कॉल टैपिंग मामले में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कॉल रिकॉर्डिंग वाला पेन ड्राइव मुख्यमंत्री गहलोत ने उन्हें दिया था।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी रहे लोकेश शर्मा ने कई बड़े खुलासे किए हैं। फोन टैपिंग मामले में फँसे लोकेश शर्मा ने बुधवार (24 अप्रैल 2024) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने कहा कि कॉल रिकॉडिंग वाली पेन ड्राइव उन्हें खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी थी। उन्होंने मुझे ऑडियो को मीडिया के पास भेजने के लिए कहा था, मैंने उनके द्वारा कही गई बातों तो मीडिया तक पहुँचा। इस बारे में अगले दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खबरें देखी और उसके बाद में मुकदमा दर्ज हुआ।

लोकेश शर्मा ने कहा, “16 जुलाई 2020 को शाम को कुछ ऑडियो क्लिप वायरल हुई थीं। मैंने अपने मोबाइल नंबर से आप सभी मीडिया के साथी को वह ऑडियो क्लिप भेजी थी। उस ऑडियो क्लिप में विधायकों की खरीद-फरोक्त की साजिश रची जा रही थी। और मुझे जो कहा गया वह मैंने किया। घटना इस तरह से थी, 16 जुलाई 2020 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होटल फेयर माउंट में आए थे क्योंकि उसे क्राइसिस के दौरान जो विधायक बाड़ेबंदी में विधायक रुके हुए थे। सुबह और शाम दोनों समय मुख्यमंत्री वहां आते थे। बातचीत करते थे, वह उनका रुटीन था।”

लोकेश शर्मा ने आगे कहा, “16 जुलाई 2020 को लगभग 4 बजे वह होटल से निकले उनके जाने के 1 घंटे बाद पीएसओ रामनिवास का मेरे पास कॉल आया कि आप तुरंत मुख्यमंत्री निवास पहुँचे। मुख्यमंत्री जी आपको बुला रहे हैं। मैं 10 मिनट बाद होटल से निकाला और सीधा सीएम आवास पहुँचा। क्योंकि कूकस काफी दूर है आने में करीब एक से डेढ़ घंटा लगा। उसी दौरान मेरे पास तीन से चार कॉल रामनिवास के आए थे। कहां अभी तक पहुँचे क्यों नहीं। वहाँ पहुँचा तो मुझे यह कागज और पेन ड्राइव मुझे मुख्यमंत्री जी ने दिया। इस ऑडियो क्लिप में इस पेन ड्राइव में वह तीनों ऑडियो क्लिप थी। उसकी ओर से स्क्रिप्ट लिखी हुआ कागज भी मुझे दिया।”

लोकश शर्मा ने आगे बताया, “मैंने आप सबको भेजे इस पेपर में कथित रूप से गजेंद्र सिंह रावत जो तत्कालीन केंद्रीय मंत्री थे, हमारे विधायक भंवरलाल शर्मा और एक संजय जैन, इन तीनों की बातचीत का हवाला दिया गया। इस पेन ड्राइव में वह सारी जानकारी थी। पेपर देकर मुझे कहा तुरंत जाइए और मीडिया को यह ऑडियो क्लिप सर्कुलेट कर दीजिए, क्योंकि पेन ड्राइव उसे सीधे सर्कुलेट नहीं किया जा सकता था। तो मैं इसे लेकर घर आया और मैं अपने इस लैपटॉप में ट्रांसफर किया। लैपटॉप से मैंने ऑडियो क्लिप से अपने मोबाइल में लिया उसे फोन के जरिए सभी मीडिया साथियों को फॉरवर्ड किया। यह वीडियो ऑडियो क्लिप मुझे सोशल मीडिया के जरिए नहीं मिली। पेन ड्राइव के जरिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुझे दी थी। उन्होंने मुझे कहा और वह काम मैंने किया। अगले दिन मुझे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खबरें देखी और उसके बाद में मुकदमा दर्ज हुआ।”

लोकेश शर्मा ने कहा कि सचिन पायलट समेत उनके गुट के सभी विधायकों के फोन टेप किए जाते थे। तीन विधायकों ने अशोक गहलोत के समर्थन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, उसे भी मैंने ही मैनेज किया था।

पीसी में लोकेश शर्मा ने गहलोत पर बड़ा हमला करते हुए यह भी कहा कि मेरे राजनीतिक गुरु अशोक गहलोत ने अपनी कुर्सी को बचाने के लिए मेरा उपयोग किया था। बाद में मेरे फ़ोन को डिस्ट्रॉय करवाया। लोकेश ने कहा कि अशोक गहलोत को मुझ पर संदेह था, इसलिए 26 नवम्बर 2021 को मेरे कार्यालय में एसओजी की रेड करवाई गई थी। सरकार बच गई तो मेरे केस के बारे में बात करना बंद कर दिया। तीन साल से दिल्ली क्राइम ब्रांच में पूछताछ जारी है।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के संजीवनी घोटाले पर लोकेश शर्मा ने कहा कि गहलोत के कहने पर गजेंद्र सिंह शेखावत की छवि ख़राब करने के लिए सजीवनी क्रेडिट सोसायटी का मुद्दा उठाया गया। बता दें कि संजीवनी क्रेडिट सोसायटी के मामले में शेखावत ने गहलोत पर मानहानि का केस भी किया है। जिसकी अभी कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

पेपर लीक के मामले में लोकेश शर्मा ने गहलोत सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि रीट मामले में पेपर लीक करवाने में गहलोत सरकार के सिस्टम की मिलीभगत थी। युवाओं के सपने तोड़ने वाले अशोक गहलोत अपने पुत्र के भविष्य को लेकर दिन रात एक कर रहे हैं। लोकेश शर्मा ने भाजपा सरकार से पेपर लीक मामले में चल रही जाँच में हर संभव सहयोग की बात भी कही।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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